
- Teacher’s Day 2026: उत्तराखंड के 19 शिक्षकों को मिला बड़ा सम्मान
- जानिए उत्तराखंड के किस जिले से कितने शिक्षकों को मिला शैलेश मटियानी पुरस्कार
- Shikshak Diwas 2026: मंजूबाला को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार का विशेष सम्मान
- Teacher’s Day: प्रदेश के स्कूलों की लाइब्रेरी में पहुंचेंगी शैलेश मटियानी की प्रमुख कृतियां
- Teacher’s Day 2026: उत्तराखंड के 19 शिक्षक सम्मानित, राज्यपाल बोले- शिक्षक राष्ट्र का चरित्र गढ़ते हैं
- शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार-2025 से नवाजे गए शिक्षक, डॉ. धन सिंह रावत ने कहा- 70 हजार शिक्षकों में से 19 का चयन उत्कृष्ट योगदान का प्रमाण

देहरादून, 5 सितंबर 2026। शिक्षक दिवस के मौके पर उत्तराखंड में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 19 शिक्षक-शिक्षिकाओं को शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार-2025 से सम्मानित किया गया। लोक भवन में आयोजित सम्मान समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) और विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शिक्षकों को सम्मानित किया।

समारोह में राज्यपाल गुरमीत सिंह ने सम्मानित शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों का जीवन नहीं संवारते, बल्कि राष्ट्र का चरित्र भी गढ़ते हैं। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों की प्रतिभा पहचानने, उनमें आत्मविश्वास जगाने और उन्हें बड़े सपने देखने के साथ उन्हें साकार करने का साहस देने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं है। शिक्षा के माध्यम से बच्चों में सोचने, समझने, सवाल करने और सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
70 हजार शिक्षकों में से 19 का चयन
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने सम्मानित सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रदेश में करीब 70 हजार शिक्षकों में से 19 शिक्षकों का चयन होना उनके उत्कृष्ट कार्य, समर्पण और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों में शिक्षक सीमित संसाधनों के बावजूद विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार ऐसे शिक्षकों के समर्पण और सेवाभाव की पहचान है तथा उन्हें बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।

स्कूलों की लाइब्रेरी में पहुंचेंगी शैलेश मटियानी की किताबें
शिक्षा मंत्री डॉ. रावत ने कहा कि प्रसिद्ध साहित्यकार एवं कथाकार शैलेश मटियानी ने हिन्दी साहित्य को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया और 100 से अधिक पुस्तकों की रचना की।
उन्होंने घोषणा की कि शैलेश मटियानी की प्रमुख कृतियों को प्रदेश के विद्यालयी पुस्तकालयों में उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को उत्तराखंड की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना है।
शिक्षक अब सिर्फ पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं
डॉ. रावत ने कहा कि आज का शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह विद्यार्थियों में रचनात्मकता, नवाचार, नैतिक मूल्यों और आत्मविश्वास का निर्माण भी कर रहा है।उन्होंने शिक्षकों से प्रत्येक विद्यार्थी की प्रतिभा पहचानकर उसे आगे बढ़ने के लिए उचित मार्गदर्शन देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक बनाने की दिशा में काम कर रही है। तकनीक और नवाचार के साथ शिक्षक की संवेदनशीलता का समन्वय भविष्य की शिक्षा को नई दिशा देगा।
शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि विद्यार्थियों को आधुनिक ज्ञान के साथ अपनी लोकसंस्कृति, पर्यावरण और हिमालयी विरासत से जोड़ना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण दायित्व है।
किस-किस शिक्षक को मिला शैलेश मटियानी पुरस्कार?
प्रारंभिक शिक्षा श्रेणी
* विष्णुपाल सिंह नेगी — पौड़ी गढ़वाल
* लखपत सिंह रावत — चमोली
* पृथ्वी सिंह रावत — उत्तरकाशी
* वीरेंद्र सिंह रावत — देहरादून
* रोबिन कुमार — हरिद्वार
* महेश्वर प्रसाद सेमवाल — टिहरी
* शशिकांत नौटियाल — रुद्रप्रयाग
* जहीर अब्बास — चंपावत
* नौ सिंह — ऊधमसिंह नगर
* डॉ. श्वेता मजगांई — नैनीताल
* विक्रम सिंह परिहार — पिथौरागढ़
* त्रिलोक सिंह अधिकारी — अल्मोड़ा
माध्यमिक शिक्षा श्रेणी
* नरेंद्र सिंह नेगी — पौड़ी गढ़वाल
* डॉ. सुमन ध्यानी शर्मा — चमोली
* डॉ. अतुल कुमार श्रीवास्तव — देहरादून
* कमलेश पंवार — हरिद्वार
* नवीन चंद्र पंत — चंपावत
* विशन सिंह मेहता — नैनीताल
प्रशिक्षण संस्थान श्रेणी
* डॉ. सुबोध सिंह बिष्ट — उत्तरकाशी
मंजूबाला को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2025 का विशेष सम्मान
समारोह में चंपावत की मंजूबाला को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2025 के लिए विशेष सम्मान भी दिया गया।
इस अवसर पर अपर सचिव राज्यपाल रीना जोशी, अपर सचिव शिक्षा नमामि बंसल, महानिदेशक शिक्षा आकांक्षा कोंडे सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।




