

नेता प्रतिपक्ष ने सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि भाजपा राज में अपराधियों के हौसले सातवें आसमान पर हैं और कानून का कोई डर नहीं रह गया है। यशपाल आर्य ने आगे कहा कि हत्या, लूट, डकैती और अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जबकि सरकार और प्रशासन पूरी तरह निष्क्रिय और बेपरवाह बने हुए हैं। पुलिस तंत्र पंगु हो चुका है और अपराधियों को खुला संरक्षण मिल रहा है।
यशपाल आर्य ने कहा कि जो उत्तराखंड कभी शांति, सौहार्द और सुरक्षित जीवन का प्रतीक था, आज वही राज्य भाजपा के गैर-जिम्मेदार और विफल नेतृत्व में अराजकता, हिंसा और भय का केंद्र बनता जा रहा है। सरकार की नीतिगत असफलताएं और इच्छाशक्ति ने प्रदेश को अपराधियों के हवाले कर दिया है।
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि सरकार अब भी नहीं जागी, तो जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी और इस निकम्मी व्यवस्था के खिलाफ जोरदार आंदोलन करेगी।
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से मांग की कि इस जघन्य हत्या की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए और उन्हें कठोरतम सजा दिलाई जाए। साथ ही प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को सुधारने के लिए ठोस, प्रभावी और समयबद्ध कदम उठाए जाएं। यशपाल आर्य ने कहा कि उत्तराखंड की जनता अब डरकर नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाकर जवाब देगी।

रोड रेज और हुड़दंग की घटनाओं पर की गहरी नाराजगी व्यक्त
शहर और आसपास के क्षेत्रों में पीक ऑवर और रात की गस्त बढ़ायी जाए: मुख्य सचिव
वीकेंड में देहरादून को पार्टी और हुड़दंगियों को अड्डा ना बनने दिया जाए
बार क्लोजिंग टाइम को प्रभावी रूप से किया जाए एनफोर्स
दिल्ली-देहरादून हाईवे खुलने के बाद वीकेंड के लिए और भी अधिक तैयार रहने की आवश्यकता: सीएस
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में शहर में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति को लेकर गृह और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक ली। मुख्य सचिव ने रोड रेज और हुड़दंग की घटनाओं के बढ़ने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए ऐसी घटनाओं रोकने के लिए निगरानी बढ़ाए जाने और हुड़दंगियों पर कठोर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि देहरादून शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की गस्त बढ़ाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एसएसपी देहरादून को अपने सभी थानेदारों को पीक ऑवर में गस्त बढ़ाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि डे – नाईट पेट्रोलिंग के साथ ही मॉर्निंग पेट्रोलिंग को भी बढ़ाया जाए।
मुख्य सचिव ने बार और रेस्टोरेंट क्लोजिंग के लिए निर्धारित समय को कठोरता से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि सप्ताहांत में देहरादून को पार्टी और हुड़दंगियों का अड्डा ना बनने दिया जाए, इसके लिए हुड़दंगियों पर कठोर कार्रवाई किए जाने के साथ ही बार संचालकों को भी इसके लिए जागरूक करते हुए समय पर बार बंद कराये जाने को एनफोर्स कराया जाए।
मुख्य सचिव ने बार संचालन के नियमों का पालन ना करने वाले बार और अवैध बार संचालकों पर भी कठोर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपनी ड्यूटी को मुस्तेदी से ना करने वाले लापरवाह अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि शहर के आसपास के क्षेत्रों में खुले होम स्टे पर भी निगरानी किए जाने की आवश्यकता है। इसके लिए होम स्टे की मैपिंग की जाए एवं निगरानी रखी जाए कि ये होम स्टे जो टूरिज्म प्रमोशन के लिए बने थे, कहीं लगातार बार लाइसेंस लेकर इसका दुरुपयोग तो नहीं कर रहे हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि दिल्ली-देहरादून हाईवे खुलने के बाद सप्ताहांत के लिए और भी अधिक तैयार रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस के लिए अभी से तैयारी करने की आवश्यकता है। उन्होंने हुड़दंगियों की पहचान हो सके इसके लिए किरायेदारों और पीजी में रहने वालों का भी सघन सत्यापन अभियान चलाया जाए।
इस अवसर पर डीजीपी दीपम सेठ, सचिव गृह शैलेश बगौली, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र सिंह डोबाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।



