
देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा के पूर्व सचिव जगदीश चंद्र का मंगलवार दोपहर देहरादून स्थित मैक्स अस्पताल में निधन हो गया। उनके निधन का समाचार मिलते ही राजनीतिक, प्रशासनिक एवं सामाजिक क्षेत्रों में शोक की लहर फैल गई।
जगदीश चंद्र अपनी प्रशासनिक दक्षता, संसदीय परंपराओं की गहरी समझ तथा सहज और सौम्य व्यक्तित्व के लिए व्यापक रूप से सम्मानित थे। विधानसभा सचिव के रूप में उन्होंने लंबे समय तक महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया और अपनी कार्यशैली से विशिष्ट पहचान बनाई।
उनके निधन पर विभिन्न जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों तथा शुभचिंतकों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है। सभी ने सार्वजनिक जीवन और संसदीय व्यवस्था में उनके योगदान को स्मरण किया।
परिजनों के अनुसार उनकी अंतिम यात्रा बुधवार, 24 जून को प्रातः 10 बजे उनके निवास नंद निवास, शांतिविहार फेज-1, अजबपुर, महिंद्रा शोरूम के पीछे, देहरादून से प्रारंभ होगी। इसके उपरांत हरिद्वार के खड़खड़ी घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
सतपुली में पैर फिसलने से हो गए थे घायल
जानकारी के अनुसार जगदीश चंद्र कुछ दिनों पहले पौड़ी गढ़वाल के सतपुली क्षेत्र में गांवों का दौरा कर रहे थे और इसी दौरान वे पैर फिसलने से घायल हो गए थे। बताया गया कि गिरने से उन्हें गर्दन के आसपास गंभीर चोट आई थी। हादसे के बाद उन्हें तत्काल देहरादून लाया गया और कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उनकी हालत गंभीर होने लगी तो बेहतर इलाज के लिए कैलाश अस्पताल से मैक्स अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
2027 का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे चंद्र
माना जा रहा था कि जगदीश चंद्र उत्तराखंड विधानसभा का चुनाव लड़ना चाह रहे थे और इसीलिए सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा था। उन्होंने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। पौड़ी सुरक्षित सीट से वे कांग्रेस के टिकट के दावेदार माने जा रहे थे। उनके निधन से उनके समर्थकों और जानने वालों में शोक की लहर दौड़ गई है।



