
- अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिक, घुसपैठियों, बांग्लादेशी तथा संदिग्ध बाहरी व्यक्तियों को चिन्हित कर की जाएगी सख्त कार्यवाही
थाना स्तर पर होंगी विशेष टीमें गठित, नियमित समीक्षा व जवाबदेही तय
भय मुक्त वातावरण के साथ आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता –डीजीपी
अभियान के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान के लिए आधुनिक तकनीकी साधनों एवं केंद्रीय डाटाबेस का उपयोग किया जाएगा। नेशनल इंटेलीजेंस ग्रिड (NATGRID), सीसीटीएनएस, आईसीजेएस सहित अन्य केंद्रीय/राज्य सुरक्षा पोर्टलों के माध्यम से सूचना मिलान एवं सटीक विश्लेषण किया जाएगा। अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों, विशेष रूप से अवैध घुसपैठियों, बांग्लादेशी तथा वीज़ा अवधि समाप्त होने के उपरांत भी ठहरे हुए विदेशी नागरिकों की पहचान कर उनके विरुद्ध आवश्यक वैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत कठोर कार्यवाही की जाएगी।
प्रदेश के समस्त रिहायशी क्षेत्रों, मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, सर्विस सेंटर, कोचिंग संस्थान, जिम, स्कूल, विश्वविद्यालय, ट्रांसपोर्ट एजेंसियों, ब्यूटी पार्लर एवं सैलून आदि प्रतिष्ठानों में हाई रिज़ोल्यूशन सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता, उनकी कार्यशील स्थिति एवं रिकॉर्डिंग व्यवस्था का परीक्षण किया जाएगा। तैनात सुरक्षा कर्मियों का चरित्र सत्यापन कर उन्हें आवश्यक सुरक्षा ब्रीफिंग प्रदान की जाएगी।
अभियान के दौरान जिला पुलिस, स्थानीय अभिसूचना इकाई, एसओजी एवं एसटीएफ द्वारा संयुक्त रूप से कार्यवाही की जाएगी। प्राप्त सूचनाओं का विश्लेषण कर आवश्यकतानुसार अन्य राज्यों एवं केंद्रीय एजेंसियों से समन्वय स्थापित किया जाएगा। प्रत्येक थाना स्तर पर विशेष फील्ड टीमों का गठन किया गया है। सीओ से लेकर आईजी रेंज स्तर तक समीक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस का यह व्यापक अभियान महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं स्थानीय निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। डीजीपी ने कहा,”पूरे अभियान की मॉनिटरिंग के साथ-साथ हर स्तर पर जवाबदेही तय की गई है। आपराधिक तत्वों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा।”



