
- Ramsharan Nautiyal Joins Congress: जुबिन नौटियाल के पिता कांग्रेस में शामिल
दिल्ली/देहरादून। उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी उठापटक के बीच पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और 2022 में चकराता से भाजपा प्रत्याशी रहे रामशरण नौटियाल ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। मशहूर बॉलीवुड गायक जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण नौटियाल ने सोमवार को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
सीधे राहुल-प्रियंका के फ़ोन से हुई एंट्री
रामशरण नौटियाल ने कुछ दिन पहले ही भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा दिया था। भाजपा छोड़ने के पीछे उन्होंने पार्टी में सम्मान नहीं मिलने और अपने साथ हुए व्यवहार पर नाराजगी जताई थी। अब कांग्रेस में उनकी वापसी से उत्तराखंड की राजनीति में उनकी अगली भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है। जानकार सूत्रों ने खुलासा किया है कि नौटियाल की एंट्री का संदेश सीधे पार्टी हाईकमान से प्रभारी कुमारी सैलजा तक पहुंचा और उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष को नई जॉइनिंग को लेकर जानकारी दी।
2014 में कांग्रेस छोड़ भाजपा में गए थे रामशरण
रामशरण नौटियाल की कांग्रेस में वापसी को उनकी राजनीतिक यात्रा के एक नए पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है। वह वर्ष 2014 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। भाजपा में करीब 12 साल रहने के बाद उन्होंने सितंबर में पार्टी से नाता तोड़ लिया था। हालांकि, उनके कांग्रेस में शामिल होने से आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी भूमिका क्या होगी, इस पर अभी कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है। लेकिन The News Adda के भरोसेमंद सूत्रों ने खुलासा किया है कि रामशरण नौटियाल 2027 में विकासनगर सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे। देखना होगा कि विकासनगर से पूर्व विधायक नवप्रभात का रूख इस राजनीतिक डेवलपमेंट पर क्या दिखाई देता है।
2022 में चकराता से लड़ा था विधानसभा चुनाव
रामशरण नौटियाल वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर चकराता सीट से चुनाव मैदान में उतरे थे। इस सीट पर उनका मुकाबला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह से था। चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि इस चुनाव में हार के लिए रामशरण नौटियाल भाजपा में रहते हुए अपने धुर विरोधियों पर भीतरघात करने का आरोप भी लगाते रहे हैं।
भाजपा छोड़ने पर क्या कहा था?भाजपा से इस्तीफा देने के दौरान रामशरण नौटियाल ने पार्टी के भीतर सम्मान और अनुशासन से जुड़े मुद्दों पर नाराजगी जताई थी। उनका आरोप था कि पार्टी में उन्हें अपेक्षित सम्मान नहीं मिल रहा था। उन्होंने वरिष्ठ नेताओं के व्यवहार और अनुशासन के सवाल भी उठाए थे। ये उनके अपने आरोप और इस्तीफे के पीछे बताए गए कारण हैं। भाजपा में रहते हुए भी नौटियाल का विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान से छतीस का आंकड़ा बना हुआ था। भाजपा छोड़ने के पीछे दोनों नेताओं की आपसी अदावत को भी एक वजह माना गया था।
2027 के चुनाव से पहले अहम घटनाक्रम
उत्तराखंड में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में नेताओं का दल बदलना राजनीतिक दलों की तैयारियों और स्थानीय समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। रामशरण नौटियाल की कांग्रेस में वापसी के बाद यह देखना होगा कि पार्टी उन्हें संगठन में क्या जिम्मेदारी देती है और क्या जैसा कि सूत्र खुलासा कर रहे उनको विकासनगर विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया जाता है या नहीं।



