जब विपक्ष के सबसे बड़े नेता हरदा CM धामी के कायल फिर विपक्ष का हल्ला बेमानी! “मुख्यमंत्री जी बहुत अच्छे सुनने वाले व्यक्ति, प्रतिद्वंदी रहें सावधान”

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देहरादून: कांग्रेस भले UKSSSC पेपर लीक कांड से लेकर उत्तराखंड विधानसभा बैकडोर भर्तियों के बहाने सत्ताधारी बीजेपी को लाख कोसती रहे, लेकिन विपक्षी कैंप के सबसे बड़े चेहरे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत गाहे-बगाहे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की तारीफ का बहाना खोज ही लेते हैं। जाहिर है कोई तो बात होगी जो हरदा जैसे दिग्गज को मजबूर कर देती है और वे खुद को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की तारीफ करने से नहीं रोक पाते हैं।

ताजा मामला जोशीमठ भू धंसाव से पैदा आपदा के बाद प्रभावितों के पुनर्वास सहित कई अहम मांगों को लेकर एक दिन पहले कांग्रेस डेलिगेशन की मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात से जुड़ा है। इस मुलाकात से पहले हरदा तमाम कांग्रेसी नेताओं के साथ कई मांगों और मुद्दों पर आक्रोशित होकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करने पहुंचे थे लेकिन लौटे तो सीएम धामी की सुनने की शैली के मुरीद होकर!

हरदा ने खुद सोशल मीडिया पर इसे लेकर एक पोस्ट लिखकर बयां किया है कि वे युवा मुख्यमंत्री के कायल होकर घर लौटे हैं। आज उन्होंने जो फेसबुक पोस्ट की है, उसके मायने निकाले जाएं तो हरदा सीएम धामी में बडी संभावना देखते हैं और धामी के भविष्य के प्रतिद्वंद्वियों को सावधान हो जाने का मशविरा दे रहे हैं।

जाहिर है हरदा का मैसेज प्रीतम सिंह, करन माहरा से लेकर भुवन कापड़ी और यशपाल आर्य जैसे कांग्रेसियों के लिए तो है ही, बीजेपी के भीतर के उन विघ्नसंतोषियों के लिए भी जो धामी विरोध की धूनी रमाए मुख्यमंत्री पद की महत्वाकांक्षा में दुबले हुए जाते हैं।

ऐसे समय जब कांग्रेसी धामी सरकार को घेर रहे तब जोशीमठ भू धंसाव मुद्दे पर के मुद्दे पर सीएम धामी को अपरोक्ष रूप से विपक्ष के सबसे बड़े नेता हरीश रावत का साथ मिलना सत्तापक्ष के लिए राहत की बात है। ज्ञात हो कि शनिवार को पूर्व सीएम हरीश रावत के नेतृत्व में कांग्रेसी डेलीगेशन सीएम धामी से मिलने पहुंचा था। इस दौरान जोशीमठ को लेकर कांग्रेस नेताओं ने तमाम शंकाओं को सीएम के समक्ष रखा जिन्हें मुख्यमंत्री ने काफी गंभीरतापूर्वक सुना।


अब, आज पूर्व सीएम हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर सीएम के विपक्ष द्वारा उठाए मुद्दों को धैर्य से सुनने के रवैये की जमकर तारीफ की है।

पूर्व सीएम हरदा ने सोशल मीडिया पर कहा:

“भविष्य के प्रतिद्वंद्वियों को सावधान रहना चाहिये। राज्य के मुख्यमंत्री जी बहुत अच्छे सुनने वाले व्यक्ति हैं। कल हम जोशीमठ आपदा पर ढेर सारे सुझाव देने के लिए गये। जिसमें कई सुझाव आलोचनात्मक भी थे, तीक्ष्ण सवाल भी थे, मगर मुख्यमंत्री जी ने पूरे धैर्य के साथ उनको सुना। अब कितना समाधान निकालेंगे, इस पर भविष्य की नजर रहनी चाहिए। देखते हैं प्रीफैबरीकेटेड घर कब बनने शुरू होते हैं, टेंट कॉलोनी यदि हो तो कब तक लगती है, सुरक्षित स्थानों का चयन कब होता है, मुआवजे की राशि लोगों को कब तक बता दी जाती है, कितना मुआवजा मिलेगा और किस तरीके से साधारण लोग जिनकी आजीविका जोशीमठ पर है उनके लिए क्या होता है! गाय के लिए क्या होता है, गाय के दूध पर जिनकी आर्थिकी है उनके लिए क्या होता है, तो बहुत सारी चीज़ें हैं, जिनकी हम सबको प्रतीक्षा रहेगी। मगर एक बात सत्य है कि सुना मुख्यमंत्री जी ने पूरे धैर्य से।”

अब विपक्ष के सबसे बड़े नेता के मुँह से निकली ये तारीफ भले प्रदेश कांग्रेस के नेताओं को असहज करे लेकिन मुख्यमंत्री धामी के लिए यह तारीफ के बड़े मायने हो जाते हैं। हरदा जिस तरह से “भविष्य के प्रतिद्वंद्वियों” को सावधान करते हुए सीएम धामी की तारीफ करते हैं, उसका मैसेज यही है कि खांटी हरदा युवा सीएम धामी को लंबी रेस का घोड़ा मानते हुए विरोधियों को सतर्क कर रहे हैं। इससे पहले हाल ही में सीएम की देहरादून के एक स्कूल में बच्चे के जूते के फीते बांधने और रुद्रप्रयाग में जनता से मिलने की फोटो शेयर करते हुए भी हरीश रावत ने सीएम धामी की तारीफों के पुल बांधे थे।

हालांकि हरदा ने प्रभावित लोगों को पुनः बसाने, रोजगार आदि देने से लेकर तमाम सवालों का भविष्य में समाधान कैसे और कितना होता है इसकी प्रतीक्षा की बात कही है। लेकिन फिलहाल तो आपदा काल में विपक्षी कैंप के सबसे बड़े चेहरे से तारीफ मिलना युवा धामी के लिए बिन मांगी मुराद पूरा होने जैसा है।


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