
- रुद्रपुर-पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में सत्र शुरू नहीं होने पर यशपाल आर्य हमलावर
- रुद्रपुर-पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में सत्र शुरू नहीं, यशपाल आर्य ने सरकार पर उठाए सवाल
- रुद्रपुर और पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में 2026-27 का सत्र शुरू नहीं होने पर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने धामी सरकार पर सवाल उठाए। 200 MBBS सीटों और हल्द्वानी में 25 अतिरिक्त सीटों की मांग की।
देहरादून। उत्तराखंड में रुद्रपुर और पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज का शैक्षणिक सत्र 2026-27 में अब तक शुरू नहीं होने को लेकर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने राज्य सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही के कारण राज्य के गरीब और मेधावी छात्रों को कम फीस वाले सरकारी मेडिकल कॉलेजों के बजाय महंगे निजी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
यशपाल आर्य ने मांग की कि रुद्रपुर और पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में इसी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पढ़ाई शुरू कराई जाए। उनका कहना है कि दोनों मेडिकल कॉलेजों का सत्र समय पर शुरू होने से उत्तराखंड के करीब 200 युवाओं को सरकारी मेडिकल कॉलेज में कम फीस पर MBBS करने का अवसर मिल सकता है।
आर्य ने पूछा- डबल इंजन की सरकार फिर क्यों नहीं करा पाई सत्र शुरू?
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि हर चुनाव में ‘डबल इंजन सरकार’ की बात करने वाले मुख्यमंत्री केंद्र सरकार और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के साथ जरूरी समन्वय स्थापित कर इस साल मेडिकल कॉलेजों का शैक्षणिक सत्र शुरू क्यों नहीं करा पाए।
आर्य ने कहा कि रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज से जुड़ी लगभग सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद यदि मुख्यमंत्री अपने गृह जिले में इसी शैक्षणिक सत्र से 100 MBBS सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं करा पाते हैं तो इसे उनकी राजनीतिक असफलता और संबंधित विभाग की प्रशासनिक नाकामयाबी माना जाएगा।
पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज के लिए भी 100 सीटों की मांग
यशपाल आर्य ने कहा कि रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज के साथ सीमांत जिले पिथौरागढ़ के मेडिकल कॉलेज के लिए भी 100 MBBS सीटों की मान्यता हासिल की जानी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में 25 अतिरिक्त MBBS सीटें बढ़ाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़ने से उत्तराखंड के मेधावी युवाओं को कम फीस में डॉक्टर बनने का अवसर मिलेगा। इससे प्रदेश के युवाओं का डॉक्टर बनकर राज्य और मरीजों की सेवा करने का सपना भी पूरा हो सकेगा।
गरीब और मेधावी छात्रों के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज अहम
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या और MBBS सीटें बढ़ाना जरूरी है। सरकारी संस्थानों में कम फीस के कारण आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली छात्रों को मेडिकल शिक्षा हासिल करने का बेहतर अवसर मिल सकता है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि रुद्रपुर और पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेजों की सभी लंबित औपचारिकताएं तत्काल पूरी कराकर 2026-27 का शैक्षणिक सत्र शुरू कराया जाए।




