
विद्यार्थियों के सपनों से बनेगा विकसित उत्तराखंड, CM धामी ने अब तक सुने 2.67 लाख छात्रों के विचार; देवप्रयाग के 68 मेधावी विद्यार्थी जाएंगे भारत दर्शन

देहरादून/श्रीनगर। उत्तराखंड के भविष्य को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विद्यार्थियों के सपनों, सुझावों और सोच को विकास की दिशा से जोड़ने पर जोर दिया है। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर स्थित प्रेक्षागृह में आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर के विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। इस दौरान ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान के तहत सामने आए विचारों पर चर्चा हुई। अभियान को विद्यार्थियों का व्यापक समर्थन मिला है और प्रदेशभर से 2,67,744 विद्यार्थियों ने अपने निबंध एवं विचार भेजे हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल के उत्तराखंड और भारत का नेतृत्व करेंगे। युवाओं की ऊर्जा, सोच और विकसित उत्तराखंड के प्रति उनकी प्रतिबद्धता प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने सपनों को लक्ष्य में बदलकर निरंतर मेहनत करने तथा सकारात्मक बदलाव में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

‘नौकरी खोजने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें युवा’
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को आत्मनिर्भरता का संदेश देते हुए कहा कि युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाला बनने के बजाय नौकरी देने वाला बनने का लक्ष्य रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं, लेकिन मजबूत संकल्प और सकारात्मक सोच के साथ युवाओं को अपनी परिस्थितियों को अवसर में बदलना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पलायन, रोजगार, खेती, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, पर्यावरण और चारधाम यात्रा जैसे विषयों पर अपने विचार और सुझाव मुख्यमंत्री के सामने रखे। रुद्रप्रयाग की छात्रा सीमा सेमवाल ने पलायन पर लिखे अपने निबंध के अनुभव साझा किए। वहीं देवप्रयाग की छात्रा श्रेया सेमवाल ने पहाड़ों में रोजगार और अपनी जड़ों से जुड़े रहने की आवश्यकता पर विचार रखे।
छात्रा तमन्ना ने पलायन और खेती से कम आय की समस्या को उठाते हुए कहा कि पहाड़ में ही रोजगार के अवसर बढ़ाए जाने चाहिए। मुख्यमंत्री ने उनके विचार की सराहना करते हुए इसे सकारात्मक सोच का परिचायक बताया।
पलायन, शिक्षा और रोजगार पर विद्यार्थियों ने रखे सवाल
विद्यार्थियों ने सरकारी स्कूलों और अस्पतालों में लोगों का भरोसा बढ़ाने, गांवों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने और कौशल विकास को विद्यालय स्तर से जोड़ने के सुझाव भी दिए। एक छात्र ने छोटे गांवों तक हेलीकॉप्टर एंबुलेंस जैसी सुविधा पहुंचाने तथा विद्यार्थियों को कौशल विकास की ट्रेनिंग देने का सुझाव दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि युवाओं को उनकी प्रतिभा और क्षमता का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए आवश्यक सुविधाएं और अवसर मिलें। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 500 से अधिक स्मार्ट क्लास संचालित किए जा रहे हैं और रिवर्स माइग्रेशन की दिशा में भी कार्य हो रहा है।
पर्यटन और पर्यावरण को लेकर भी विद्यार्थियों ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। विद्यार्थियों ने उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा को सुरक्षित रखते हुए पर्यटन को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर जोर दिया।
2.67 लाख विद्यार्थियों की भागीदारी ने बढ़ाई उम्मीद
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान के तहत 2,67,744 विद्यार्थियों ने निबंध और अपने विचार भेजे हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के विचारों में उत्तराखंड के विकास, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य को लेकर संवेदनशीलता और संकल्प दिखाई देता है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सुझावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए, क्योंकि विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड के निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। वर्ष 2047 में भारत कैसा हो और उसमें युवाओं की क्या भूमिका हो, इन विषयों पर युवाओं की सोच और सहभागिता बेहद महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से नशे से दूर रहने और अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने का भी आह्वान किया।

अब कक्षा से बाहर देश को समझेंगे मेधावी विद्यार्थी
विद्यार्थियों के सपनों और विचारों को अवसरों से जोड़ने की दिशा में भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण भी महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है। देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के 68 मेधावी विद्यार्थी 16 सितंबर को भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण के लिए रवाना होंगे। यह इस पहल का 10वां संस्करण है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कीर्तिनगर विकासखंड स्थित स्वामी मनमथन प्रेक्षागृह में भ्रमण पर जाने वाले विद्यार्थियों से मुलाकात की। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद कर यात्रा और तैयारियों की जानकारी ली तथा उन्हें शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों को देश की विविधता, इतिहास, संस्कृति, विज्ञान, तकनीक और विकास को करीब से समझने का अवसर देता है। ऐसे अनुभव विद्यार्थियों के ज्ञान को कक्षा की सीमाओं से बाहर ले जाकर उनका दृष्टिकोण व्यापक बनाते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से देश के विभिन्न क्षेत्रों की उपलब्धियों से सीखने और अपने अनुभवों को दूसरे विद्यार्थियों के साथ साझा करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े और प्रतिष्ठित संस्थानों को करीब से देखने का अवसर विद्यार्थियों के भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
विकसित भारत के साथ विकसित उत्तराखंड का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लिया है और उत्तराखंड को विकास के विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने नीति आयोग की सतत विकास लक्ष्यों की सूची में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। राज्य में समान नागरिक संहिता लागू की गई है और सख्त नकल विरोधी कानून भी बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के कई फैसले दूसरे राज्यों के लिए उदाहरण बन रहे हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में उद्देश्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करना चाहिए। दृढ़ संकल्प और ईमानदार प्रयास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
10 साल से जारी है भारत दर्शन की पहल
मुख्यमंत्री ने भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण की पहल के लिए विधायक विनोद कंडारी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि लगातार 10 वर्षों तक इस तरह के कार्यक्रम को संचालित करना बड़ी उपलब्धि है। इस पहल से विद्यार्थियों में प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़ी है और वे बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित हुए हैं।
विधायक विनोद कंडारी ने कहा कि दूर-दराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री से सीधे संवाद का अवसर मिलना उनके लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि भारत दर्शन कार्यक्रम के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं और विद्यार्थियों में बेहतर अंक प्राप्त करने की प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। कई विद्यार्थी अब 96 प्रतिशत तक अंक प्राप्त कर रहे हैं।
युवाओं के सपनों पर टिका उत्तराखंड का भविष्य
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड का आने वाला भविष्य युवाओं के सपनों, संकल्प और मेहनत से बनेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी प्रतिभा और ऊर्जा का उपयोग प्रदेश तथा देश के निर्माण में करने का आह्वान किया।
एक ओर ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान में लाखों विद्यार्थियों ने अपने विचार साझा किए हैं, तो दूसरी ओर भारत दर्शन जैसी पहल उन्हें देश के व्यापक विकास और विविधता को समझने का अवसर दे रही है। ऐसे में सरकार का फोकस विद्यार्थियों की आवाज सुनने के साथ-साथ उन्हें अनुभव, अवसर और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने पर भी दिखाई देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाला उत्तराखंड युवाओं के सपनों का उत्तराखंड होगा और इसके निर्माण में प्रदेश के प्रत्येक युवा की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।



