
- नशे के खिलाफ 1500 युवाओं का संकल्प, राज्यपाल गुरमीत सिंह बोले- पूरे समाज को एकजुट होना होगा

देहरादून: नशे के खिलाफ लड़ाई अब केवल सरकार या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। देहरादून के सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में उत्तराखंड के राज्यपाल ले. जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने युवाओं से नशे के खिलाफ निर्णायक सामाजिक लड़ाई लड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम में 1500 से अधिक युवाओं ने नशे से दूर रहने और समाज में नशामुक्ति का संदेश फैलाने का संकल्प लिया।
“नशा-मुक्त युवा: विकसित भारत का भविष्य एवं वैश्विक स्वास्थ्य सेवाओं में नर्सिंग एवं पैरामेडिकल पेशेवरों की भूमिका, अवसर, कौशल एवं संभावनाएं” विषय पर सजग इंडिया की ओर से आयोजित युवा संवाद में राज्यपाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने देश के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) स्व. जनरल बिपिन रावत के नाम पर स्थापित सभागार का लोकार्पण किया और सजग इंडिया की पुस्तिका का विमोचन भी किया।

राज्यपाल बोले- नशे के खिलाफ परिवार से लेकर समाज तक सबको साथ आना होगा
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में केवल सरकार के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। शिक्षक, डॉक्टर, दोस्त, परिवार और समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इसमें अपनी भूमिका निभानी होगी।
उन्होंने कहा कि ड्रग्स परिवार और समाज को बर्बाद कर रहा है। कोई व्यक्ति जब पहली बार गलत कदम उठाता है तो उसके लिए वापस लौटना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में जरूरत है कि युवाओं को समय रहते सही दिशा दी जाए और उन्हें नशे की गिरफ्त में जाने से बचाया जाए।
राज्यपाल ने कहा कि जिस परिवार का बेटा या बेटी नशे की गिरफ्त में आता है, उस परिवार की पीड़ा को समझना होगा। सरकार, समाज और प्रत्येक व्यक्ति की सोच होनी चाहिए कि नशे के खिलाफ एकजुट होकर लड़ाई लड़ी जाए।

18 साल में 8 लाख से ज्यादा युवाओं तक पहुंचा अभियान
कार्यक्रम में सजग इंडिया एवं सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के अध्यक्ष एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने बताया कि उत्तराखंड पुलिस और राज्य सरकार के संयुक्त तत्वावधान में सजग इंडिया पिछले करीब डेढ़ दशक से युवा संवाद कार्यक्रमों के जरिए नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चला रहा है।
उन्होंने बताया कि अभियान उत्तराखंड के 13 जिलों और 95 ब्लॉकों तक पहुंच चुका है। हाल ही में प्रदेश के प्रथम गांव माणा से भी अभियान की शुरुआत की गई है। अब इसे गंगा से गंगासागर और कश्मीर से कन्याकुमारी तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
राज्यपाल ने सजग इंडिया के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पिछले 18 वर्षों में अभियान के माध्यम से 8 लाख से अधिक युवाओं तक नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश पहुंचाया गया है।
“संवाद से ही समाधान मिलेगा”, युवाओं को दिया सेल्फ-कंट्रोल का मंत्र
युवा संवाद के दौरान राज्यपाल ने कहा कि “संवाद से ही समाधान मिलेगा।” युवाओं से बात करना, उनकी समस्याओं को सुनना और उनकी गलतफहमियों को दूर करना जरूरी है। कई बार युवा गलत जानकारी या गलत संगत के कारण नशे की ओर बढ़ जाते हैं।
उन्होंने युवाओं को अपने अंदर सेल्फ-कंट्रोल मजबूत करने, लक्ष्य निर्धारित करने और अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने की सलाह दी।
राज्यपाल ने युवाओं से कहा कि वे बड़े सपने देखें और लक्ष्य हासिल होने तक रुकें नहीं। उन्होंने आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए युवाओं को स्वयं से संवाद करने की भी सलाह दी।
मोबाइल और शराब के बढ़ते प्रभाव पर जताई चिंता
राज्यपाल ने मोबाइल के गलत इस्तेमाल और शराब के बढ़ते प्रभाव पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इन चीजों का समाज पर प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों से भी प्रदेश की संस्कृति, प्रकृति और स्वस्थ वातावरण का सम्मान करने की अपील की।
नर्सिंग और पैरामेडिकल युवाओं से बोले- यह नौकरी नहीं, सेवा का अवसर
नर्सिंग और पैरामेडिकल क्षेत्र के युवाओं से संवाद करते हुए राज्यपाल ने कहा कि मेडिकल क्षेत्र से जुड़ना केवल नौकरी हासिल करना नहीं, बल्कि सेवा का अवसर है।
उन्होंने कहा, “नर्स का मतलब है कि मैं आपके लिए क्या कर सकता हूं।”
राज्यपाल ने युवाओं से अच्छे दोस्त बनाने और संगत को लेकर सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि गलत संगत का जीवन पर गहरा असर पड़ सकता है। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि अपने जीवन, लक्ष्य और भविष्य का नियंत्रण अपने हाथ में रखें और किसी नशे या गलत आदत को अपने भविष्य का फैसला न करने दें।
नर्सिंग-पैरामेडिकल क्षेत्र में बढ़ रहे अवसर
कार्यक्रम में सीआईएमएस कॉलेज के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर डॉ. महेश कुडियाल ने नर्सिंग और पैरामेडिकल क्षेत्र में उपलब्ध कौशल, अवसरों और संभावनाओं की जानकारी दी। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में प्रशिक्षित नर्सिंग एवं पैरामेडिकल पेशेवरों की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला।
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर पद्मश्री डॉ. आर.के. जैन ने कहा कि राज्य निर्माण के बाद वह पहली बार उत्तराखंड में नर्सिंग शिक्षा लेकर आए थे। उन्होंने कहा कि आज बड़ी संख्या में युवा यहां से शिक्षा लेकर देश के महत्वपूर्ण संस्थानों में सेवाएं दे रहे हैं।
1500 से ज्यादा युवाओं ने लिया नशामुक्ति का संकल्प
कार्यक्रम में यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, देहरादून के मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, एचएनबी उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. विजय जुयाल, कैलाश अस्पताल के निदेशक पवन शर्मा, समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, संयुक्त निदेशक विधि गिरीश चन्द्र पंचोली, दैनिक जागरण के संपादक मनोज झा, वरिष्ठ पत्रकार देवेंद्र सती, केयर कॉलेज के चेयरमैन राजकुमार शर्मा, सीआईएमएस एंड यूआईएचएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के मैनेजिंग डायरेक्टर संजय जोशी समेत विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में 1500 से अधिक युवाओं ने प्रतिभाग किया। युवाओं ने नशे से दूर रहने, अपने साथियों को नशे से बचाने और समाज में नशामुक्ति का संदेश आगे बढ़ाने की शपथ ली।
संदेश साफ था कि नशामुक्त युवा ही स्वस्थ समाज और विकसित भारत की मजबूत नींव बन सकते हैं।




