
Amit Shah Uttarakhand Visit: 1475 करोड़ की योजनाएं, पुलिस को राष्ट्रपति निशान

देहरादून। उत्तराखंड राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ से पहले केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को देहरादून से प्रदेश के विकास, सुरक्षा और राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा संदेश दिया। परेड ग्राउंड में आयोजित राज्योत्सव समारोह में उन्होंने जहां 1,475.31 करोड़ रुपये की 62 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया, वहीं उत्तराखंड की विकास यात्रा को वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ते हुए कहा कि विकसित भारत की यात्रा का पहला पड़ाव उत्तराखंड बनने जा रहा है।
इसके बाद रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित दूसरे कार्यक्रम में अमित शाह ने उत्तराखंड पुलिस को प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस निशान (प्रेसिडेंट्स कलर) से अलंकृत किया। इसके साथ ही उत्तराखंड यह सम्मान हासिल करने वाला देश का 16वां राज्य बन गया। राज्योत्सव के मंच पर लोकसंस्कृति, सिनेमा, खेल, सामाजिक सेवा और अन्य क्षेत्रों की विभूतियों को सम्मानित किया गया। छह बच्चों को पहली बार मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार प्रदान किए गए।
दो अलग-अलग कार्यक्रमों में विकास, विरासत, सुरक्षा और सम्मान का यह संगम उत्तराखंड के 26 वर्षों की यात्रा को रेखांकित करता नजर आया।
- गौरव, सिद्धि और संकल्प के साथ आगे बढ़ेगा उत्तराखंड
परेड ग्राउंड में आयोजित राज्योत्सव समारोह को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि उत्तराखंड राज्य का निर्माण पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे संवारने का काम कर रहे हैं। उन्होंने राज्योत्सव को गौरव, सिद्धि और संकल्प के रूप में मनाने की बात कही।
उन्होंने कहा कि गौरव उत्तराखंड राज्य के निर्माण का है, सिद्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में विकसित उत्तराखंड की दिशा में हो रहे कार्यों की है और संकल्प राज्य की सांस्कृतिक विरासत तथा पर्यावरण के संरक्षण का है।
अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की यात्रा में उत्तराखंड पहला पड़ाव बनने जा रहा है। उन्होंने राज्य की वीर परंपरा का उल्लेख करते हुए नई पीढ़ी से वीरांगना तीलू रौतेली, माधो सिंह भंडारी, दरबान सिंह नेगी, गबर सिंह नेगी, चंद्र सिंह गढ़वाली और जनरल बिपिन रावत जैसे महान व्यक्तित्वों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
- 2022 के मुकाबले जीएसडीपी में 50 प्रतिशत की वृद्धि

केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2022 की तुलना में प्रदेश की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में 50 प्रतिशत और प्रति व्यक्ति आय में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
उन्होंने वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें 3.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर हुए थे, जिनमें से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू कर देश के सामने उदाहरण प्रस्तुत किया है। अब 15 अन्य राज्य भी इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। नकल विरोधी कानून का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में बिना सिफारिश और अतिरिक्त खर्च के 35 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं।
अमित शाह ने महिला आरक्षण, लखपति दीदी योजना, होम स्टे, सीमांत क्षेत्रों के विकास और सैनिकों के सम्मान के लिए उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने शहीद सैनिकों के परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की है।
- कांग्रेस पर हमला, कहा- 2027 में तीसरी बार भाजपा बनाएगी सरकार
राज्योत्सव समारोह का मंच विकास की उपलब्धियों के साथ राजनीतिक संदेश देने का माध्यम भी बना। केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए एसआईआर के मुद्दे पर निकाली जा रही वोट बचाओ यात्रा को घुसपैठियों को बचाने की यात्रा बताया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उत्तराखंड के विकास के लिए ऐसा कोई काम नहीं किया जिसे याद रखा जाए। सीमांत क्षेत्रों में सड़क निर्माण का उल्लेख करते हुए उन्होंने पिछली सरकारों पर चीन के डर से सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास कार्य बाधित रखने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सीमांत क्षेत्रों तक सड़क संपर्क मजबूत किया गया है और देश की सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिली है। सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर केंद्र सरकार की नीति को रेखांकित किया।
परेड ग्राउंड के मंच से अमित शाह के संबोधन में 2027 के विधानसभा चुनाव की झलक भी साफ दिखाई दी। उन्होंने उत्तराखंड में भाजपा की लगातार तीसरी सरकार बनने का विश्वास जताते हुए पार्टी के 65 से अधिक सीटों के लक्ष्य का भी उल्लेख किया।
- धामी सरकार की उपलब्धियों और उत्तराखंड की आर्थिक प्रगति का जिक्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय गृह मंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड को विकसित और समृद्ध बनाने के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य में कनेक्टिविटी, पर्यटन, उद्योग, स्वरोजगार और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी जा रही है। नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य सूचकांक में उत्तराखंड के प्रथम स्थान, खनन क्षेत्र में सुधारों के लिए 200 करोड़ रुपये के पुरस्कार और मत्स्य विकास में मिली उपलब्धियों का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की जीएसडीपी लगभग 3.82 लाख करोड़ रुपये, प्रति व्यक्ति आय करीब 2.74 लाख रुपये और आर्थिक वृद्धि दर लगभग 7.23 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश के लगभग 54,928 करोड़ रुपये के बजट की तुलना में उत्तराखंड के लगभग 1,11,703 करोड़ रुपये के बजट का उल्लेख करते हुए कहा कि यह राज्य के विकास की गति को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र, शांति और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने का आह्वान करते हुए कहा कि सवाल पूछना और असहमति व्यक्त करना लोकतंत्र का अधिकार है, लेकिन युवाओं को भड़काना, अफवाह फैलाना और हिंसा को प्रोत्साहित करना स्वीकार्य नहीं है।
- 1475.31 करोड़ की 62 योजनाओं से विकास को मिलेगी गति

राज्योत्सव समारोह में अमित शाह और मुख्यमंत्री धामी ने कुल 1,475.31 करोड़ रुपये की 62 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें 1,073.11 करोड़ रुपये की 44 योजनाओं का शिलान्यास और 402.20 करोड़ रुपये की 18 योजनाओं का लोकार्पण शामिल है।
ऊर्जा क्षेत्र में यूपीसीएल की 472.33 करोड़ रुपये की 20 योजनाओं का शिलान्यास और 77.93 करोड़ रुपये की तीन योजनाओं का लोकार्पण किया गया।
पेयजल निगम की 191.17 करोड़ रुपये की आठ योजनाओं का शिलान्यास तथा 82.03 करोड़ रुपये की पांच योजनाओं का लोकार्पण हुआ। जल संस्थान की 62.30 करोड़ रुपये की दो योजनाओं का भी शिलान्यास किया गया।
लोक निर्माण विभाग की 18.78 करोड़ रुपये की एक योजना का शिलान्यास और 99.68 करोड़ रुपये की तीन योजनाओं का लोकार्पण किया गया। शहरी विकास विभाग की 92.25 करोड़ रुपये की चार योजनाओं का शिलान्यास और 10.95 करोड़ रुपये की एक योजना का लोकार्पण हुआ। इनमें हरिद्वार में आगामी कुंभ मेला-2027 के मद्देनजर सड़क, पुल और आधारभूत सुविधाओं के विकास से जुड़े कार्य शामिल हैं।
तकनीकी शिक्षा विभाग की 35.06 करोड़ रुपये की एक योजना का शिलान्यास और 61.98 करोड़ रुपये की तीन योजनाओं का लोकार्पण किया गया। पर्यटन विभाग की 43.70 करोड़ रुपये की दो योजनाओं का शिलान्यास हुआ। इनमें टिहरी की डोबरा-चांठी पार्क परियोजना और हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना के लिए विद्युत आपूर्ति संबंधी कार्य शामिल हैं।
गृह विभाग की 68.27 करोड़ रुपये की दो योजनाओं के अंतर्गत देहरादून में 31.63 करोड़ रुपये की लागत से साइबर उत्कृष्टता केंद्र और हल्द्वानी में 36.64 करोड़ रुपये की लागत से फायर स्टेशन के आवासीय भवन बनाए जाएंगे।
इसके अलावा सितारगंज में 48.21 करोड़ रुपये की लागत से मिल्क पाउडर प्लांट, आइसक्रीम प्लांट और बेकरी यूनिट का निर्माण किया जाएगा। उच्च शिक्षा, आवास, गन्ना विकास और चिकित्सा शिक्षा से जुड़ी योजनाओं को भी इस अवसर पर शामिल किया गया।
देहरादून के परेड ग्राउण्ड में आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, विजय बहुगुणा, तीरथ सिंह रावत एवं डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, सांसद अनिल बलूनी, अजय भट्ट एवं बांसुरी स्वराज, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी, मदन कौशिक, खजान दास, सुबोध उनियाल, डॉ. धन सिंह रावत, राम सिंह कैड़ा, सौरभ बहुगुणा, रेखा आर्य, भरत सिंह चौधरी एवं प्रदीप बत्रा, देहरादून के महापौर सौरभ थपलियाल सहित कई विधायक, विभिन्न दायित्वधारी, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में प्रदेशवासी उपस्थित रहे।
- उत्तराखंड पुलिस को राष्ट्रपति निशान, देश का 16वां राज्य बना देवभूमि

परेड ग्राउंड के कार्यक्रम के बाद अमित शाह रिजर्व पुलिस लाइन पहुंचे। यहां आयोजित भव्य अलंकरण समारोह में उन्होंने उत्तराखंड पुलिस की परेड का निरीक्षण किया और पुलिस बल को राष्ट्रपति पुलिस निशान प्रदान किया।
राज्य गठन के बाद 25 वर्षों की सेवा, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट कार्यों के लिए उत्तराखंड पुलिस को यह प्रतिष्ठित सम्मान मिला है। इस उपलब्धि के साथ उत्तराखंड देश का 16वां राज्य बन गया है, जिसकी पुलिस को राष्ट्रपति पुलिस निशान से अलंकृत किया गया है।
अमित शाह ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस ने अपनी सेवा भावना, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा से विशिष्ट पहचान बनाई है। चारधाम यात्रा, कुंभ, पर्यटन और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान पुलिस की जिम्मेदारियां बेहद चुनौतीपूर्ण रहती हैं। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी पुलिस के जवान पूरी निष्ठा से अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पुलिस ने तीन नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में भी उल्लेखनीय प्रयास किए हैं। आधुनिक तकनीक, फॉरेंसिक विज्ञान और डिजिटल प्रणाली के इस्तेमाल से जांच और न्यायिक प्रक्रिया को तेज करने में मदद मिलेगी। उन्होंने मई 2027 के बाद दर्ज होने वाली एफआईआर के मामलों में तीन वर्ष के भीतर दोषियों को सजा दिलाने का लक्ष्य भी बताया।
गृह मंत्री ने कर्तव्य निर्वहन के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले उत्तराखंड पुलिस के 206 जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने बताया कि राज्य गठन के समय लगभग 13 हजार जवानों से शुरू हुई पुलिस की यात्रा आज 26 हजार से अधिक जवानों तक पहुंच चुकी है।
इस अवसर पर विशिष्ट सेवा के लिए सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक नारायण सिंह नपलच्याल और मुख्य अग्निशमन अधिकारी वंश बहादुर यादव को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया। सराहनीय सेवा के लिए पुलिस अधीक्षक जगदीश चंद्र, सहायक सेनानायक प्रतिमा भट्ट और सेवानिवृत्त उप निरीक्षक सौहकार पुंडीर को भी पदक प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री धामी ने राष्ट्रपति पुलिस निशान को उत्तराखंड पुलिस के गौरवशाली इतिहास का नया अध्याय बताते हुए कहा कि यह सम्मान प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के लिए गर्व का विषय है।

- गढ़ रत्न नरेंद्र सिंह नेगी और हेमंत पांडे को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड

राज्योत्सव समारोह में उत्तराखंड की लोकसंस्कृति और कला जगत की दो बड़ी हस्तियों को विशेष सम्मान दिया गया।
प्रसिद्ध लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी को वर्ष 2024 और अभिनेता हेमंत पांडे को वर्ष 2025 के लिए उत्तराखंड फिल्म नीति-2024 के अंतर्गत लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार प्रदान किया गया। दोनों कलाकारों को दो-दो लाख रुपये की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
नरेंद्र सिंह नेगी ने अपने लोकगीतों के माध्यम से उत्तराखंड की संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक सरोकारों को नई पहचान दी है। वहीं, अभिनेता हेमंत पांडे ने हिंदी फिल्म और मनोरंजन जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है।
- पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी समेत 15 विभूतियों को उत्तराखंड गौरव सम्मान

उत्तराखंड राज्योत्सव के अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 15 महानुभावों को उत्तराखंड गौरव सम्मान-2026 प्रदान किया गया।
इनमें पूर्व मुख्यमंत्री एवं मेजर जनरल स्वर्गीय भुवन चंद्र खंडूड़ी को राजनीति एवं शासन के क्षेत्र में मरणोपरांत सम्मानित किया गया।
अन्य सम्मानित विभूतियों में चिकित्सा क्षेत्र से डॉ. जीवन सिंह तितियाल, उद्यमिता से मनमोहन भारद्वाज, फिल्म जगत से हिमानी शिवपुरी, लोक जागर गायन से हेमा नेगी करासी, शिक्षा एवं पत्रकारिता से डॉ. गिरीश रंजन तिवारी शामिल रहे।
सामाजिक क्षेत्र में अनीता थपलियाल शर्मा और कश्मीर सिंह, पर्यावरण संरक्षण में सुरेश भाई तथा लोक गायन में रेशमा शाह को सम्मानित किया गया।
खेल जगत से एकता बिष्ट, वंदना कटारिया, अंकिता ध्यानी, निकिता चंद और कपिल पोखरिया को भी उत्तराखंड गौरव सम्मान प्रदान किया गया।
- छह बच्चों को पहली बार मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार

समारोह का एक बेहद भावुक और प्रेरणादायी पहलू छह बच्चों को मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार से सम्मानित करना रहा। राज्य में पहली बार शुरू किए गए इस पुरस्कार के तहत प्रत्येक बच्चे को पदक, प्रशस्ति पत्र और 51 हजार रुपये की धनराशि प्रदान की गई।
चमोली की दिव्या, दीपिका और आरव सिंह को विद्यालय परिसर में भालू के हमले के दौरान साहस और सूझबूझ दिखाने के लिए सम्मानित किया गया। 22 दिसंबर 2025 को विद्यालय में घुसे भालू ने छात्र आरव पर हमला किया था। दिव्या ने उसे बचाने का प्रयास किया, जबकि दीपिका ने नौ अन्य विद्यार्थियों को सुरक्षित कमरे में पहुंचाया।
चम्पावत की माया को नदी के तेज बहाव में फंसी एक बालिका की जान बचाने के लिए सम्मान मिला। देहरादून की आराध्या ने बादल फटने और अचानक मलबा-पानी आने की घटना के दौरान घर के 17 लोगों को सतर्क कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और तीन साल की बच्ची को भी बचाया।
टिहरी की श्वेता ने तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से एक बुजुर्ग को बचाया था। इन बच्चों के साहस को राज्य स्तर पर पहचान देते हुए उन्हें सम्मानित किया गया।
- उत्तराखंड की टोपी, गंगाजली और समुद्र मंथन का प्रतीक भेंट

राज्योत्सव समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान से जुड़े स्मृति चिह्न भेंट किए। इनमें उत्तराखंड की पारंपरिक टोपी, शॉल, गंगाजली और समुद्र मंथन का प्रतीक चिह्न शामिल रहे।
यह भेंट राज्य की सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन भारतीय सभ्यता के साथ उत्तराखंड के संबंधों को प्रदर्शित करने का प्रतीक बनी।
26 साल की यात्रा और 2047 का संकल्प
उत्तराखंड नौ नवंबर को राज्य स्थापना के 26 वर्ष पूरे करने जा रहा है। इस अवसर पर छह से 13 नवंबर तक राज्योत्सव कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। राज्य निर्माण के आंदोलन से लेकर आज तक प्रदेश ने विकास, आधारभूत ढांचे, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के क्षेत्रों में कई पड़ाव तय किए हैं।
अमित शाह के दौरे के दोनों कार्यक्रमों ने राज्य की इसी यात्रा के दो महत्वपूर्ण पहलुओं को सामने रखा। परेड ग्राउंड में जहां सरकार ने विकास योजनाओं, आर्थिक उपलब्धियों और सांस्कृतिक प्रतिभाओं को केंद्र में रखा, वहीं पुलिस लाइन में उत्तराखंड पुलिस को राष्ट्रीय स्तर का सम्मान मिला।
अब बड़ा सवाल यह है कि विकास के इन दावों और नई परियोजनाओं का लाभ प्रदेश के दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों तक कितनी तेजी से पहुंचता है। 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य में उत्तराखंड को पहला पड़ाव बनाने की बात तभी सार्थक होगी, जब विकास की रफ्तार के साथ रोजगार, पलायन, शिक्षा, स्वास्थ्य और सीमांत क्षेत्रों की बुनियादी चुनौतियों पर भी निर्णायक प्रगति दिखाई देगी।




