IAS राम विलास यादव पत्नी का बहाना बना कौनसा सच विजिलेंस से छिपा रहा? धाकड़ धामी ने कराई गिरफ़्तारी, जीरो टॉलरेंस राज में भी 2 IAS लपेटे में आए थे पर..

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IAS RAM VILAS YADAV ARRESTED BY UTTARAKHAND VIGILANCE: उत्तराखंड की धामी सरकार ने भ्रष्टाचार पर सख्त एक्शन लेते हुए सस्पेंड IAS RAM VILAS YADAV को आय से 522 गुना अधिक संपत्ति मामले में गिरफ्तार कर लिया है। ADG VIGILANCE अमित सिन्हा ने कहा है कि आईएएस राम विलास यादव आय से अधिक संपत्ति मामले में कोई संचोषजनक जवाब नहीं दे पाए जिसके बाद बुधवार रात्रि 2 बजकर 15 मिनट पर विजिलेंस ने उनको गिरफ्तार कर लिया और आज कोर्ट में पेश किया गया। सिन्हा ने कहा कि उनके छह अकाउंट सीज करेंगे और संपत्तियों की पड़ताल लगातार जारी है जिसके बाद आगे और भी जरूरी एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोर्ट से आईएएस राम विलास यादव का पुलिस रिमांड माँगा जाएगा।

आईएएस राम विलास यादव यूपी में अखिलेश सरकार के समय ताकतवर अधिकारी माने जाते थे और उस दौरान वे लखनऊ विकास प्राधिकरण सहित कई मलाईदार विभागों को संभाल रहे थे। जब विजिलेंस टीम ने आईएएस राम विलास की संपत्तियों का पता लगाना शुरू किया तो एक के बाद एक सबूत सामने आते गए।

विजिलेंस एडीजी के अनुसार आईएएस राम विलास के पास निकली संपत्तियों में अधिकतर में उनकी पत्नी साझेदार है और पत्नी अभी तक विजिलेंस के सामने पेश नहीं हुई है। उनको कल भी बुलाया गया था लेकिन वे नहीं आई और राम विलास हर संपत्ति से जुड़े सवाल जवाब के दौरान विजिलेंस को चकमा देने के लिए पत्नी के ही जवाब देने का हवाला देकर खुद को बचाने की कोशिश करता रहा। मजबूरन विजिलेंस ने तमाम सवालों का जवाब देने की बजाय हनक और चकमा देते रहे आईएएस राम विलास को गिरफ्तार कर लिया।

उततराखंड विजिलेंस के एडीजी अमित सिन्हा ने कहा कि हाईकोर्ट के सभी कागजात लेकर विजिलेंस दफ्तर पहुँचने के निर्देश के बावजूद आईएएस राम विलास यादव कोई भी दस्तावेज लेकर नहीं आए और हर सवाल पर पत्नी का नाम लेकर टालते रहे जिससे लगता है कि कुछ न कुछ बेहद गंभीर चीज़ों को छिपा रहे हैं।

विजिलेंस जांच में आईएएस राम विलास यादव की बेटी के खाते में 15 लाख की नक़दी बरामद की गई है लेकिन इस नक़दी का कोई हिसाब-किताब और काग़ज़ात नहीं मिला है। वहीं पत्नी के नाम दर्ज संपत्ति कहां से आई इसका कोई सबूत नहीं मिला है।

आईएएस राम विलास की 70 लाख की FD भी जांच में सामने आई है लेकिन उसका भी हिसाब-किताब वह पेश नहीं कर पाया है। लखनऊ की संपत्ति और प्राइमरी स्कूल व बिल्डिंग में भी ट्रस्ट के नाम पर घपलेबाजी सामने आई है। गिरफ़्तारी से पहले बुधवार को ही शासन ने आईएएस राम विलास यादव को सस्पेंड कर दिया था।


आईएएस यादव पर अप्रैल 2022 में विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति मामले में केस दर्ज किया था। सवाल है कि अब तक हाईकोर्ट से भी निराश होकर विजिलेंस के हत्थे चढ़े आईएएस राम विलास यादव को आय से 500 गुना से भी अधिक संपत्ति मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। लेकिन क्या उनको आय से अधिक संपत्ति मामले में अंजाम तक पहुँचाया जा सकेगा?

आखिर NH74 मुआवजा घोटाले में दो-दो आईएएस पर गाज गिराकर तत्कालीन जीरो टॉलरेंस TSR सरकार ने करप्शन के खिलाफ धर्मयुद्ध छेड़ने का नारा बुलंद कर खूब वाहवाही लूटी थी लेकिन नतीजा क्या निकला सबसे सामने हैं।


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