
- देहरादून में प्लास्टिक पर ‘एक्शन प्लान’: 100 वार्डों की निगरानी के लिए 50 अधिकारी, फैक्ट्रियों से दुकानों तक होगी कार्रवाई
- देहरादून में Single Use Plastic पर सख्ती, 100 वार्डों में 50 सेक्टर अधिकारी तैनात
देहरादून: देहरादून में सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अब प्रशासन ने निगरानी और कार्रवाई का बड़ा तंत्र तैयार किया है। नैनीताल हाईकोर्ट और आयुक्त गढ़वाल मंडल के निर्देशों के अनुपालन में जिले में प्लास्टिक प्रतिबंध को प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम देहरादून के सभी 100 वार्डों में 50 सेक्टर अधिकारी तैनात किए गए हैं। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर शुरू होने वाले इस अभियान में केवल दुकानों और बाजारों तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के विनिर्माण, आयात, भंडारण, वितरण, बिक्री और उपयोग के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्लास्टिक का निर्माण करने वाले उद्योगों और फैक्ट्रियों का भी विशेष निरीक्षण किया जाएगा।
100 वार्ड, 50 सेक्टर अधिकारी और नियमित निगरानी
अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा के अनुसार नगर निगम देहरादून के सभी वार्डों में सेक्टर अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। ये अधिकारी संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण करेंगे और प्लास्टिक प्रतिबंध के अनुपालन की निगरानी करेंगे।
सेक्टर अधिकारियों को अपने आवंटित वार्डों में की गई कार्रवाई की गूगल फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट तीन दिन के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। यानी अभियान में केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि उसकी फोटो आधारित मॉनिटरिंग भी होगी।
प्लास्टिक बनाने वाली फैक्ट्रियां भी रडार पर
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभियान के दौरान सिंगल यूज प्लास्टिक की आपूर्ति श्रृंखला पर भी नजर रखी जाएगी। प्रतिबंधित प्लास्टिक का निर्माण करने वाले उद्योगों और फैक्ट्रियों में विशेष अभियान चलाकर निरीक्षण और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इसके लिए सेक्टर अधिकारी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करेंगे और कार्रवाई की रिपोर्ट जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएंगे।
राज्य कर विभाग को बनाया नोडल अधिकारी
हाईकोर्ट के निर्देशों के क्रम में संयुक्त आयुक्त (विवेचना/प्रवर्तन), राज्य कर, देहरादून को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। नोडल अधिकारी नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, ग्राम पंचायत और जिला पंचायत सहित संबंधित निकायों के साथ समन्वय स्थापित करेंगे।
इनका उद्देश्य सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंध का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के साथ इसकी अनुपालन आख्या जिला कार्यालय को उपलब्ध कराना होगा।
देहरादून के साथ इन क्षेत्रों में भी होगी कार्रवाई
प्लास्टिक प्रतिबंध और स्वच्छता अभियान सिर्फ देहरादून नगर निगम तक सीमित नहीं रहेगा। विकासनगर, हरबर्टपुर, डोईवाला, मसूरी और सेलाकुई के संबंधित नगर निकायों को भी अपने क्षेत्रों में आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, ऋषिकेश नगर निगम क्षेत्र में नगर आयुक्त को नोडल अधिकारी बनाया गया है। यहां सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंध के साथ स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा।
सफाई से पहले और बाद की तस्वीर भी देनी होगी
ऋषिकेश में स्वच्छता अभियान की निगरानी को भी फोटो आधारित बनाया गया है। जिन स्थानों पर कूड़ा जमा है, गंदगी फैली है या सफाई की आवश्यकता है, वहां सफाई कराने के बाद सफाई से पहले और बाद की गूगल फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध करानी होगी।
देहरादून में भी स्वच्छता अभियान के दौरान कूड़ा और गंदगी वाले स्थानों की सफाई कराकर प्रतिदिन पहले और बाद की तस्वीरों के साथ रिपोर्ट देने के निर्देश हैं।
पुलिस भी करेगी अभियान में सहयोग
समस्त उप जिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के नगरीय निकायों में प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून से भी पुलिस क्षेत्राधिकारियों, थाना प्रभारियों और चौकी प्रभारियों को अभियान में प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक सहयोग देने के निर्देश जारी करने की अपेक्षा की गई है।
पुलिस विभाग की ओर से भी इस अभियान के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती की जाएगी।
गांवों में भी चलेगा जागरूकता अभियान
सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी और अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत को ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक के इस्तेमाल के खिलाफ जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी नोडल एवं सेक्टर अधिकारियों को अभियान में सहयोग करेंगे।
रोजाना जागरूकता और प्रचार-प्रसार के निर्देश
प्रशासन ने सभी नोडल, सह-नोडल और सेक्टर अधिकारियों को प्रतिदिन जनजागरूकता अभियान चलाने तथा व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं।
इस पूरी व्यवस्था का मकसद सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर प्रभावी रोक लगाने के साथ-साथ शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करना है। प्रशासन की ओर से यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह अभियान?
देहरादून में प्लास्टिक प्रतिबंध की यह कार्रवाई इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पहली बार अभियान को केवल छापेमारी तक सीमित रखने के बजाय वार्ड स्तर की निगरानी, विभागीय समन्वय, पुलिस सहयोग, फोटो आधारित रिपोर्टिंग और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता से जोड़ा गया है। अब इसकी वास्तविक परीक्षा इस बात से होगी कि प्रतिबंधित प्लास्टिक की बिक्री और इस्तेमाल पर जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी कार्रवाई होती है।



