
- मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के नेतृत्व में खनन क्षेत्र में नई छलांग, पहली बार 1200 करोड़ के पार पहुंचा राजस्व
- सीएम धामी की सख्त नीति से खनन माफिया पर लगाम, राजस्व में रिकॉर्ड उछाल
- रणनीति, सिस्टम और सख्ती—धामी सरकार ने खनन में लिखी सफलता की कहानी
- खनन सेक्टर में पारदर्शिता की जीत, धामी सरकार ने बनाए नए मानक
कहा जा सकता है कि प्रदेश में खनन राजस्व की यह निरंतर वृद्धि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पारदर्शी, जवाबदेह और सुधारोन्मुखी नीतियों का प्रत्यक्ष परिणाम है। वर्ष 2012-13 में मात्र 110 करोड़ रुपए से शुरू हुआ यह सफर अब 2025-26 में 1217 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है, जो राज्य की आर्थिक मजबूती को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री धामी के स्पष्ट निर्देशों के तहत खनिज नीति एवं नियमावली का सरलीकरण किया गया, जिससे वैध खनन को बढ़ावा मिला और अवैध खनन, परिवहन व भंडारण पर प्रभावी रोक लगी। पारदर्शी व्यवस्था के तहत खनन पट्टों का आवंटन किया गया, जिससे राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि संभव हो सकी।
सीएम धामी की पहल पर तकनीकी नवाचारों को भी प्राथमिकता दी गई। MDTSS (माइनिंग डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन एंड सर्विलांस सिस्टम) के माध्यम से चार मैदानी जनपदों में 45 अत्याधुनिक ई-चेक गेट स्थापित किए गए हैं, जिनमें ANPR कैमरा, RFID टैग और अन्य आधुनिक उपकरणों की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही मिनरल मैनेजमेंट सिस्टम , ई-रवन्ना, माइनिंग ई-सर्विसेज, सर्विलांस एनफोर्समेंट सिस्टम और डिसिजन सपोर्ट सिस्टम जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म लागू किए गए हैं।
ई-रवन्ना प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए विशेष सिक्योरिटी फीचर युक्त कागज की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे फर्जीवाड़े और दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है। इन सभी प्रयासों के चलते अवैध खनन पर लगाम लगी है और राजस्व में कई गुना वृद्धि दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री धामी के मार्गदर्शन में किए गए इन नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है। 28 मार्च 2026 को नई दिल्ली में आयोजित समारोह में एमडीटीएसएस और ई-खन्ना सिक्योरिटी पेपर परियोजनाओं को प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड (गोल्ड) से सम्मानित किया गया।



