Drugs Free Devbhoomi: बच्चों को नशे से बचाने के लिए युवा CM पुष्कर सिंह धामी का पैरेंट्स से बिग कमिटमेंट, 2025 तक उत्तराखंड बनेगा ड्रग्स फ्री स्टेट

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  • वर्ष 2025 तक ड्रग्स फ्री देवभूमि के लिए मिशन मोड में करें काम : सीएम पुष्कर सिंह धामी
  • दो सरकारी नशामुक्ति केंद्र बनाने के निर्देश
  • ड्रग्स सप्लाई पर प्रहार के साथ बच्चों व युवाओं की काउंसिलिंग की हो व्यवस्था
  • मुख्यमंत्री ने सचिवालय में नार्को कॉर्डिनेशन (NCORD) की बैठक में दिये निर्देश

देहरादून: नोर्थ इंडिया में एज्यूकेशन हब (Education Hub) के तौर पर उभरते उत्तराखंड में यूनिवर्सिटी और कॉलेजों के कैंपस और हॉस्टल ड्रग्स से अछूतों नहीं रहे हैं। हायर एज्यूकेशन, यहां तक कि हाई स्कूलों तक में बच्चों को भेजने वाले अधिकतर पैरेंट्स का बड़ा कन्सर्न यही रहता है कि कहीं उनका बच्चा ड्रग रैकेट का आसान टारगेट न बन जाए। लेकिन अब उत्तराखंड अगले तीन सालों में ड्रग फ्री कैसे हो इसे लेकर धामी सरकार मिशन मोड में जुटने जा रही है।

शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने नार्को कॉर्डिनेशन (NCORD) बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि वर्ष 2025 तक ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ के लिए मिशन मोड में काम किया जाए। इसके लिये सभी संबंधित विभाग मिलकर काम करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड (Uttarakhand) को नशामुक्त करने के लिए सभी को जिम्मेदारी और समन्वय से काम करना होगा। वर्ष 2025 तक ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ (Drugs Free Uttarakhand) का लक्ष्य हासिल करना है। पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि एक ओर जहां ड्रग्स सप्लायर्स (Drugs Suppliers) पर कड़ा प्रहार करना है, तो वही दूसरी ओर, बच्चों और युवाओं को ड्रग्स की चपेट में आने से बचाना है। सीएम ने कहा कि ड्रग्स सप्लाई की चेन को तोड़ने के लिए पुलिस विभाग मुखबिर तंत्र को और मजबूत करे और ड्रग्स नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस, आबकारी व ड्रग्स कंट्रोलर मिलकर काम करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रग्स लेने वाले बच्चों और युवाओं की सही तरीके से काउंसलिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। काॅलेजों में एडमिशन के समय विशेष काउंसिल की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रग्स लेते हुए पकड़े जाने वाले बच्चों के साथ अपराधियों की तरह बर्ताव न कर उनके पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि कालेजों में पेरेन्ट्स टीचर्स मीटिंग (Parents Teacher Meeting) नियमित रूप से की जाएं। समाज कल्याण व अन्य विभाग युवाओं की जागरूकता पर फोकस करें। इसके लिये सोशल मीडिया व अन्य मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाए।

मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश में दो सरकारी नशामुक्ति केंद्र बनाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होने के साथ स्किल डेवलपमेंट (Skill Development) पर भी ध्यान दिया जाए। सभी संबंधित विभागों को साथ लेकर एंटी ड्रग्स टास्क फोर्स ( Anti Drugs Task Force) को एक्टिव किया जाए। निजी नशामुक्ति केंद्रों के लिए सख्त गाइडलाइन बनाकर उस पर फॉलोअप किया जाए।

मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी को ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ अभियान की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर डीएम ( District Magistrate) भी लगातार माॅनिटरिंग करें।

बैठक में अपर मुख्य सचिव राधा रतूङी, डीजीपी अशोक कुमार, प्रमुख सचिव एल फैनई, सचिव शैलेश बगोली, राधिका झा, डाॅ पंकज कुमार पाण्डे, दीपेंद्र चौधरी, डीआईजी रिद्धिम अग्रवाल सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


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