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‘मेरे सीन से हटने का प्रभाव 2027 में कांग्रेस के लिए शुभ नहीं होगा’: अगर यह पहलवान दो साल पहले सीएम बन गया होता तो आपके खेत की मिट्टी भी खोद डालता, जानिए अपने और सीएम धामी के लिए क्या कह गए हरदा?

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देहरादून: उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में कांग्रेस कैंपेन को लीड करने वाले पूर्व सीएम हरीश रावत ने अप्रत्यक्ष तौर पर कांग्रेस की सत्ता में वापसी की सूरत में सीएम पोस्ट पर अपना दावा ठोक दिया है। हरीश रावत ने नतीजों से पहले ही मुख्यमंत्री पद को लेकर बड़ी बात कह दी है। रावत ने सीएम पुष्कर सिंह धामी पर भी तीखा हमला बोला है। उन्होंने THE NEWS ADDA को दिए इंटरव्यू में मौजूदा राजनीतिक हालात और 10 मार्च को अगर कांग्रेस को बहुमत मिल जाता है तो नए सीएम के तौर पर खुद की स्वाभाविक दावेदारी की तस्वीर खींच दी है।

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हरदा ने कहा कि आज उत्तराखंड में भाजपा की डबल इंजन सरकार ऑल राउंड फेल हो गई है और लोगों को तुलना करने पर उनकी अगुआई वाली सिंगल इंजन कांग्रेस सरकार बेहतर लगी है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव कांग्रेस ने एकजुट होकर लड़ा और महंगाई, बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार, कुशासन, अवैध खनन और कोरोना में लोगों को उनके हाल पर छोड़ देने जैसे मुद्दे पहले से सेट हो गए थे। वहीं भाजपा ने मुस्लिम यूनिवर्सिटी, मौलाना की उनकी एडिटिड फोटो वायरल करने जैसे टोटके आज़माए।

कांग्रेस नेता ने कहा कि यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड पर तो सीएम धामी उपहास का पात्र ही बन गए। क्योंकि इससे ऐसा लगा कि मानों सीएम धामी पीएम मोदी को रिप्लेस कर देना चाह रहे हैं । उन्होंने कहा कि यह चुनाव केन्द्र के लिए वोट करने का नहीं था बल्कि वोट राज्य के लिए होना था और भाजपा ने हमें अपनी पिच पर ले जाने की भरपूर कोशिश की पर हम डटे रहे। रावत ने कहा कि उस समय हमारे कुछ दोस्तों ने भी ‘मोदी तुझसे बैर नहीं भाजपा तेरी खैर नहीं’ को लेकर हमारे दोस्तों ने आलोचना कर दी थी।

रावत ने कहा कि हम ‘तीन तिगाड़ा काम बिगाड़ा’ के जरिए तीनों मुख्यमंत्रियों को जनता में विलेन साबित करने में सफल रहे। उन्होंने कहा कि चुनाव जनता बनाम भाजपा की लड़ाई के तौर पर लड़ा गया जिसमें जनता ने सुपर एम्पायर की भूमिका में फैसला दे दिया है।

हरीश रावत ने कहा कि जिस ड्रामाई अंदाज़ में पुष्कर सिंह धामी को लाए, जिनको भाजपा ने पहले कभी राज्यमंत्री या मंत्री बना लायक भी नहीं समझा उनको सीधे मुख्यमंत्री बनाकर जनता के साथ त्रिवेंद्र-तीरथ के बाद तीसरी बार मज़ाक़ किया।

रावत ने कहा कि सीएम धामी ने कुछ चीज़ें ताबड़तोड़ चीज़ें कहना शुरू किया और ऐसा हुआ कि लोगों को उनकी विश्वसनीयता पर संदेह होने लगा क्योंकि उनकी घोषणाओं के जीओ तक जारी नहीं है। अगर घोषणा का शासनादेश भी जारी न करा सकें तो यह मुख्यमंत्री को हास्यास्पद बना देता है।

‘खनन प्रिय मुख्यमंत्री’

सीएम धामी पर बड़ा हमला बोलते हुए पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि धामी राज में नदी-नाले, गंगा-यमुना सहित तमाम नदियोें का सीना चीर डाला ओर ऐसा खनन न उन्होंने न किसी और ने देखा। हरदा ने कहा कि अगर यह पहलवान( पुष्कर सिंह धामी) दो साल पहले सीएम बन गया होता तो आपके खेत की मिट्टी भी खोद डालता। रावत ने कहा कि जब वे चुनावी सभाओं में यह बात लोगों के बीच रखते थे तो लोग जमकर तालियां बजाते थे।

धामी पर हमला तेज करते रावत ने कहा कि अगर ये युवा इतना ही मेजिकल था तो चार साढे चार साल में मंत्री-राज्यमंत्री बनाया जाता ताकि लोग भी टेस्ट कर लेते लेकिन एक ऐसे खिलाड़ी को तब लाया गया जब भाजपा की पारी खत्म होने को थी। रावत ने कहा कि आज शायद धामी भी बहुत कष्ट में न हों।

2017 का चुनाव मेरे काम या मेरे ऊपर नहीं था: हरदा

हरीश रावत ने कहा है कि 2017 में भले वे मुख्यमंत्री के तौर पर चुनाव मैदान में थे लेकिन भाजपा ने यूपी में ध्रुवीकरण कार्ड खेला और उसका असर उत्तराखंड में भी पड़ा और चुनाव हिन्दू-मुसलमान पर कर दिया था। रावत ने कहा बावजूद इसके कांग्रेस के मेरे कुछ साथियों ने भी मैनडेट को मेरे खिलाफ बताने की कोशिश की। लेकिन बीते दो सालों में लोगों की धारणा बदलने लगी और मेरी पिच उत्तराखंडित की रही जिसे मैंने थोड़ा नहीं। रावत ने कहा कि मेरा दायित्व जिताना था और वो काम हो रहा है।

हरदा क्यों है जरूरी?

अपने नेतृत्व में कांग्रेस सरकार बनाए जाने को लेकर हरदा ने कहा कि जनता की आवाज बहुत बड़ी होती है और मुझे विश्वास है कि उसी के अनुरूप फैसला होगा। अपनी दावेदारी पर हरदा ने कहा, ‘हरीश रावत सीन से हटेगा तो पर्वतीय क्षेत्रों में दूसरे क्षेत्रों में एक नया विकल्प खड़ा होगा क्योंकि हमारी मौजूदा लीडरशिप में उस सोच को थामने वाला कोई नहीं है। यूकेडी की आज जो स्थिति है कि वह कहीं भी लोगों की पसंद नहीं बन पा रहा तो इसके पीछे हरीश रावत का हाथ रहा।’
रावत ने ये भी कहा, ’मैदानी क्षेत्रों में मायनॉरिटी का मतदाता बसपा के साथ था लेकिन मैं अध्यक्ष बनने के बाद इस तबके को कांग्रेस के पाले में लेकर आया। इस बार हरिद्वार में दो-तीन जगह सीट देने में हमने चूक की हैं जिससे बसपा को फिर अंदर घुसने का मौका मिलेगा।’

मेरे सीन से हटने का प्रभाव 2027 में कांग्रेस के लिए बहुत शुभ नहीं होगा: हरीश रावत

रावत ने कहा,‘मुझे लगता है जिस नैरेटिव को मैंने बिल्ड किया और जिस नैरेटिव पर आज चुनाव आया है व जो नतीजे आ रहे हैं, उसको लॉजिकल कनक्लूजन पर मुझे ही पहुँचाना पड़ेगा। लॉजिकल कनक्लूजन पर पहुँचाने में दो-तीन साल लगेंगे उसके बाद नई लीडरशिप उभारी जानी चाहिए जिसका मैं भी हामी हूँ।’ उन्होंने कहा कि सरकार बनने पर इस समय मेरे सीन से हटने का प्रभाव 2027 में कांग्रेस के लिए शुभ नहीं होगा।

प्रीतम सिंह की मुख्यमंत्री पद पर दावेदारी के सवाल पर हरदा ने कहा कि नई लीडरशिप के लिहाज से आगे चलकर प्रीतम सिंह, यशपाल आर्य, हरक सिंह रावत, प्रदीप टम्टा, करन माहरा और मनोज रावत भी जीते अच्छे विकल्प हैं।

कांग्रेस के घोषणापत्र पर हरदा राज की छाप

कांग्रेस जिस घोषणापत्र को लेकर चुनाव में उतरी उस पर हरदा ने अपनी सरकार के कामकाज और योजनाओं की छाप होने का दावा किया है। रावत ने कहा कि पार्टी केघोषणापत्र पर 2014-15-16 की मेरी सरकार की छाप है और उस दौरान सरकार जिस लाइन पर चली थी वही मेनिफेस्टो में परिलक्षित हो रहा है। उन्होंने कहा कि कॉस्मैटिक सर्जरी जरूर हुई है लेकिन छाप मेरी सरकार की ही है घोषणापत्र पर।

‘हरीश रावत को एक चांस मिलना चाहिए’

हरीश रावत ने कहा, ‘जो नैरेटिव मैंने दिया है उसको आगे लेकर चलना पड़ेगा। यदि शुरू में हम फ़्लॉप हो गए तो हमारी दिशा और दशा दोनों बिगड़ जाएंगी, जो कि उत्तराखंड के लिए भी अच्छा नहीं होगा और कांग्रेस के लिए भी अच्छा नहीं होगा।’
उन्होंने कहा, ‘इस समय जो लॉजिकल रिक्वायरमेंट है वह कहती है कि नहीं, Harish Rawat should be given a trial, लेकिन मैं इसे कोई इश्यू नहीं बना रहा हूँ बल्कि पूरी तरह से ये पार्टी लीडरशिप पर छोड़ रहा हूँ।’

कहा, ‘मैं अपने सब साथियों को कह रहा हूँ कि हरीश रावत एक डिग्निफाइड तरीके से विदा होगा। 2017 में बिना लड़ाईं हरीश रावत को हारा हुआ कह दिया गया अब संघर्ष करके जीता या हारा दिखना चाहूँगा।’

मैं मोदी वेव का विक्टिम: हरीश रावत

हरीश रावत ने कहा है, ‘मैं 2017 की मोदी वेव का विक्टिम हूँ’ और शायद लोगों को भी यह अहसास हुआ। कहा कि लोगों को लगा कि अनजाने में हरीश रावत 2017 में दंडित( punish) कर दिए गए। इसलिए आज लोग मेरे बचाव में लालकुआं में आकर खड़े हो गए।
कांग्रेस दिग्गज ने कहा, ‘आप देखिएगा हरिद्वार ग्रामीण में मेरी बेटी अनुपमा रावत बहुत अच्छे वोटों से जीतेगी बल्कि खानपुर या कहीं से मेरे बेटे को टिकट दिया होता तो वह भी बहुत अच्छे वोटों से जीतते। हरिद्वार भी यह समझता था कि हमने अनावश्यक रूप से अपना एक मित्र खो दिया।’

सीएम बना तो पहले से ज्यादा सजग, सचेष्ट हरीश रावत होऊँगा

अगर कांग्रेस को चुनाव में जीत मिलती है और मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला तो रावत ने कहा, ‘पहले से ज़्यादा सजग हरीश रावत रहूँगा क्योंकि मैंने अपने लोगों पर ज़रूरत से ज़्यादा भरोसा कर लिया था। आपको बता दू्ं मेरे अंदर एक सॉलिड ऐडमिनिस्ट्रेटर भी है, केन्द्र में मंत्री रहते मैंने बेहतर काम किया था। लिहाजा अबके सजग, सचेष्ट हरीश रावत होऊँगा। मैं कुछ लोगों को सही से टेस्ट नहीं कर पाया, उनकी शंकाओं को दूर करूँगा।

लोकतंत्र की मजबूती के लिए भाजपा को मिलें 18-20 सीटें


रावत ने कहा कि भाजपा को जनता उसकी करनी की सज़ा ज़रूर दे लेकिन लोकतंत्र जीवित रहे इसलिए उनको 18-20 सीटें मिलनी चाहिए।

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The News Adda

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