CBI Probe into Ankita Murder Case: उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच कराएगी। शुक्रवार शाम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता मर्डर केस की सीबीआई जांच की संस्तुति करते हुए कहा कि अंकिता के माता-पिता सीबीआई जांच चाहते थे और उनसे मुलाक़ात के बाद यह फ़ैसला लिया गया है। ज्ञात हो कि क़रीब तीन साल पहले वनंतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम कर रही अंकिता भंडारी की हत्या का मामला उजागर हुआ था। इस मामले में कानूनी कार्यवाही के बाद रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो सहयोगियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी और फिलहाल मामला नैनीताल हाई कोर्ट में विचाराधीन है।
हालांकि शुरू से ही इस हत्याकांड की जड़ में कथित वीआईपी के होने की बात कही जा रही थी लेकिन एसआईटी जांच से तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास तक की लड़ाई में कथित वीआईपी की पहेली अनसुलझी ही रही। इसी के चलते लगातार लोग वीआईपी के नाम के खुलासे के लिए सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे।
पिछले दिनों जिस तरह से हरिद्वार जिले की ज्वालापुर सुरक्षित सीट से भाजपा के विधायक रहे सुरेश राठौर और उनकी कथित पत्नी एक्ट्रेस उर्मिला सनावर में सोशल मीडिया पर छिड़ी लड़ाई के वायरल ऑडियो-वीडियो प्रकरण के बाद अंकिता हत्याकांड में सीबीआई जांच की मांग नए सिरे से ज़ोर पकड़ती है। एक्ट्रेस उर्मिला ने सोशल मीडिया में पूर्व विधायक सुरेश राठौर से जुड़ा ऑडियो वायरल किया जिसके बाद पूरे प्रदेश में विपक्ष सहित सामाजिक संगठनों ने आंदोलन छेड़ दिया और अब आख़िरकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले में सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी है। वायरल ऑडियो वीडियो के बाद जिस तरह से उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने दिल्ली में जाकर कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेंस की और प्रदेश भर में विपक्षी स्वर मुखर हुए उसी दौरान भारी विरोध के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी के माता–पिता से मुलाकात की और उसके बाद अब बड़ा फैसला लिया है। सीएम धामी ने अंकिता हत्याकांड प्रकरण की सीबीआई जांच कराए जाने की संस्तुति कर दी है। ज़ाहिर है अब राज्य सरकार की संस्तुति के बाद इस पर केंद्र सरकार फैसला लेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी प्रकरण पर कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने बिना किसी देरी के पूरी संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। केस से जुड़े सभी अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार किया गया और राज्य सरकार की ओर से प्रभावी और सशक्त पैरवी सुनिश्चित की गई। आरोपी सलाखों के पीछे हैं और आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। सीएम ने दोहराया है कि राज्य सरकार की अंकिता के परिवार के साथ पूरी संवेदना है।
जानिए तीन साल बाद फिर क्यों चर्चा में अंकिता हत्याकांड ?
जैसा कि ऊपर बताया गया है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में नए सिरे से सीबीआई जांच की मांग ने पूर्व विधायक की कथित पत्नी उर्मिला सनावर द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल किए गए ऑडियो-वीडियो के बाद ही ज़ोर पकड़ा। भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर को लेकर एक्ट्रेस उर्मिला द्वारा फेसबुक पर लाइव आकर खुलासा किया था कि कथित वीआईपी को लेकर उनको जानकारी मिली है। ऐसे ही एक वीडियो में एक्ट्रेस उर्मिला ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी गट्टू का जिक्र किया। साथ ही एक ऑडियो क्लिप भी चलाया और सुरेश राठौर के साथ ही एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य के पास बुलडोज़र एक्शन किसने कराया से लेकर वीआईपी पाए पूरी जानकारी होने का दावा किया जिसके बाद इस मामले ने दोबारा तूल पकड़ा और अब सीबीआई जांच तक मामला पहुंच गया है।
गणेश गोदियाल ने संभाला मोर्चा
इस मामले के फिर से तूल पकड़ने के बाद उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सीधे दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेंस करके पूर्व भाजपा विधायक के ऑडियो में वीआईपी के जिक्र का मुद्दा उठाया। कांग्रेस के अलावा कई अन्य संगठनों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया था और प्रदेश भर से सीबीआई जांच की मांग आ रही थी। इसे लेकर 11 जनवरी को उत्तराखंड बंद का भी एलान किया गया है।
अंकिता मर्डर केस में तीनों आरोपियों को उम्रक़ैद
अब जब केंद्र से हरी झंडी मिलने के बाद उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच सीबीआई द्वारा की जाएगी लेकिन एसआईटी जांच में भले मुख्य आरोपी पुलकित आर्य समेत तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा मिल चुकी है। हालांकि वीआईपी को लेकर सोशल मीडिया में हुए खुलासे के बाद नए सिरे से तीन साल पहले हुए इस सनसनीखेज हत्याकांड में कथित वीआईपी के नाम की पहचान के लिए हंगामा छिड़ा हुआ था।
क्या था 2022 में हुआ अंकिता हत्याकांड मामला ?
ज्ञात हो कि 18 सिंतबर, 2022 को वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम कर रही अंकिता भंडारी की हत्या कर उसका शव चीला शक्ति नहर में फेंक दिया गया था। घटना के एक सप्ताह बाद चीला नहर से अंकिता का शव बरामद किया जा सका था। आईपीएस पी रेणुका देवी के नेतृत्व में गठित एसआईटी की जांच के बाद वनंतरा रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य व दो अन्य कर्मियों के खिलाफ करीब 500 पेज की चार्जशीट अदालत में दाखिल की गई। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में 97 गवाह बनाए गए थे जिसमें से अभियोजन पक्ष ने विवेचक समेत 47 गवाह परीक्षित कराए।मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य छुपाना), 354 (ए) (छेड़खानी व लज्जा भंग) और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत आरोप तय हुए। दूसरे आरोपी सौरभ भास्कर और तीसरे आरोपी अंकित गुप्ता पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य छुपाना) और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत आरोपों पर विचारण किया गया। इसके बाद उन्हें उम्रकैद की सजा हुई थी।
अंकिता भंडारी हत्याकांड में सबसे महत्वपूर्ण पहलू थी वह ह्वाट्सऐप चैट जिसमें अंकिता ने घटना के दिन अपने मित्र पुष्पदीप को रिजॉर्ट में वीआईपी के आने की जानकारी दी थी। उसने पुष्पदीप को बताया था कि पुलकित आर्य उसपर एक बड़े वीआईपी को अतिरिक्त सेवा देने के लिए दबाव डाल रहा है। हालांकि यह कथित वीआईपी कौन था यह राज आज भी बरकरार है। अब जब सीबीआई जांच की सिफारिश राज्य सरकार की तरफ से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कर दी है तब उम्मीद की जानी चाहिए कि उस कथित सफेदपोश वीआईपी का भी खुलासा हो सके जिसके चलते अंकिता भंडारी को अपनी जान गंवानी पड़ी।
