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‘Naveen’ Team 2026: नितिन नवीन की नई टीम में स्मृति ईरानी की वापसी, मालवीय की छुट्टी, राजे-तीरथ-बलूनी को बड़ी जिम्मेदारी

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने नई राष्ट्रीय टीम घोषित कर दी। स्मृति ईरानी और राम माधव की वापसी, वसुंधरा राजे व तीरथ सिंह रावत राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, अनिल बलूनी को मीडिया की जिम्मेदारी और अमित मालवीय की विदाई चर्चा में।

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  • BJP New Team: नितिन नवीन की नई टीम में 2027 का चुनावी मिशन? स्मृति ईरानी की वापसी, बलूनी-तीरथ को बड़ी जिम्मेदारी
  • भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने नई राष्ट्रीय टीम घोषित कर दी। स्मृति ईरानी और राम माधव की वापसी, वसुंधरा राजे व तीरथ सिंह रावत राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, अनिल बलूनी को मीडिया की जिम्मेदारी और अमित मालवीय की विदाई चर्चा में।

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने आखिरकार अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया है। 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले सामने आई इस टीम में अनुभव, क्षेत्रीय संतुलन, सामाजिक समीकरण और संगठन के साथ-साथ मीडिया व डिजिटल मोर्चे पर भी बड़ा संदेश दिखाई दे रहा है।

नई टीम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की जोरदार वापसी हुई है। उन्हें राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाकर एडजस्ट किया गया है। पूर्व राष्ट्रीय महासचिव राम माधव की भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के तौर पर वापसी हुई है।

सबसे ज्यादा नजर जिस बदलाव पर है, वह भाजपा के डिजिटल मोर्चे से जुड़ा है। लंबे समय से पार्टी के आईटी और सोशल मीडिया तंत्र का चेहरा रहे अमित मालवीय को नई टीम में जिम्मेदारी नहीं मिली है। उनकी जगह छत्तीसगढ़ के दीपक म्हस्के को सोशल मीडिया की राष्ट्रीय जिम्मेदारी दी गई है। उनके साथ चार सोशल मीडिया सह-संयोजक भी बनाए गए हैं।

‘नवीन’ टीम में उत्तराखंड को दो अहम जिम्मेदारियां

नितिन नवीन की टीम में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व खास तौर पर चर्चा में है। पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी को मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है। बलूनी पहले भी भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी के तौर पर यह जिम्मेदारी निभा रहे थे। उनको तीसरी बार यह ज़िम्मेदारी मिली है।

यानी उत्तराखंड से एक तरफ संगठन के शीर्ष स्तर पर पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को जगह मिली है, तो दूसरी तरफ मीडिया नैरेटिव संभालने की जिम्मेदारी भी राज्य के गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी के कंधों पर डालते हुए चुनावी राज्य को राष्ट्रीय संगठन में तवज्जो दी गई है।

उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनावों में भाजपा के लिए लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की चुनौती होगी। भाजपा पहले ही राज्य में बूथ स्तर पर चुनावी तैयारी और विधानसभा क्षेत्रों में संगठनात्मक प्रवास पर जोर दे रही है।

पांच राज्यों के चुनाव से पहले टीम का ऐलान

भाजपा की नई टीम ऐसे समय घोषित हुई है जब उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन पांचों राज्यों की मौजूदा विधानसभाओं का कार्यकाल 2027 के शुरू में समाप्त होना है।

उत्तरप्रदेश भाजपा के लिए सबसे बड़ा चुनावी रणक्षेत्र है, जहां सपा नेता अखिलेश यादव के पीडीए फार्मूले के चलते भाजपा को 2024 के लोकसभा चुनाव में खासा नुकसान उठाना पड़ा था। जबकि उत्तराखंड में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतर रही पार्टी का तीन लोकसभा चुनावों में पाँच-शून्य की हैट्रिक से आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है। ऐसे में नई राष्ट्रीय टीम में राज्यों के प्रभावशाली चेहरों को शामिल करना महज संगठनात्मक फेरबदल नहीं बल्कि चुनावी रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है।

स्मृति ईरानी की वापसी क्यों अहम?

स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव बनाना नई टीम की सबसे चर्चित नियुक्तियों में है। अमेठी की पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री ईरानी भाजपा की राष्ट्रीय राजनीति में लंबे समय से मुखर चेहरा रही हैं। उनकी वापसी को भाजपा के राजनीतिक संचार और राष्ट्रीय स्तर पर आक्रामक राजनीतिक संदेश देने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। नई टीम में महिलाओं को भी महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व मिला है। 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्षों में छह महिलाएं हैं।

 

वसुंधरा राजे और राम माधव की वापसी का संदेश

राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाकर भाजपा ने संगठन में उनके अनुभव और राजनीतिक वजन का फिर इस्तेमाल किया है। इसी तरह राम माधव की वापसी भी महत्वपूर्ण है। संगठन और रणनीतिक मामलों में उनका लंबा अनुभव रहा है। नई टीम में उनकी मौजूदगी को भाजपा के अनुभवी रणनीतिकारों को फिर सक्रिय भूमिका देने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

अमित मालवीय की विदाई पर सवाल

नई टीम में सबसे ज्यादा चर्चा अमित मालवीय के नाम की गैरमौजूदगी को लेकर है। लंबे समय तक भाजपा के डिजिटल और सोशल मीडिया तंत्र में प्रभावशाली भूमिका निभाने वाले मालवीय अब नई राष्ट्रीय टीम का हिस्सा नहीं हैं। क्या यह केवल संगठनात्मक बदलाव है या भाजपा डिजिटल राजनीति की अपनी रणनीति बदल रही है?

यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में भाजपा की चुनावी राजनीति में सोशल मीडिया और डिजिटल नैरेटिव बेहद महत्वपूर्ण हो चुके हैं।

कुछ राजनीतिक हलकों में इसे हालिया Gen-Z आंदोलन के बाद भाजपा के डिजिटल नैरेटिव को नए सिरे से गढ़ने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है। हालांकि, इस बदलाव को Gen-Z आंदोलन से जोड़ने की कोई आधिकारिक वजह भाजपा ने नहीं बताई है। इसलिए इसे फिलहाल राजनीतिक कयास के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

‘नवीन’ टीम में कौन-कौन?

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष

* वसुंधरा राजे सिंधिया — राजस्थान
* तीरथ सिंह रावत — उत्तराखंड
* राम माधव — दिल्ली
* बैजयंत जय पांडा — ओडिशा
* डी. पुरंदेश्वरी — आंध्र प्रदेश
* रेखा वर्मा — उत्तर प्रदेश
* वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोषी — गुजरात
* डॉ. भारती प्रवीन पवार — महाराष्ट्र
* सरदार मनप्रीत सिंह बादल — पंजाब
* लाल सिंह आर्य — मध्य प्रदेश
* प्रो. एम. नागराज — कर्नाटक
* प्रो. तारिक मंसूर — उत्तर प्रदेश
* डॉ. मधुचंद्र कर — पश्चिम बंगाल

संगठन की शीर्ष जिम्मेदारियां

राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन): बी.एल. संतोष
राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन): शिवप्रकाश, सौदान सिंह

राष्ट्रीय महासचिव

विनोद तावड़े, सुनील बंसल, बिप्लब कुमार देब, स्मृति ईरानी, डॉ. सतीश पूनिया, गजेंद्र पटेल, हरीश द्विवेदी और संजय भाटिया।

राष्ट्रीय सचिव

कविता पाटीदार, के. सुरेंद्रन, डॉ. भोला सिंह, डॉ. प्रदीप वर्मा, जगदीश ईश्वरभाई पटेल, डॉ. संदीप पाठक, फांगनोन कोन्याक, संगीता यादव, अनिल एंटनी, डॉ. एम. वेंकटेशन, मनोज टिग्गा, सिद्धार्थ शंभू, डॉ. स्वदेश सिंह, मृगांका देव बर्मन, रोहन गुप्ता और जय प्रकाश।

वित्त और कार्यालय

राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष: पीयूष गोयल
राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष: राजेश मंगल
राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी: तरुण चुघ
राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री: महेंद्र पांडे

क्षेत्रीय संगठन

नॉर्थ ईस्ट संयोजक: डॉ. संबित पात्रा
नॉर्थ ईस्ट सह-संयोजक: राजीव बब्बर

प्रकोष्ठ

प्रकोष्ठ समूह संयोजक: विष्णु दत्त शर्मा
सह-संयोजक: ऋतुराज सिन्हा, विष्णु वर्धन रेड्डी

मोर्चों की कमान

युवा मोर्चा: डॉ. हेमांग जोशी
महिला मोर्चा: रूप कुमारी चौधरी
ओबीसी मोर्चा: अमरपाल मौर्य
किसान मोर्चा: बंसीलाल गुर्जर
एससी मोर्चा: शिवेश कुमार राम
एसटी मोर्चा: डॉ. मनलाल रावत
अल्पसंख्यक मोर्चा: कुंवर बासित अली

मीडिया और सोशल मीडिया

मीडिया संयोजक: अनिल बलूनी — उत्तराखंड

मीडिया सह-संयोजक: आशीष उन्ना अग्रवाल — मध्य प्रदेश, प्रदीप भंडारी — दिल्ली, सिद्धार्थ यादव — दिल्ली

सोशल मीडिया संयोजक: दीपक म्हस्के — छत्तीसगढ़

सोशल मीडिया सह-संयोजक: प्रीति गांधी — महाराष्ट्र, शिवानंद द्विवेदी — दिल्ली, आलोक भट्ट — उत्तराखंड, अरुण यादव — हरियाणा

 सबसे बड़ा सवाल: नितिन नवीन का चुनावी ब्लूप्रिंट क्या है?

नई टीम को गौर से देखें तो तस्वीर तीन स्तरों पर दिखाई देती है—

अनुभव + सामाजिक/क्षेत्रीय संतुलन + डिजिटल रीसेट।

स्मृति ईरानी, वसुंधरा राजे और राम माधव जैसे पुराने और प्रभावशाली चेहरों को वापस लाया गया है। तीरथ सिंह रावत को राष्ट्रीय भूमिका देकर उत्तराखंड जैसे चुनावी राज्य को महत्व दिया गया है। वहीं सोशल मीडिया में नेतृत्व परिवर्तन यह संकेत देता है कि पार्टी डिजिटल मोर्चे को भी नए सिरे से व्यवस्थित करना चाहती है।

2027 की चुनावी जंग से पहले नितिन नवीन की पहली बड़ी टीम ने इतना तो साफ कर दिया है कि भाजपा अब संगठन को चुनावी मोड में ले जाने की तैयारी कर चुकी है।

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