
- टिक्की खाने पैदल पहुंचे धामी, पिता ने बताई 8 साल के बेटे की बीमारी; अब देव के इलाज का पूरा खर्च उठाएगी सरकार
- लोहियाहेड में ‘लोकल फॉर वोकल’ के बीच सामने आई एक परिवार की पीड़ा, सीएम की पहल के बाद घर पहुंची प्रशासन और डॉक्टरों की टीम; जल्द होगा बच्चे का MRI


इसके बाद मुख्यमंत्री ने बच्चे के इलाज के लिए तत्काल पहल करते हुए उपचार की व्यवस्था के निर्देश दिए। दरअसल, देव बचपन से ही बीमार है। उसके हाथ-पैर काम नहीं करते। परिवार लंबे समय से उसका उपचार करा रहा है। बेटे की बीमारी और लगातार इलाज की चिंता के बीच रवि शर्मा ने मुख्यमंत्री को अपनी स्थिति बताई।
मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बच्चे के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री की पहल के बाद सोमवार देर शाम प्रशासन की टीम रवि शर्मा के घर पहुंची।
डीएम समेत डॉक्टरों की टीम पहुंची घर
जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एसके गोस्वामी, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी और उपजिलाधिकारी तुषार सैनी चिकित्सकों के साथ लोहियाहेड स्थित रवि शर्मा के आवास पहुंचे।
ऑर्थो विशेषज्ञ चिकित्साधिकारी डॉ. एचएस ऐरी और मुख्य चिकित्साधिकारी ने बच्चे का परीक्षण किया। चिकित्सकों ने देव के पुराने उपचार और मेडिकल हिस्ट्री की जानकारी भी ली, ताकि उसकी स्वास्थ्य स्थिति को समझकर आगे के उपचार की दिशा तय की जा सके।
परीक्षण और पुरानी उपचार हिस्ट्री देखने के बाद चिकित्सकों ने सबसे पहले बच्चे का MRI कराने की सलाह दी है। MRI रिपोर्ट के आधार पर आगे का उपचार तय किया जाएगा।
कल ही MRI कराने के निर्देश
जिलाधिकारी ने मौके पर ही बच्चे का MRI कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चे और उसके अभिभावकों को जिला चिकित्सालय ले जाने के लिए प्रशासन की ओर से वाहन और सहायक उपलब्ध कराया जाएगा। डीएम ने यह भी कहा कि बच्चे के उपचार में किसी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी और इलाज के लिए हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री उठाएंगे इलाज का खर्च
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल के बाद देव के परिवार को उसके इलाज को लेकर नई उम्मीद मिली है। मुख्यमंत्री की ओर से बच्चे के उपचार का पूरा खर्च वहन किए जाने की बात सामने आई है। अब MRI रिपोर्ट के बाद डॉक्टर बच्चे के आगे के इलाज की दिशा तय करेंगे।
एक छोटी-सी दुकान पर हुई मुलाकात में पिता ने अपने बेटे के लिए मदद की गुहार लगाई थी। इसके बाद प्रशासन का बच्चे के घर पहुंचना और उपचार की प्रक्रिया शुरू होना इस परिवार के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।
टिक्की के बहाने स्थानीय कारोबारियों से जुड़े धामी


इस पूरी कहानी की शुरुआत लोहियाहेड में मुख्यमंत्री के ‘लोकल फॉर वोकल’ संदेश के साथ हुई। मुख्यमंत्री पैदल आम लोगों के बीच पहुंचे और स्थानीय दुकानदार रवि शर्मा के स्टॉल पर रुककर टिक्की खाई। उन्होंने रवि से उसके कारोबार और स्वरोजगार के बारे में जानकारी ली और स्थानीय स्तर पर व्यवसाय कर आजीविका अर्जित करने के प्रयास की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों से आत्मीय संवाद भी किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक व्यंजनों और छोटे व्यवसायों को प्रोत्साहन देना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल’ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, स्वरोजगार को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का माध्यम है। स्थानीय उत्पादों और सेवाओं को प्राथमिकता देने से इसका सीधा लाभ छोटे व्यापारियों, कारीगरों, युवाओं और स्वरोजगार से जुड़े लोगों को मिलता है।
एक मुलाकात, दो संदेश
लोहियाहेड की यह मुलाकात दो अलग-अलग संदेश छोड़ गई। एक ओर मुख्यमंत्री ने स्थानीय छोटे कारोबार और स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने के लिए स्थानीय स्टॉल पर पहुंचकर ‘लोकल फॉर वोकल’ का संदेश दिया, तो दूसरी ओर उसी मुलाकात में सामने आई एक पिता की पीड़ा पर तत्काल कार्रवाई की शुरुआत हुई।
अब आठ वर्षीय देव के MRI के बाद डॉक्टर आगे के उपचार की दिशा तय करेंगे। परिवार को उम्मीद है कि समय पर मिले उपचार और प्रशासन की मदद से बेटे की हालत में सुधार का रास्ता खुलेगा।



