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बाइस बैटल: 31 दिग्गज, तीन दिन चिंतन, खोजा जाएगा 2022 में 36 प्लस का फ़ॉर्मूला

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रामनगर/ देहरादून: बंगाल बैटल के सियासी सदमे से उबरकर अब बीजेपी 2022 की बैटल में अपनी सत्ता वाले राज्यों को बचाने के अभियान पर निकल पड़ी है। दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री शाह और पार्टी अध्यक्ष नड्डा में कई दौर का मंथन हो चुका है। संघ के साथ भी कोरोना काल में मोदी मैजिक की धुंधलाहट धोने की रणनीति बन चुकी है। अब राज्यों में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के मंत्र को सियासत का धरातल पर उतारने की पटकथा लिखने का अभियान शुरू हो गया है।

इसी कड़ी में बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष आलाकमान का मैसेज और जमीनी फीडबैक लेने के लिए प्रदेश नेताओं के साथ चिंतन शिविर मे बैठ गए हैं। आज से शुरू हुआ उत्तराखंड बीजेपी का चिंतन शिविर 29 जून तक चलेगा। यानी तीन दिन, 31 दिग्गज और 2022 मे दोबारा बीजेपी कैसे 36 प्लस हो इस पर महामंथन शुरू हो गया है। बीएल संतोष के साथ प्रभारी दुश्यंत गौतम, सह प्रभारी रेखा वर्मा, प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक और मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत सहित दूसरे दिग्गज शामिल होंगे।
रामनगर के एक रिजॉर्ट में चल रहे इस महामंथन में कोरोना की दूसरी लहर ने कैसे कमल के लिए कठिनाइयां पैदा की हैं उन पर गहन मंथन होगा। साथ ही विधानसभा चुनाव में कैसे बीजेपी 20 साल के उस मिथक, जिसके तहत कहा जाता है कि पहाड़ पॉलिटिक्स में सत्ता का लगातार दोहराव संभव नहीं, उसे तोड़ दे।
सात सत्रों में तीन दिन तक चलने वाले इस महामंथन में बीजेपी दावा तो 60 प्लस सीट जीतने के मंत्र खोजने का कर रही है लेकिन साढ़े चार साल सत्ता में रहने के बाद पार्टी अंदरुनी तौर पर बखूबी जानती है कि जंग इस बार 36 प्लस को लेकर ही होने वाली है क्योंकि उसे पांच साल की सरकार का हिसाब लेकर जनता के बीच जाना है।


इस चिंतन शिविर की साइडलाइंस में सीएम तीरथ क उपचुनाव की सीट पर भी रणनीति बनेगी। खास तौर पर गंगोत्री के गणित को पार्टी दिग्गज तोलकर देखेंगे क्योंकि वहाँ तीरथ के ताल ठोकने की तैयारी है।

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