

हल्द्वानी/रुद्रपुर। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे में पार्टी संगठन से लेकर समाज के अलग-अलग वर्गों तक पहुंच बनाने की कोशिश साफ दिखाई दी। हल्द्वानी में युवा शक्ति से संवाद, पूर्व सैनिकों के सम्मान समारोह और रुद्रपुर में पंजाबी गौरव सम्मेलन के जरिए भाजपा ने एक साथ युवा, सैनिक और सिख-पंजाबी समाज को साधने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी ने इन कार्यक्रमों को सरकार और संगठन के साझा एजेंडे का रंग दिया।
दौरे के दौरान नितिन नवीन और मुख्यमंत्री धामी ने अलग-अलग मंचों से राष्ट्रवाद, विकास, सामाजिक समरसता, युवा शक्ति और उत्तराखंड की सामरिक भूमिका जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी। ऐसे समय में जब प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का यह दूसरा दौरा राजनीतिक तौर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

‘प्रथम गांव’ की सोच से सीमा और सुरक्षा पर फोकस
हल्द्वानी में नितिन नवीन ने कहा कि सरहद पर पड़ने वाला गांव अब देश का ‘अंतिम गांव’ नहीं बल्कि भारत का प्रथम गांव है और उसकी सुरक्षा तथा विकास सरकार की पहली जवाबदेही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दी गई है।
पूर्व सैनिक सम्मान समारोह में उन्होंने उत्तराखंड को वीरों की भूमि बताते हुए कहा कि प्रदेश के सैनिकों ने देश की रक्षा में अतुलनीय योगदान दिया है। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, स्वदेशी रक्षा उत्पादन और सैनिक कल्याण को उन्होंने केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं से जोड़ा।
मुख्यमंत्री धामी ने इस मंच से सैनिकों और पूर्व सैनिकों के लिए राज्य सरकार के फैसलों को सामने रखा। उन्होंने कहा कि सैनिक कभी पूर्व नहीं होता, वह जीवनभर सैनिक रहता है और उत्तराखंड के पूर्व सैनिक ‘भूतपूर्व’ नहीं बल्कि ‘अभूतपूर्व’ हैं।
धामी ने बताया कि शहीद सैनिकों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई है। परमवीर चक्र विजेताओं की एकमुश्त अनुदान राशि 50 लाख से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये की गई है। बलिदानी सैनिक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में नियुक्ति के लिए आवेदन की समय-सीमा दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष की गई है। सेवारत और पूर्व सैनिकों को 25 लाख रुपये तक की अचल संपत्ति खरीद पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत छूट भी दी जा रही है।
युवाओं से संवाद, शिक्षा पर भाजपा का फोकस

नितिन नवीन ने हल्द्वानी में ‘Interaction With Young Minds’ कार्यक्रम में युवाओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं की ऊर्जा राज्य के उज्ज्वल भविष्य की ताकत है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों से बेहतर और आधुनिक बनाने की दिशा में काम करने की बात कही।गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और बेहतर भविष्य को उन्होंने भाजपा सरकार की प्राथमिकताओं से जोड़ा।
युवा संवाद को खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि उत्तराखंड में 2027 का चुनावी विमर्श अब धीरे-धीरे युवा रोजगार, शिक्षा, कौशल, नशे और भविष्य की राजनीति की ओर बढ़ रहा है। भाजपा संगठन की ओर से युवाओं के साथ सीधा संवाद इसी व्यापक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा सकता है।
रुद्रपुर में पंजाबी समाज के बीच धामी-नवीन की मौजूदगी
रुद्रपुर में आयोजित पंजाबी गौरव सम्मेलन में मुख्यमंत्री धामी और नितिन नवीन ने सिख-पंजाबी समाज से संवाद किया। कार्यक्रम स्थल ‘वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह’ के जयकारों से गूंज उठा। सिख समाज की ओर से मुख्यमंत्री को सरोपा भेंट कर सम्मानित किया गया।
धामी ने पंजाबी समाज की मेहनत, उद्यमशीलता, सेवा, साहस और राष्ट्रभक्ति को देश की ताकत बताते हुए कहा कि तराई क्षेत्र के विकास और अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में पंजाबी समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
मुख्यमंत्री ने गुरु साहिबान की परंपरा को अन्याय के खिलाफ संघर्ष, सेवा, मानवता की रक्षा और राष्ट्रहित की प्रेरणा बताया। उन्होंने कहा कि सिख परंपरा ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की जीवंत मिसाल है।
नितिन नवीन ने भी सिख समाज के राष्ट्र निर्माण में योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि पंजाब और सिख समाज का भाजपा के दिल में हमेशा विशेष स्थान रहा है। उन्होंने 1984 के सिख विरोधी दंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के आने के बाद दंगों के दोषियों को सजा दिलाने का काम किया गया।

हेमकुंड रोपवे से लेकर विरासत तक धामी का संदेश
पंजाबी गौरव सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड और सिख समाज के आध्यात्मिक रिश्ते को भी प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव जी और गुरु गोबिंद सिंह जी के पवित्र चरण उत्तराखंड की धरती पर पड़े हैं और हेमकुंड साहिब तथा रीठा साहिब प्रदेश की महत्वपूर्ण आध्यात्मिक धरोहर हैं।
धामी ने बताया कि गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक करीब 12.5 किलोमीटर लंबे रोपवे के निर्माण की दिशा में काम आगे बढ़ चुका है। उनके मुताबिक इससे बुजुर्गों, महिलाओं और श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम होगी तथा हेमकुंड साहिब आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ सकती है। यानी पंजाबी समाज के बीच मुख्यमंत्री ने सिर्फ धार्मिक आस्था की बात नहीं की, बल्कि तीर्थ, पर्यटन, कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय विकास को भी एक ही फ्रेम में रखा।

धामी का ‘विकास के साथ विरासत’ वाला संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ विकसित उत्तराखंड बनाना नहीं, बल्कि ऐसा प्रदेश बनाना है जहां विकास के साथ विरासत का सम्मान, आधुनिकता के साथ संस्कार और प्रगति के साथ सामाजिक समरसता कायम रहे।
उन्होंने विभाजन की त्रासदी में जान गंवाने वालों की स्मृति में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति स्थल’ के निर्माण की दिशा में उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया। साथ ही कानून-व्यवस्था, धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगा विरोधी कानून को लेकर सरकार की सख्ती का जिक्र किया।
भाजपा अध्यक्ष के दौरे से निकले कई संदेश
नितिन नवीन के उत्तराखंड दौरे की तस्वीर को एक साथ देखें तो भाजपा का संदेश केवल संगठनात्मक नहीं बल्कि सामाजिक और राजनीतिक भी दिखाई देता है। युवा संवाद से भविष्य की पीढ़ी, पूर्व सैनिक सम्मेलन से राष्ट्रवाद और सैनिक परिवार, जबकि पंजाबी गौरव सम्मेलन से तराई के प्रभावशाली सामाजिक आधार तक पहुंच बनाने की कोशिश सामने आती है।
इसके साथ मुख्यमंत्री धामी ने अपने भाषणों में सरकार के फैसलों, धार्मिक-आध्यात्मिक विरासत, सैनिक कल्याण और क्षेत्रीय विकास को प्रमुखता दी। यही वजह है कि नितिन नवीन का यह दौरा महज कार्यक्रमों की श्रृंखला के बजाय 2027 से पहले भाजपा की सामाजिक पहुंच और सरकार के कामकाज को एक साथ पेश करने वाली राजनीतिक कवायद के तौर पर भी देखा जा सकता है।
हल्द्वानी में युवाओं से संवाद से लेकर रुद्रपुर में पंजाबी समाज के बीच पहुंच और पूर्व सैनिकों के सम्मान तक, भाजपा ने एक ही दौरे में उत्तराखंड के अलग-अलग सामाजिक समूहों को साधने की कोशिश की है। अब देखना होगा कि इन संवादों का असर आने वाले महीनों में पार्टी की चुनावी रणनीति और 2027 के राजनीतिक नैरेटिव में किस रूप में दिखाई देता है।



