
- Uttarakhand Free Online Coaching: 11 हजार युवाओं को UPSC, PCS, SSC से CAT तक मुफ्त कोचिंग
- उत्तराखंड में मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना शुरू हो गई है। पहले चरण में 11 हजार विद्यार्थियों को UPSC, PCS, SSC, Railway, Banking, Defence, NET, GATE, CSIR-JRF और CAT/MAT की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग मिलेगी।

देहरादून, 7 सितंबर। उत्तराखंड के उन युवाओं के लिए बड़ी खबर है, जो प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं लेकिन महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा पाते। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ किया। योजना के प्रथम चरण में प्रदेश के 11 हजार छात्र-छात्राओं को निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।
इस योजना के तहत विद्यार्थियों को UPSC, State PCS, SSC, Railway, Banking, Defence, NET, GATE, CSIR-JRF और CAT/MAT जैसी महत्वपूर्ण प्रतियोगी एवं प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। सरकार का दावा है कि योजना का उद्देश्य प्रतिभाशाली युवाओं को आर्थिक बाधाओं से मुक्त कर उन्हें देश के प्रतिष्ठित शिक्षकों, विषय विशेषज्ञों और प्रोफेशनल कोचिंग संस्थानों की गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सुविधाएं घर बैठे उपलब्ध कराना है।
11 हजार सीटें, किस परीक्षा के लिए कितने विद्यार्थियों को मिलेगा मौका?
योजना के तहत अलग-अलग परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों की संख्या निर्धारित की गई है।
* UPSC एवं State PCS — 2,000 विद्यार्थी
* SSC, Railway और Banking Services — 5,000 विद्यार्थी
* Defence Services — 2,000 विद्यार्थी
* NET, GATE, CSIR एवं JRF — 1,000 विद्यार्थी
* CAT/MAT — 1,000 विद्यार्थी
यानी पहले चरण में कुल 11,000 विद्यार्थियों को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग का लाभ मिलेगा।
ऑनलाइन स्क्रीनिंग परीक्षा से होगा चयन
इस योजना का लाभ लेने के लिए विद्यार्थियों को निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा। इसके बाद खुली ऑनलाइन स्क्रीनिंग परीक्षा आयोजित की जाएगी। विद्यार्थियों के प्रदर्शन, योग्यता और निर्धारित पात्रता मानकों के आधार पर संबंधित परीक्षा की तैयारी के लिए उनका चयन किया जाएगा।
योजना में टॉपर और मेधावी विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार का लक्ष्य ऐसे विद्यार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचाना है जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर गंभीर हैं, लेकिन आर्थिक या भौगोलिक कारणों से बेहतर कोचिंग तक नहीं पहुंच पाते।
सिर्फ लाइव क्लास नहीं, पूरा डिजिटल लर्निंग पैकेज
मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना की खास बात यह है कि विद्यार्थियों को केवल लाइव ऑनलाइन क्लास की सुविधा ही नहीं मिलेगी। योजना के तहत उन्हें—
* लाइव ऑनलाइन कक्षाएं
* रिकॉर्डेड लेक्चर
* डिजिटल स्टडी मटेरियल
* विषयवार प्रश्न बैंक
* नियमित ऑनलाइन टेस्ट
* मॉक टेस्ट
* परीक्षा पैटर्न आधारित अभ्यास
* प्रदर्शन का मूल्यांकन
* आवश्यक शैक्षणिक मार्गदर्शन
जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
रिकॉर्डेड कक्षाओं और डिजिटल अध्ययन सामग्री की मदद से विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार दोबारा पढ़ाई कर सकेंगे। नियमित टेस्ट और मॉक टेस्ट से उन्हें अपनी तैयारी का स्तर समझने और कमजोर विषयों पर अतिरिक्त मेहनत करने में मदद मिलेगी।
इन संस्थानों के विशेषज्ञ कराएंगे तैयारी
गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के लिए विभाग ने Study IQ, Delhi, Mahendra Private Limited, Lucknow और Doon Dreamers, Dehradun जैसे संस्थानों का चयन किया है। इन संस्थानों के विशेषज्ञ शिक्षक और विषय-विशेषज्ञ विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्थित तैयारी कराएंगे।
इसके अलावा देश के अनुभवी और प्रोफेशनल ट्यूटरों तथा विषय-विशेषज्ञों को भी इस अभियान से जोड़ने की योजना है।
पर्वतीय क्षेत्रों के युवाओं के लिए क्यों अहम है योजना?
उत्तराखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले बड़ी संख्या में विद्यार्थी पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों से आते हैं। बेहतर कोचिंग संस्थानों की कमी और देहरादून, दिल्ली जैसे शहरों में रहने-खाने और कोचिंग का खर्च कई परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है।
ऐसे में ऑनलाइन माध्यम से घर बैठे गुणवत्तापूर्ण कोचिंग उपलब्ध कराने की यह योजना खास तौर पर पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि किसी भी प्रतिभाशाली युवा के सपनों के बीच संसाधनों और आर्थिक स्थिति को बाधा नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए मेहनत के साथ सही दिशा, बेहतर रणनीति, अच्छे शिक्षकों का मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास भी जरूरी है।
सीएम धामी बोले- उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत युवा शक्ति
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा शक्ति है। प्रदेश के युवा मेहनती, प्रतिभाशाली और चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हैं। जरूरत उनकी प्रतिभा को सही दिशा और समान अवसर देने की है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं।
हालांकि सरकार का लक्ष्य केवल सरकारी रोजगार तक सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड का युवा नौकरी मांगने वाला ही नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला भी बने, इसके लिए स्वरोजगार, स्टार्टअप, कौशल विकास, उद्यमिता और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
ढाई लाख युवाओं से संवाद, बनेगा युवा आयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश के ढाई लाख से अधिक युवा विद्यार्थियों के साथ वैचारिक मंथन कर उनकी आशाओं, आकांक्षाओं और सुझावों को जान रही है। युवाओं से जुड़े विषयों पर विशेष रूप से काम करने के लिए राज्य में अलग युवा आयोग बनाए जाने की बात भी उन्होंने दोहराई।
उन्होंने युवाओं से बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी मेहनत एवं लगन से काम करने का आह्वान किया।
उच्च शिक्षा मंत्री बोले- दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचेगा फायदा
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ को प्रदेश के युवाओं के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि योजना से खासतौर पर पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग और बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध होगा।
उन्होंने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों तक योजना की जानकारी पहुंचे और वे इसका लाभ उठा सकें।
डॉ. रावत ने कहा कि उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुधार के साथ डिजिटल शिक्षा का विस्तार भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ई-ग्रंथालय के माध्यम से विद्यार्थियों को करीब 20 लाख पुस्तकों तक डिजिटल पहुंच उपलब्ध कराई गई है। साथ ही इस वर्ष से छात्रसंघ चुनावों में छात्राओं के लिए 50 प्रतिशत पद आरक्षित किए जाने की बात भी कही।
मुख्य सचिव ने कोचिंग संस्थानों को दी ये नसीहत
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने योजना से जुड़े कोचिंग संस्थानों से विद्यार्थियों की तैयारी पर विशेष ध्यान देने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि इस पहल को केवल व्यावसायिक दायित्व के रूप में नहीं, बल्कि व्यक्तिगत और सामाजिक दायित्व के रूप में भी देखा जाना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से उपलब्ध अवसर का पूरा लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए अनुशासन, निरंतर अभ्यास और दृढ़ संकल्प जरूरी है।
योजना का लाभ लेने के लिए क्या करना होगा?
स्टेप-1: निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण
स्टेप-2: आवश्यक विवरण और दस्तावेज अपलोड कर आवेदन
स्टेप-3: ऑनलाइन स्क्रीनिंग परीक्षा में शामिल होना
स्टेप-4: प्रदर्शन और पात्रता के आधार पर चयन
स्टेप-5: चयनित विद्यार्थियों को संबंधित ऑनलाइन कोर्स में प्रवेश
स्टेप-6: लाइव क्लास, रिकॉर्डेड लेक्चर और डिजिटल स्टडी मटेरियल की सुविधा
स्टेप-7: नियमित टेस्ट और मॉक टेस्ट के जरिए तैयारी का मूल्यांकन
फिलहाल योजना के ऑनलाइन आवेदन और स्क्रीनिंग परीक्षा से संबंधित विस्तृत कार्यक्रम/पोर्टल की जानकारी विभाग की ओर से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जारी की जाएगी।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र भसीन, डॉ. जयपाल चौहान, सचिव उच्च शिक्षा डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक कुमार, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, अपर सचिव उच्च शिक्षा मनुज गोयल, महानिदेशक शिक्षा आकांक्षा कोण्डे सहित उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।




