
- हल्द्वानी में नितिन नवीन पर बरसे यशपाल आर्य, ‘पहले अपना रायता समेटें, फिर जनता को ज्ञान दें’

देहरादून/हल्द्वानी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के हल्द्वानी दौरे के बीच उत्तराखंड की सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने नितिन नवीन पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा अध्यक्ष उत्तराखंड की जनता के सवालों का जवाब देने नहीं, बल्कि अपनी पार्टी के भीतर फैले ‘रायते’ को समेटने हल्द्वानी आए हैं।
आर्य ने सवाल उठाया कि यदि भाजपा के प्रदेश संगठन और सरकार में सब कुछ ठीक है तो राष्ट्रीय अध्यक्ष को बार-बार उत्तराखंड आकर नेताओं की नाराजगी, गुटबाजी और कार्यकर्ताओं के असंतोष को संभालने की जरूरत क्यों पड़ रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली से नेता आते हैं, बंद कमरों में बैठकें करते हैं, कार्यकर्ताओं को समझाते हैं और बाहर निकलकर ‘सब ठीक है’ का प्रमाणपत्र बांट देते हैं, लेकिन जमीन पर संगठन भी परेशान है और जनता भी।
पहले कार्यकर्ताओं की नाराजगी का जवाब दें: आर्य
यशपाल आर्य ने कहा, “नितिन नवीन जी पहले कार्यकर्ताओं की नाराजगी, नेताओं की गुटबाजी और सरकार के खिलाफ जनता में बढ़ रहे असंतोष का जवाब दें। उसके बाद उत्तराखंड की जनता को ज्ञान देने की कोशिश करें कि प्रदेश में सब कुछ ठीक है।”
नितिन नवीन के हल्द्वानी दौरे के दौरान भाजपा की विस्तारित प्रदेश कार्यसमिति में संगठन और आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति पर मंथन हुआ है। भाजपा की ओर से इसे चुनावी तैयारियों और संगठन को मजबूती देने की कवायद बताया जा रहा है।
‘शुद्धिकरण’ विवाद पर भी भाजपा को घेरा
नेता प्रतिपक्ष ने हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद सामने आए कथित ‘शुद्धिकरण’ विवाद को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का नहीं, बल्कि उत्तराखंड की साझा संस्कृति, सामाजिक सम्मान और भाईचारे से जुड़ा सवाल है।
आर्य ने कहा, “राम के नाम पर राजनीति करने वालों को पहले भगवान राम के आदर्श पढ़ लेने चाहिए। भगवान राम ने इंसान को उसकी पहचान के आधार पर छोटा-बड़ा नहीं माना। फिर रामलीला के मंच पर किसी व्यक्ति के साथ ‘शुद्धिकरण’ के नाम पर भेदभाव की नौबत क्यों आई?”
उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से इस पूरे विवाद पर जवाब मांगा और कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ उसकी सामाजिक पहचान के आधार पर कथित तौर पर ऐसा व्यवहार हुआ है तो यह सिर्फ एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि उत्तराखंड की उस परंपरा पर सवाल है जिसमें हर वर्ग और हर व्यक्ति के सम्मान को स्थान मिला है।
क्या यही भाजपा का सबका साथ है?: नेता प्रतिपक्ष
यशपाल आर्य ने भाजपा से सवाल किया कि क्या यही उसका ‘सबका साथ’ और सामाजिक समरसता का मॉडल है। उन्होंने कहा कि भाजपा को यह बताना चाहिए कि वह देश के सामने उत्तराखंड की कैसी तस्वीर पेश करना चाहती है।
रोजगार से अस्पताल तक सरकार को घेरा
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उत्तराखंड का युवा रोजगार के लिए भटक रहा है, आम आदमी महंगाई से परेशान है, पहाड़ पलायन की मार झेल रहे हैं और स्वास्थ्य एवं शिक्षा व्यवस्था लगातार सवालों के घेरे में है।
उन्होंने कहा, “उत्तराखंड का युवा पूछ रहा है—रोजगार कहां है? आम आदमी पूछ रहा है—महंगाई से राहत कब मिलेगी? पहाड़ पूछ रहे हैं—पलायन कब रुकेगा? मरीज पूछ रहे हैं—अस्पतालों में डॉक्टर कब मिलेंगे? अभिभावक पूछ रहे हैं—स्कूलों में शिक्षक कब पहुंचेंगे?”
आर्य ने आरोप लगाया कि भाजपा इन सवालों का जवाब देने के बजाय बैठकों और राजनीतिक कार्यक्रमों में व्यस्त है। उनके मुताबिक, “यह सरकार जनता की सरकार कम और अपनी पार्टी को बचाने-संभालने वाली सरकार ज्यादा दिखाई दे रही है।”
‘बंद कमरों की बैठकें सच्चाई नहीं छिपा सकतीं’
यशपाल आर्य ने नितिन नवीन की बैठकों को भाजपा के भीतर की बेचैनी से जोड़ते हुए कहा कि यदि पार्टी में कोई नाराजगी नहीं है, कार्यकर्ता पूरी तरह संतुष्ट हैं और सरकार का काम शानदार है तो फिर इतनी कवायद क्यों हो रही है।
उन्होंने कहा, “बंद कमरों की बैठकें जनता से सच्चाई नहीं छिपा सकतीं। भाजपा के भीतर की बेचैनी अब सड़कों और कार्यकर्ताओं के बीच दिखाई दे रही है।”
‘भाजपा अध्यक्ष संगठन का हिसाब लेने आए हैं, जनता काम का हिसाब लेगी’
आर्य ने कहा कि भाजपा चाहे दिल्ली से कितने भी बड़े नेता बुला ले, उत्तराखंड की जनता के सवालों से भाग नहीं सकती। प्रचार, पोस्टर, भाषण और इवेंट से जमीनी हकीकत नहीं बदलने वाली।
उन्होंने कहा, “भाजपा अध्यक्ष हल्द्वानी में संगठन का हिसाब लेने आए हैं, लेकिन अब उत्तराखंड की जनता भाजपा से पांच साल के काम का हिसाब लेने के लिए तैयार है।”
आर्य ने रोजगार, महंगाई, पलायन, स्वास्थ्य और शिक्षा के साथ सामाजिक सम्मान और भाईचारे के मुद्दे पर भी भाजपा से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के मुद्दों को सदन से सड़क तक उठाती रहेगी और सरकार की कथित नाकामियों को जनता के सामने रखेगी।
नितिन नवीन के हल्द्वानी दौरे पर यशपाल आर्य का हमला, बोले- पहले अपना ‘रायता’ समेटें
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य द्वारा जारी मीडिया बयान, यहाँ पढ़ें-


भाजपा अध्यक्ष पहले अपना ‘रायता’ समेटें, फिर जनता को ज्ञान दें: यशपाल आर्य
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के हल्द्वानी दौरे पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा अध्यक्ष उत्तराखंड की जनता के सवालों का जवाब देने नहीं, बल्कि अपनी पार्टी के भीतर फैल चुके ‘रायते’ को समेटने हल्द्वानी आए हैं।
उन्होंने कहा कि अगर भाजपा के प्रदेश संगठन और सरकार में सब कुछ ठीक है, तो राष्ट्रीय अध्यक्ष को बार-बार उत्तराखंड आकर नेताओं की नाराजगी, गुटबाजी और कार्यकर्ताओं के असंतोष को संभालने की जरूरत क्यों पड़ रही है?
दिल्ली से नेता आते हैं, बंद कमरों में बैठकें करते हैं, कार्यकर्ताओं को समझाते हैं और बाहर निकलकर ‘सब ठीक है’ का प्रमाणपत्र बांट देते हैं। लेकिन जमीन पर भाजपा का संगठन भी परेशान है और जनता भी।
यशपाल आर्य ने कहा, “नितिन नवीन जी पहले कार्यकर्ताओं की नाराजगी, नेताओं की गुटबाजी और सरकार के खिलाफ जनता में बढ़ रहे असंतोष का जवाब दें। उसके बाद उत्तराखंड की जनता को ज्ञान देने की कोशिश करें कि प्रदेश में सब कुछ ठीक है।”
नेता प्रतिपक्ष ने हल्द्वानी के रामलीला मंच पर खड़गे जी की रैली से जुड़े कथित शुद्धिकरण विवाद को लेकर भाजपा पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि यह मामला केवल राजनीति का नहीं, बल्कि उत्तराखंड की साझा संस्कृति, सामाजिक सम्मान और भाईचारे पर चोट का सवाल है।
उन्होंने कहा, “राम के नाम पर राजनीति करने वालों को पहले भगवान राम के आदर्श पढ़ लेने चाहिए। भगवान राम ने इंसान को उसकी पहचान के आधार पर छोटा-बड़ा नहीं माना। फिर रामलीला के मंच पर किसी व्यक्ति के साथ ‘शुद्धिकरण’ के नाम पर भेदभाव की नौबत क्यों आई? भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को इसका जवाब देना चाहिए।”
आर्य ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ उसकी सामाजिक पहचान के आधार पर कथित तौर पर ऐसा व्यवहार किया गया है, तो यह केवल उस व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि उत्तराखंड की उस महान परंपरा का अपमान है जिसमें हर वर्ग, हर समाज और हर व्यक्ति के सम्मान को स्थान मिला है।
उन्होंने भाजपा नेतृत्व से पूछा, “क्या यही भाजपा का ‘सबका साथ’ है? क्या यही सामाजिक समरसता है? क्या यही वह उत्तराखंड है जिसकी तस्वीर भाजपा देश के सामने पेश करना चाहती है?”
यशपाल आर्य ने कहा कि आज उत्तराखंड का युवा रोजगार के लिए दर-दर भटक रहा है, आम आदमी महंगाई से परेशान है, पहाड़ पलायन की मार झेल रहे हैं और अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं तथा स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था गंभीर सवालों के घेरे में है।
उन्होंने कहा, “उत्तराखंड का युवा पूछ रहा है—रोजगार कहां है? आम आदमी पूछ रहा है—महंगाई से राहत कब मिलेगी? पहाड़ पूछ रहे हैं—पलायन कब रुकेगा? मरीज पूछ रहे हैं—अस्पतालों में डॉक्टर कब मिलेंगे? अभिभावक पूछ रहे हैं—स्कूलों में शिक्षक कब पहुंचेंगे? लेकिन भाजपा के नेता जनता के इन सवालों का जवाब देने के बजाय बैठक पर बैठक कर रहे हैं।”
आर्य ने कहा, “यह सरकार जनता की सरकार कम और अपनी पार्टी को बचाने-संभालने वाली सरकार ज्यादा दिखाई दे रही है।”
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि नितिन नवीन की बड़े नेताओं के साथ बंद कमरों में हो रही बैठकों ने खुद यह साबित कर दिया है कि भाजपा के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं है।
“अगर पार्टी के भीतर कोई बेचैनी नहीं है, अगर कार्यकर्ता पूरी तरह संतुष्ट हैं और अगर सरकार का काम शानदार है, तो फिर इतनी कवायद क्यों? बंद कमरों की बैठकें जनता से सच्चाई नहीं छिपा सकतीं। भाजपा के भीतर की बेचैनी अब सड़कों और कार्यकर्ताओं के बीच दिखाई दे रही है।”
उन्होंने कहा कि भाजपा चाहे दिल्ली से कितने भी बड़े नेता बुला ले, उत्तराखंड की जनता के सवालों से भाग नहीं सकती। प्रचार, पोस्टर, भाषण और इवेंट से जमीनी हकीकत नहीं बदलने वाली।
यशपाल आर्य ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष हल्द्वानी में संगठन का हिसाब लेने आए हैं, लेकिन अब उत्तराखंड की जनता भाजपा से पांच साल के काम का हिसाब लेने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा, “भाजपा अध्यक्ष हल्द्वानी में अपना संगठन बचाने आए हैं, लेकिन जनता अब भाजपा से अपना उत्तर मांग रही है। रोजगार का हिसाब देना होगा। महंगाई का हिसाब देना होगा। पलायन का हिसाब देना होगा। स्वास्थ्य और शिक्षा का हिसाब देना होगा। और सबसे बढ़कर सामाजिक सम्मान तथा भाईचारे के साथ खिलवाड़ का भी जवाब देना होगा।”
यशपाल आर्य ने कहा कि कांग्रेस उत्तराखंड की साझा संस्कृति, सामाजिक सौहार्द और हर व्यक्ति के सम्मान के लिए मजबूती से खड़ी है। कांग्रेस जनता के वास्तविक मुद्दों को सदन से लेकर सड़क तक उठाती रहेगी और भाजपा की नाकामियों, अंतर्कलह तथा विभाजनकारी राजनीति को जनता के सामने बेनकाब करती रहेगी।
यशपाल आर्य
नेता प्रतिपक्ष



