
Name Change politics: यूँ तो महान अंग्रेज़ी उपन्यासकार विलियम शेक्सपियर कह गए कि नाम में क्या रखा है! लेकिन आज़ादी के बाद से ही भारत में नाम बदलने की सियासत खूब होती आई है। पहले राज्यों के नाम बदले फिर बंबई के मुंबई होने तक बड़े बड़े नगरों-महानगरों के नाम बदले गए। कांग्रेस ने कनॉट प्लेस में राजीव चौक बना डाला तो जब बीजेपी की बारी आई तो मानो नाम बदलने की झड़ी लग गई। उत्तर प्रदेश से लेकर मध्यप्रदेश तक एक के बाद एक कई शहरों, कस्बों और गाँव नए नाम से पहचाने जाने लगे। आज उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने भी कई इस्लामिक नामों को बदल दिया है।
ख़ुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर ट्वीट कर कहा है कि हरिद्वार जनपद का औरंगज़ेबपुर अब शिवाजी नगर के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने कहा है कि जनभावनाओं के अनुरूप हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल और ऊधमसिंहनगर जनपद स्थित विभिन्न स्थानों के नाम बदल दिए गए हैं। दरअसल, धामी सरकार ने इन चार जनपदों के 13 गांवों और सड़कों के नाम बदलने का फैसला किया है। इसके तहत अब देहरादून के मियांवाला का नाम रामजीवाला और हरिद्वार के खानपुर को भविष्य में श्रीकृष्णपुर के नाम से जाना जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी सरकार के इस नाम बदलने के फैसले को जन भावनाओं के अनुरूप बताते हुए कहा है कि भारतीय संस्कृति और विरासत के अनुरूप यह कदम उठाया गया है। सीएम ने कहा है कि इससे लोग भारतीय संस्कृति से जुड़ाव महसूस करेंगे और इसके संरक्षण में योगदान देने वाले महापुरुषों से प्रेरणा ले सकेंगे।
धामी सरकार द्वारा की गई घोषणा के अनुसार देहरादून जनपद के विकासनगर स्थित पीरवाला को अब केसरीनगर और चांदपुर खुर्द को पृथ्वीराज नगर तथा सहसपुर ब्लॉक में अब्दुल्लापुर को दक्षनगर के नाम से जाना जाएगा। जबकि देहरादून नगर निगम में आने वाले मियांवाला को अब नए नाम रामजीवाला पुकारा जाएगा।
इस घोषणा के अनुसार हरिद्वार जनपद के भगवानपुर स्थित औरंगजेबपुर को अब शिवाजीनगर, बहादराबाद स्थित गाजीवाली को आर्यनगर, चांदपुर को ज्योतिबाफुलेनगर, नारसन ब्लॉक स्थित मोहम्मदपुर जट को मोहनपुर जट, खानपुर कुर्सली को अंबेडकर नगर, खानपुर ब्लॉक स्थित इदरिशपुर को नंदपुर और खानपुर को श्रीकृष्णपुर के नाम से जाना जाएगा। जबकि रूड़की ब्लॉक स्थित अकबरपुर-फजलपुर को विजयनगर नाम दिया गया है।
वहीं, नैनीताल में नवाबी रोड को अटल मार्ग और पनचक्की से आईटीआई मार्ग को गुरु गोलवलकर मार्ग के नाम से जाना जाएगा। जबकि ऊधमसिंहनगर जनपद स्थित सुल्तानपुर पट्टी को अब कौशल्यापुरी के नए नाम से जाना जाएगा।
ज़ाहिर है पुष्कर सिंह धामी सरकार भी अब देश में चल रही नाम बदलने की सियासी होड़ में शुमार हो चुकी है और इसके ज़रिए कई तरह के राजनीतिक समीकरण उलटने-पलटने का प्रयास भी किया गया है। देखना दिलचस्प होगा कि धामी सरकार की इस कसरत को बीजेपी के भीतर और बाहर के विरोधियों में किस तरह लिया जाता है। लेकिन कुछ भी कहिए सीएम धामी ने दांव तो बड़ा खेल ही दिया है।