
- अंकिता भंडारी केस पर कांग्रेस का बड़ा ऐलान
- अंकिता को न्याय, VIP की जांच और जमीन के मुद्दे पर कांग्रेस का आंदोलन; 27 अक्टूबर को गैरसैंण विधानसभा का घेराव
देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित VIP की भूमिका की जांच से लेकर उत्तराखंड में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं और जमीन से जुड़े विवादों तक कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। उत्तराखंड कांग्रेस अब 22 से 25 अक्टूबर तक प्रदेशभर में न्याय यात्रा निकालेगी, जबकि 27 अक्टूबर को गैरसैंण में विधानसभा का घेराव किया जाएगा। पार्टी ने 4 नवंबर को जमीन और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े मुद्दों पर भी प्रदेशव्यापी प्रदर्शन की घोषणा की है।
देहरादून में शनिवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं उत्तराखंड प्रभारी सांसद कुमारी शैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और कैंपेन कमेटी अध्यक्ष प्रीतम सिंह समेत वरिष्ठ नेताओं ने राज्य सरकार पर कई सवाल उठाए। कांग्रेस ने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने की मांग के साथ युवाओं, महिलाओं और प्रदेश के संसाधनों से जुड़े मुद्दों पर भी सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रहेगा।
अंकिता केस: कथित VIP की भूमिका पर सरकार से जवाब मांग रही कांग्रेस
कुमारी शैलजा ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित VIP की भूमिका से जुड़े सवालों का हवाला देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई। उन्होंने भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर भी सवाल उठाए। कांग्रेस का आरोप है कि इस नियुक्ति से मामले से जुड़े सवालों और जनता की भावनाओं को नजरअंदाज किया गया है।
हालांकि, यहां यह स्पष्ट करना भी जरूरी है कि कथित VIP की भूमिका को लेकर अभी तमाम तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं, जो अभी तक आपराधिक तौर पर सिद्ध नहीं हुए हैं। ज्ञात हो कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में तीन दोषियों को अदालत से उम्रकैद की सजा मिल चुकी है, जबकि कथित VIP एंगल को लेकर जांच की मांग अलग से उठ रही है। खासकर उत्तराखंड भाजपा के पूर्व प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के बाद से नए सिरे से कथित VIP की भूमिका की जांच की मांग उठ रही है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस प्रभारी ने कहा कि अंकिता के माता-पिता की न्याय की लड़ाई को कमजोर नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की ओर से अंकिता के परिजनों को दिए गए समर्थन का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाती रहेगी।
कांग्रेस के मुताबिक, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में गांधी प्रतिमा के सामने उपवास, विभिन्न जिलों में कैंडल मार्च, ज्ञापन और विरोध प्रदर्शन किए गए हैं। पार्टी ने कहा कि जब तक परिवार के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं मिलता, तब तक उसका संघर्ष जारी रहेगा।
जमीन, खनन और सरकारी ठेकों में भ्रष्टाचार के आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस ने प्रदेश में सड़क निर्माण, सरकारी ठेकों और विकास कार्यों में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। पार्टी ने आरोप लगाया कि जमीन से जुड़े बड़े सौदों में प्रभावशाली लोगों को लाभ पहुंचाया जा रहा है और खनन गतिविधियों में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं।
कांग्रेस ने संदिग्ध भूमि सौदों, सरकारी ठेकों और खनन गतिविधियों की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। शैलजा ने कहा कि उत्तराखंड की जमीन, प्राकृतिक संसाधन और सार्वजनिक धन जनता की संपत्ति हैं। इनका इस्तेमाल प्रदेश के विकास के लिए होना चाहिए।
पार्टी ने 4 नवंबर को जमीन संबंधी नीतियों, कथित अनुचित हस्तांतरण और संसाधनों पर जनता के अधिकारों को लेकर जिला एवं प्रदेश मुख्यालयों सहित संबंधित स्थानों पर धरना-प्रदर्शन करने का ऐलान किया।
बेरोजगारी, पेपर लीक और पलायन पर भी सरकार को घेरा
कांग्रेस ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और रोजगार के अवसरों को लेकर भी राज्य सरकार से जवाब मांगा। शैलजा ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों पर सरकार को पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और रोजगार सृजन की ठोस कार्ययोजना सामने रखनी चाहिए।
उन्होंने पहाड़ी क्षेत्रों में पलायन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बुनियादी सुविधाओं, आजीविका और रोजगार के पर्याप्त अवसरों की कमी के कारण लोगों को अपने गांव छोड़ने पड़ रहे हैं। कांग्रेस ने गांवों में रोजगार और सुविधाएं बढ़ाने के लिए ठोस नीति बनाने की मांग की।
बदरीनाथ के चढ़ावे और विभागीय खर्चों की जांच की मांग
कांग्रेस ने बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितता प्रकरण पर भी सवाल उठाए। पार्टी ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए और श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े धन का हिसाब सार्वजनिक किया जाए।
महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य से जुड़े विभागों के कथित वित्तीय अनियमितता संबंधी आरोपों का मुद्दा भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने राशन वितरण, मध्याह्न भोजन योजना, राष्ट्रीय खेलों से संबंधित खर्चों और अन्य विभागीय मदों की जांच की मांग की।
पार्टी ने आरोपों की जांच और एसआईटी की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जांच का उद्देश्य तथ्यों को सामने लाना होना चाहिए। कांग्रेस ने संबंधित मामलों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का जवाब भी सामने आना महत्वपूर्ण होगा।
कांग्रेस का आंदोलन कैलेंडर: कब और कहां होगा प्रदर्शन?
कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आगामी आंदोलन के कार्यक्रमों की घोषणा की।
22 से 25 अक्टूबर 2026: न्याय यात्रा
प्रदेशभर में न्याय यात्रा निकालकर विधानसभा क्षेत्रों में जनसंवाद किया जाएगा। अंकिता भंडारी प्रकरण के साथ प्रदेश के अन्य जनहित के मुद्दे भी उठाए जाएंगे।
27 अक्टूबर 2026: गैरसैंण विधानसभा का घेराव
कांग्रेस अंकिता प्रकरण, कथित VIP की भूमिका, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, पलायन और अन्य मुद्दों को लेकर विधानसभा का घेराव करेगी। पार्टी ने सदन के भीतर भी इन विषयों को प्रमुखता से उठाने की बात कही है।
1 नवंबर 2026: दिल्ली में SIR के खिलाफ रैली
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर दिल्ली में आयोजित रैली में उत्तराखंड से कांग्रेस कार्यकर्ताओं के शामिल होने की घोषणा की गई है।
4 नवंबर 2026: जमीन और संसाधनों पर प्रदर्शन
भूमि संबंधी नीतियों, जमीन के कथित अनुचित हस्तांतरण और प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों पर जनता के अधिकारों को लेकर प्रदर्शन किए जाएंगे।
कांग्रेस सरकार बनने पर जांच और पारदर्शिता का वादा
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश में पार्टी की सरकार बनने पर भ्रष्टाचार के मामलों की निष्पक्ष जांच, सरकारी खर्चों की जवाबदेही, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, रोजगार सृजन, पलायन रोकने की नीति और महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।
कुमारी शैलजा ने कहा कि जनता के पैसे का हिसाब लिया जाना चाहिए और वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों की जांच होनी चाहिए। उन्होंने प्रदेश की जनता से उत्तराखंड के सम्मान, महिलाओं को न्याय, युवाओं के भविष्य और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर पार्टी के संघर्ष में सहभागी बनने की अपील की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।



