
हरिद्वार। कांवड़ यात्रा 2026 के बीच मंगलवार को धर्मनगरी हरिद्वार में आस्था, सेवा और सम्मान का अनूठा संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरकी पैड़ी से लेकर कांवड़ यात्रा मार्ग तक हेलीकॉप्टर से शिवभक्त कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने शिवभक्त कांवड़ियों के चरण प्रक्षालन कर उनका सम्मान किया और अपने हाथों से भोजन परोसकर सेवा का संदेश दिया।

राज्य सरकार की ओर से आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का उद्देश्य देशभर से उत्तराखंड पहुंचे शिवभक्तों का अभिनंदन करने के साथ-साथ कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सफल संचालन का संदेश देना था। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इस दौरान मुख्यमंत्री का अभिवादन किया और पूरे कार्यक्रम में “बम-बम भोले” के जयघोष गूंजते रहे। स्वास्थ्य सेवा शिविर का शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रियों की सुविधा के लिए स्थापित मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवा शिविर का भी उद्घाटन किया। उन्होंने शिविर में उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधाओं का निरीक्षण किया और अधिकारियों से श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान किसी भी श्रद्धालु को उपचार और स्वास्थ्य संबंधी सहायता के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े।
‘एक करोड़ से अधिक शिवभक्त गंगाजल लेकर लौट चुके’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस वर्ष अब तक एक करोड़ से अधिक शिवभक्त गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार का संकल्प है कि देवभूमि आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु सुरक्षित, सुगम और सम्मानजनक वातावरण में अपनी यात्रा पूरी करे।
उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन परंपरा, सामाजिक समरसता, अनुशासन और सेवा भावना का विराट उत्सव है। पिछले पांच वर्षों से उन्हें कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की सेवा करने का अवसर मिल रहा है, जिसे वे अपना सौभाग्य मानते हैं।
ड्रोन, CCTV और स्वास्थ्य सेवाओं से लैस है पूरी व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए पूरे कांवड़ यात्रा मार्ग पर व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। यात्रा की निगरानी ड्रोन और CCTV कैमरों के माध्यम से की जा रही है। इसके अलावा एंबुलेंस सेवाएं, स्वास्थ्य शिविर, आपातकालीन सहायता केंद्र और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया गया है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से भी अपील की कि यात्रा के दौरान अनुशासन और धार्मिक परंपराओं का पालन करें ताकि कांवड़ यात्रा की गरिमा बनी रहे।
पुलिसकर्मियों और पर्यावरण मित्रों को किया सम्मानित

कांवड़ यात्रा के सफल संचालन में योगदान देने वाले पांच पुलिसकर्मियों और पांच पर्यावरण मित्रों को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल दस लोगों का नहीं, बल्कि उन हजारों कर्मयोगियों के प्रति राज्य की कृतज्ञता का प्रतीक है, जो सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए दिन-रात कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, पर्यावरण मित्रों, स्वच्छता कर्मियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और अन्य सेवा कार्यों में जुटे सभी लोगों की सराहना करते हुए कहा कि उनके सामूहिक प्रयासों से ही दुनिया की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में शामिल कांवड़ यात्रा सफलतापूर्वक संचालित हो रही है।
धार्मिक विरासत और विकास परियोजनाओं का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को नई पहचान मिली है। काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक, श्रीराम जन्मभूमि, केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण और बद्रीनाथ मास्टर प्लान जैसी परियोजनाओं ने भारत के धार्मिक स्थलों के विकास को नई गति दी है।
उन्होंने वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा का उल्लेख करते हुए कहा कि पुनर्निर्माण के बाद केदारनाथ धाम आज विश्वभर के श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना है। उन्होंने हरिद्वार में प्रस्तावित गंगा कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर को भी राज्य के धार्मिक पर्यटन और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम में संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में देश के विभिन्न राज्यों से आए शिवभक्त कांवड़ियों ने भाग लिया।




