

First Aanchal Cafe Plus: आप दिल्ली से लेकर गुजरात या देश के किसी भी हिस्से में जाएंगे तो पाएंगे कि अधिकतर राज्यों ने न केवल अपने डेयरी ब्रांड खड़े किए हैं बल्कि उन्हें नए रोजगार पैदा करने का ज़रिया भी बनाया है। हिमालयी राज्य उत्तराखंड इस दिशा में अपने दुग्ध ब्रांड आंचल को सशक्त नहीं बना पाया, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में राज्य के पशुपालन और दुग्ध विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए कई ज़रूरी कदम उठाए हैं। इसी दिशा में देहरादून में पहला आंचल कैफे प्लस खोला गया है और जल्द ही प्रदेश के सभी जिलों में आंचल डेयरी उत्पादों के कैफे खोले जाएंगे। कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा है कि उनका मकसद एक ही है कि उत्तराखंड के दुग्ध ब्रांड आंचल के उत्पादों की पहुंच प्रदेश के कोने-कोने तक हो। खासकर अमूल और मदर डेयरी ब्रांड्स की तर्ज पर आंचल के डेयरी प्रोडक्ट्स में दूध, दही के अलावा आइसक्रीम और तमाम तरह के खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि रोज़गार के नए अवसरों के साथ ही कंज्यूमर्स व पर्यटकों को उत्तराखंड के स्थानीय स्वाद का अहसास कराया जा सके।


इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए शनिवार को कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने रायपुर रोड पर दुग्ध संघ देहरादून परिसर में प्रदेश के प्रथम आचंल कैफे प्लस का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में स्थानीय विधायक उमेश शर्मा काऊ, दुग्ध संघ देहरादून के अध्यक्ष भूमि सिंह एवं प्रबन्ध समिति के सदस्य, दुग्ध हरिद्वार के अध्यक्ष प्रमोद प्रधान एवं यू०सी०डी०एफ० के प्रबन्ध निदेशक जयदीप अरोड़ा उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मंत्री सौरभ बहुगुणा ने बताया कि प्रदेश के उपभोगताओं को आंचल दूध एवं दुग्ध पदार्थों से निर्मित उच्च गुणवत्ता युक्त विभिन्न व्यंजन (Food Items) की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उददेश्य से आंचल कैफे प्लस की शुरुआत की गई है। सौरभ बहुगुणा ने कहा कि भविष्य में प्रदेश के बाक़ी जिलों में भी आंचल कैफे प्लस खोले जाएंगे। प्रदेश के दुग्ध विकास और पशुपालन मंत्री ने कहा कि यह विभाग की ओर से एक सराहनीय कदम उठाया गया है जिससे आंचल ब्राण्ड का व्यापक प्रचार होगा तथा आंचल दूध एवं दुग्ध उत्पादों को एक नई पहचान मिलेगी। साथ ही उपभोगताओं को उच्च गुणवत्तायुक्त दुग्ध उत्पादों की उपलब्धता भी सुनिश्चित हो सकेगी।
इस दौरान बताया गया कि देहरादून में खुले पहले आचंल कैफे प्लस के माध्यम से वर्तमान में लगभग 20 लोगों को रोजगार दिया गया है और इनमें 80 प्रतिशत स्थानीय नागरिक हैं। ख़ास बात यह है कि अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझते हुए आंचल कैफे पर मूक-बधिर (दिव्यांग) 04 व्यक्तियों को भी रोजगार दिया गया है। ज़ाहिर है इस पहल से दिव्यांगों को आत्मनिर्भर बनने व सम्मानजनक रोजगार प्राप्त करने में मदद मिलेगी। आंचल कैफे चलाने के लिए तरुण एन्टरप्राईजेज कम्पनी से करार किया गया है। रायपुर विधायक ने उनके विधानसभा क्षेत्र में प्रदेश के प्रथम आंचल कैफे प्लस का शुभारम्भ करने के लिए दुग्ध विकास और पशुपालन मंत्री का आभार व्यक्त किया।




