नौ सूत्रीय माँगों पर काला फ़ीता बांध प्रोटेस्ट: NHM कर्मचारियों की मांगों पर क्यों मुंह फेरे बैठी तीरथ सरकार, कोरोना में स्वास्थ्य व्यवस्था चौपट होगी तभी जगेगा शासन?

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देहरादून: शुक्रवार से उत्तराखंड के करीब 4,500 NHM कर्मचारी आधे दिन काला फ़ीता बांधकर प्रोटेस्ट दर्ज कराते ड्यूटी करेंगे और आधे दिन होम आइसोलेशन में रहेंगे। नौ सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे NHM कर्मचारियों ने ऐलान कर रखा है कि अगले महीने एक और दो जून को वे पूरी तरह से कार्यबहिष्कार पर चले जाएंगे और होम आइसोलेशन में रहेंगे। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुनील भंडारी का आरोप है कि राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग उनकी मांगों पर अमल नहीं कर रहा है, इसलि मजबूर अपनी जायज मांगों के लिए आंदोलन को विवश होना पड़ रहा है।
कोरोना महामारी के बीच अगर NHM कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे तो इसका असर वैक्सीनेशन, इलाज और दूसरी स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ना तय है। जिन सेवाओं पर पड़ सकता है असर वो हैं, आइसोलेशन वार्ड, कोविड हॉस्पिटल, कोविड सैंपलिंग टीम, कोविड वैक्सीनेशन, कोविन पॉर्टल, जिला हॉस्पिटल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र से लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कार्यक्रम।

आखिर NHM कर्मचारियों की नौ सूत्रीय माँगें कौनसी हैं?
1.सामूहिक स्वास्थ्य बीमा/गोल्डन कार्ड सुविधा दी जाए।

2. सर्विस के दौरान मृ्त्यु पर परिवार को आर्थिक मदद और नौकरी मिले।
3. साल 2018 से पेंडिंग लॉयल्टी बोनस का भुगतान किया जाए।
4. कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए।
5. विभागीय ढाँचे में कर्मियों के लिए एक्स कैडर का हो गठन।
6. सेवा नियमावली/एचआर पॉलिसी लागू करें।
7. आउटसोर्स/ठेके पर नियुक्ति का फैसला रद्द करें।
8. ढाँचागत पदों की नियुक्ति में NHM कर्मियों को तवज्जो।
9. वार्षिक वेतन वृद्धि 5 फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी की जाए।


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