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अंकिता भंडारी हत्याकांड: 24 घंटे में गिरफ्तारी, 88 दिन में जांच पूरी; तीनों दोषियों को उम्रकैद, धामी सरकार व पुलिस ने बताया क्या किया गया अब तक ?

अंकिता भंडारी केस: कैसे हुई जांच, कब मिली सजा? उत्तराखंड पुलिस ने बताई पूरी कहानी

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* अंकिता भंडारी हत्याकांड में 88 दिन में आरोपपत्र, तीनों दोषियों को आजीवन कठोर कारावास
देहरादून: पूर्व प्रदेश भाजपा प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के बाद एक बार फिर उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है। बुधवार शाम को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस नेताओं के साथ इंडिया गेट पर धरना दे रहे अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की।
उधर, इस प्रकरण पर नए सिरे से छिड़े हंगामे के बीच उत्तराखंड सरकार और पुलिस ने बताया कि अब तक इस मामले में क्या-क्या कदम उठाये गए हैं।
गुरुवार को अंकिता भंडारी हत्याकांड में जांच से लेकर दोषियों को सजा सुनाए जाने तक की कार्रवाई को लेकर अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरुगेशन ने पुलिस का पक्ष रखा। पुलिस मुख्यालय, देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि घटना सामने आने के 24 घंटे के भीतर तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया था। मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने 88 दिनों में जांच पूरी कर करीब 500 पृष्ठों का आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
पुलिस के अनुसार, कोटद्वार स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने 30 मई 2025 को पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी ठहराते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। तीनों दोषी वर्तमान में जेल में बंद हैं। 

क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?

वर्ष 2022 में ऋषिकेश के निकट वनंतरा रिजॉर्ट में कार्यरत अंकिता भंडारी की हत्या का मामला सामने आया था। घटना की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर तत्काल विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था।

अपर पुलिस महानिदेशक डॉ. वी. मुरुगेशन ने बताया कि जांच की जिम्मेदारी डीआईजी स्तर की महिला आईपीएस अधिकारी की अध्यक्षता वाली एसआईटी को सौंपी गई थी। इसका उद्देश्य मामले की गहन और प्रभावी जांच सुनिश्चित करना था।

डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर जांच

पुलिस के मुताबिक, एसआईटी ने जांच के दौरान डिजिटल, तकनीकी, फॉरेंसिक और भौतिक साक्ष्य जुटाए। अभियुक्तों से पूछताछ के साथ फॉरेंसिक रिपोर्टों और गवाहों के बयानों का भी विश्लेषण किया गया।

डॉ. मुरुगेशन के अनुसार, एसआईटी ने 88 दिनों के भीतर जांच पूरी कर लगभग 500 पृष्ठों का विस्तृत आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। पुलिस ने जांच में विभिन्न प्रकार के साक्ष्यों के संकलन और विश्लेषण को अहम बताया।

30 मई 2025 को तीनों अभियुक्तों को सुनाई गई थी उम्रकैद

एडीजी के अनुसार, राज्य सरकार ने मामले की त्वरित सुनवाई और प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रयास किए। पुलिस ने अदालत में दोषियों को सजा सुनाए जाने का श्रेय एसआईटी की जांच और अभियोजन पक्ष की पैरवी को दिया।

पुलिस मुख्यालय में हुई प्रेस वार्ता में डॉ. मुरुगेशन ने बताया कि न्यायालय ने 30 मई 2025 को पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी करार देते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। तीनों दोषी जेल में सजा काट रहे हैं।

गौरतलब है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड उत्तराखंड के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। पुलिस की इस प्रेस वार्ता में घटना के बाद हुई गिरफ्तारी, एसआईटी की जांच, आरोपपत्र और न्यायिक कार्रवाई के प्रमुख पड़ावों की जानकारी दी गई।

दिल्ली के बाद आज कांग्रेस नेताओं ने पार्टी कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर भाजपा पर निशाना साधा और प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व सीएम हरीश रावत, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ हरक सिंह रावत और महिला कांग्रेस समेत अन्य नेताओं ने राजभवन के बाहर धरना प्रदर्शन भी किया। 

अंकिता भंडारी हत्याकांड में धामी सरकार का बड़ा दावा  

अंकिता भंडारी हत्याकांड में जहाँ भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाये जाने पर विपक्षी पार्टी कांग्रेस हमलव्वार है, वहीं धामी सरकार ने दोहराया है कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए राज्य सरकार हर स्तर पर मजबूती से पीड़ित परिवार के साथ खड़ी रही है।

  • सरकार ने प्रकरण में उठाए गए क़दमों की जानकारी दी:- 
  • 24 घंटे के भीतर आरोपी भेजे गए जेल, अंतिम फैसले तक नहीं मिल सकी जमानत
  • SIT जांच, 500 पन्नों की चार्जशीट और करीब 100 गवाहों के आधार पर हुई मजबूत पैरवी
  • परिजनों की मांग पर तीन बार बदले गए सरकारी वकील, माता-पिता की मांग पर CBI जांच के भी दिए गए आदेश
  • पीड़ित परिवार को ₹25 लाख की आर्थिक सहायता और रोजगार भी
  • मजबूत जांच और प्रभावी पैरवी का परिणाम है अंकिता के कातिलों को मिली उम्रकैद की सजा
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