खतरे की घंटी: पॉजीटिविटी रेट बढ़ता गया तीरथ सरकार टेस्ट घटाती गई, बिगड़ते हालात में भी इमेज बिल्डिंग या कुछ और?

सीएम तीरथ सिंह रावत
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देहरादून: ज्यों ज्यों दवा की मर्ज बढ़ता गया, फिर उसने यूँ किया कि टेस्टिंग ही कम कर दी ताकि बीमार कम नजर आएँ! बेशक ये एक अच्छे-खासे शेर के साथ हमने तोड़-मरोड़ कर नाइंसाफ़ी कर डाली। लेकिन जो खबर आपको दे रहे हैं वो सौ फीसदी खरी है! जी हाँ, कोरोना से जंग में ट्रेसिंग, टेस्टिंग और ट्रीटमेंट यानी ट्रिपल टी की दुहाई प्रधानमंत्री से लेकर हर एक्सपर्ट दे रहा लेकिन अपनी तीरथ सरकार लगातार टेस्टिंग ही घटाती जा रही है. भला जब टेस्टिंग ही कम होगी तो कोरोना मरीज भी कम ही नजर आएंगे. लेकिन ये सलाह जिस भी नौकरशाह या हेल्थ महकमे के आला अफसर ने दी होगी वो शायद ये खूब अच्छे से जानता होगा कि जिस दौर में राज्य में पॉजीटिविटी रेट ख़तरनाक स्तर पर है तब कम टेस्टिंग का मतलब है संक्रमण और तेजी से बढ़ने का खतरा मोल लेना!


लगातार टेस्टिंग घटते जाने का ट्रेंड एकाध हफ्ते का नहीं है बल्कि पिछले पांच हफ्ते से टेस्टिंग आंकड़े घटते जा रहे हैं।
देहरादून स्थित एसडीसी फ़ाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष अनूप नौटियाल कहते हैं, “पिछले पांच हफ्ते से लगातार टेस्टिंग नंबर्स घट रहे हैं जो कि बेहद निराशाजनक है और ये अस्वीकार्य भी है क्योंकि हालात बेहद ख़तरनाक मुहाने पर हैं पॉज़ीटिविटी रेट के नज़रिए से। हमें राज्य में ज़्यादा टेस्टिंग की दरकार है न कि कम टेस्टिंग।”
अनूप नौटियाल कहते हैं कि रविवार को 5,890 नए कोरोना मरीज़ मिले जो कि शनिवार के 8390 केस के मुक़ाबले काफ़ी कम हैं। लेकिन रविवार को सिर्फ 26,713 टेस्ट किए गए पूरे प्रदेश में जबकि शनिवार को टेस्टिंग 39,310 रही थी।इस तरह पॉजीटिव केस कम आए क्योंकि 12,579 टेस्ट कम किए गए। पर हक़ीक़त में रविवार को पॉजीटिविटी रेट शनिवार की 21.3 फीसदी के मुक़ाबले 22 फ़ीसदी दर्ज की गई।

एसडीसी फ़ाउंडेशन द्वारा रिलीज़ डाटा का विश्लेषण करने के बाद आप चौंक जाएंगे कि आखिर जब कोविड सेकेंड वेव कहर बरपा रही और उत्तराखंड संक्रमण की जकड़न में फंसता दिख रहा तब टेस्टिंग बढ़ने की बजाय घटाई क्यों जा रही! ये हाल पिछले पांच हफ्ते का है।सूबे में कोविड के 60वें हफ्ते में पॉजीटिविटी रेट 24.33 फीसदी रहा जिसका मतलब है टेस्टिंग में हर चौथा व्यक्ति पॉजीटिव मिला। 60 वें हफ्ते में 59 वें हफ्ते से 62,925 टेस्ट कम किए गए।
टेस्टिंग हफ्तेवार-
60 वें हफ्ते टेस्टिंग : 2,15,281
59 वें हफ्ते टेस्टिंग : 2,78,206
58 वें हफ्ते टेस्टिंग: 2,36,656
57 वें हफ्ते टेस्टिंग: 2,84,288
56 वें हफ्ते टेस्टिंग : 2,39,522

चिन्ताजनक ये है कि भले सरकार टेस्टिंग कम कराकर ये मैसेज गढ़ना चाह रही हो कि संक्रमित मरीज कम दिखायी दें। जबकि हालात ये हैं कि महामारी के बाद के कुल 38 फीसदी मामले और 41 फीसदी मौतें राज्य में 59 वें और 60 वें हफ्ते को मिलाकर हुई हैं।
नए कोविड मामले आए :-
60 वें हफ्ते में 52,369
59 वें हफ्ते में 38,581
कुल मामले: 90,950
ये कुल मामले 2,38,383 के 38 फीसदी होते हैं।
जबकि मौत के आंकड़े:-
60 वें हफ्ते में 817 मौतें
59 वें हफ्ते में 629 मौतें
कुल: 1446 मौतें
ये आंकड़ा कुल मौत 3548 का 41 फीसदी होता है।

साफ़ है उत्तराखंड में पिछले पांच हफ़्तों में कोविड संक्रमण ने तेज रफ़्तार पकड़ी है लेकिन इसके मुक़ाबले तीरथ सरकार टेस्टिंग हफ्ते दर हफ्ते घटाती आ रही है जो कि दूसरी लहर के बढ़ते कहर के चलते ख़तरनाक संकेत है।


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