

पहली छमाही में कहां कितने श्रद्धालु पहुंचे?
पर्यटन विभाग के जनवरी से जून 2026 के आंकड़ों के अनुसार—
| मंदिर | 2026 | 2025 |
| ——— | ——–: | ——–|
| जागेश्वर धाम | 1,74,119 | 67,875 |
| त्रियुगीनारायण | 3,40,385 | 1,36,120 |
| धारी देवी | 5,42,626 | 2,83,275 |
| पूर्णागिरि धाम | 20,91,788 | 14,35,290 |
इन आंकड़ों से साफ है कि चारधाम के अलावा भी श्रद्धालुओं का रुझान प्रदेश के अन्य प्राचीन और पौराणिक मंदिरों की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
चारधाम यात्रा भी बना रही नया इतिहास
चारधाम यात्रा इस वर्ष भी नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ रही है। यात्रा शुरू होने के 105 दिनों के भीतर 45.84 लाख से अधिक श्रद्धालु चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं। यदि यही रफ्तार जारी रही तो इस वर्ष चारधाम यात्रा नया कीर्तिमान स्थापित कर सकती है।
यमुनोत्री ने तोड़ा अपना रिकॉर्ड
कठिन पैदल यात्रा के बावजूद यमुनोत्री धाम में इस बार रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। 2 अगस्त तक यहां 6,54,958 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जो धाम के इतिहास का अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है।
बदरीनाथ यात्रा में तीन लाख से अधिक श्रद्धालु बढ़े
बदरीनाथ धाम में यात्रा के पहले 100 दिनों में 15.52 लाख श्रद्धालु पहुंचे हैं। पिछले वर्ष इसी अवधि की तुलना में यह संख्या 3.11 लाख अधिक है।
आदि कैलाश बना नई आस्था का केंद्र
पिथौरागढ़ स्थित आदि कैलाश धाम में भी धार्मिक पर्यटन तेजी से बढ़ा है। इस वर्ष केवल दो माह में 52,441 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2022 तक जहां सालभर में दो हजार से भी कम लोग पहुंचते थे, वहीं अब यह संख्या कई गुना बढ़ चुकी है।
कैंची धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब
नीब करौरी बाबा के कैंची धाम में भी श्रद्धालुओं की संख्या लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। जनवरी से जून 2026 के बीच यहां 24.34 लाख श्रद्धालु पहुंचे, जिनमें अकेले जून महीने में 8.66 लाख लोगों ने दर्शन किए।
धार्मिक पर्यटन के साथ एडवेंचर डेस्टिनेशन भी लोकप्रिय
ऋषिकेश से सटे मुनिकीरेती, तपोवन और शिवपुरी क्षेत्र भी पर्यटकों की पहली पसंद बने हुए हैं। जनवरी से जून 2026 के दौरान यहां 15.97 लाख पर्यटक पहुंचे, जो पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। वहीं कार्तिक स्वामी और सुरकंडा देवी मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।
सरकार का फोकस: ‘विश्व की आध्यात्मिक राजधानी’
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप उत्तराखंड को दुनिया की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। इसके तहत केदारखंड और मानसखंड मंदिरमाला मिशन, तीर्थ सर्किट, सड़क एवं परिवहन सुविधाओं का विस्तार तथा श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है।
उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन बूम, जागेश्वर-त्रियुगीनारायण में ढाई गुना बढ़े श्रद्धालु
चारधाम यात्रा के साथ उत्तराखंड के जागेश्वर, त्रियुगीनारायण, कैंची धाम, आदि कैलाश और पूर्णागिरि में भी श्रद्धालुओं की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची।



