

1. कैबिनेट के बड़े फैसले: मदरसा अनुदान खत्म, युवाओं को मिलेगा विदेश रोजगार का अवसर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी।
कैबिनेट ने पिथौरागढ़ स्थित सीमांत प्रौद्योगिकी संस्थान के विस्तार के लिए 14.857 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरण को मंजूरी दी। रिवर राफ्टिंग एवं क्याकिंग नियमावली-2026 को संशोधित करते हुए सुरक्षा मानकों को और सख्त बनाया गया।
श्रीनगर में अक्षय पात्र फाउंडेशन के माध्यम से पीएम पोषण योजना लागू होगी, जबकि राज्य भंडारण निगम के कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ मिलेगा।
कुंभ-2027 की लेखा परीक्षा के लिए दो नए पद सृजित किए गए। वित्त सेवा नियमावली में संशोधन तथा वित्त ऑडिट प्रकोष्ठ को मजबूत करने का निर्णय भी लिया गया।
कैबिनेट ने सहसपुर स्किल हब में विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के लिए सात सदस्यीय पीएमयू को मंजूरी देकर युवाओं के लिए विदेशों में रोजगार के नए रास्ते खोल दिए।
सबसे चर्चित निर्णय अरेबिया मदरसों की अनुदान योजना को वित्तीय वर्ष 2027-28 से समाप्त करने का रहा। इसके साथ ही बापूग्राम, चौवन बग्गा और बिंदुखत्ता के नियमितीकरण की दिशा में मुख्य सचिव को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
2. टिहरी लेक बनेगी अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र, ग्रीन एनर्जी मॉडल पर होगा विकास

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई हाई पावर कमेटी की बैठक में टिहरी झील को ग्लोबल डेस्टिनेशन बनाने की कार्ययोजना पर चर्चा हुई।
निर्देश दिए गए कि पूरी परियोजना अधिकतम नवीकरणीय ऊर्जा आधारित हो, पारंपरिक गांव विकसित किए जाएं, पुरानी टिहरी का 3-डी संग्रहालय बनाया जाए तथा स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ा जाए।
3. उद्योग समूह उत्तराखंड में बढ़ाएं CSR निवेश, कई कंपनियों के साथ हुए एमओयू

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘उत्तराखंड CSR डायलॉग’ में उद्योग जगत से राज्य की विकास यात्रा में साझेदार बनने का आह्वान किया।
इस दौरान हुंडई, आईटीसी, ओएनजीसी, इंफोसिस फाउंडेशन, महिंद्रा, आदित्य बिरला कैपिटल, पैनासोनिक समेत कई कंपनियों के साथ शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और सड़क सुरक्षा से जुड़े समझौते हुए।
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4. कल से शुरू होगा लोक संवर्धन पर्व, देहरादून पहुंचेंगे केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू

11 जुलाई से परेड ग्राउंड में पांच दिवसीय ‘लोक संवर्धन पर्व’ शुरू होगा।
उत्तराखंड इस आयोजन में केंद्र सरकार का साझेदार बनने वाला पहला राज्य है। लगभग 150 स्टॉल लगाए जाएंगे जिनमें 40 प्रतिशत उत्तराखंड की कला एवं शिल्प पर आधारित होंगे। उद्घाटन केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू करेंगे।
5. अर्धकुंभ-2027 की तैयारियों पर सख्ती, समय सीमा में पूरे होंगे सभी निर्माण कार्य

मेलाधिकारी सोनिका ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क, पुल, घाट, पार्किंग, बिजली, पेयजल और सौंदर्यीकरण से जुड़े सभी कार्य तय समय सीमा में पूरे किए जाएं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
6. NHAI ने दिया जवाब— भानियावाला-ऋषिकेश परियोजना में पर्यावरण संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता
भानियावाला-जॉलीग्रांट-ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन परियोजना को लेकर उठे सवालों पर एनएचएआई ने स्पष्ट किया कि सभी वन एवं पर्यावरणीय स्वीकृतियों के बाद ही कार्य शुरू हुआ है।
परियोजना में एलीफेंट अंडरपास, वन्यजीव कॉरिडोर, प्रतिपूरक वनीकरण और पर्यावरण संरक्षण के व्यापक प्रावधान किए गए हैं।
7. सेवा, सुशासन और समर्पण पखवाड़ा: 73 शिविरों में 64 हजार से अधिक लोगों ने लिया हिस्सा

राज्यभर में चल रहे अभियान के तहत अब तक 73 शिविर लगाए जा चुके हैं।
64 हजार से अधिक लोग इन शिविरों में पहुंचे जबकि 22 हजार से ज्यादा लोगों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला। लगभग पांच हजार शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया।
8. SIR के दूसरे चरण की तैयारी, दावे-आपत्तियों के लिए विशेष कैंप लगाए जाएंगे

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून को देखते हुए पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाए जाएं ताकि मतदाताओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
9. TTF कोलकाता में उत्तराखंड पर्यटन का दमदार प्रदर्शन

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कोलकाता में ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर (TTF) में उत्तराखंड पवेलियन का उद्घाटन किया।
29 पर्यटन हितधारकों के साथ उत्तराखंड ने आध्यात्मिक, साहसिक और ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित किया।
10. सीबीआई ने उत्तराखंड के एलयूसीसी चिटफंड घोटाले में 18 आरोपियों/संस्था के विरुद्ध आरोप-पत्र दायर किया
केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने आज 10 जुलाई को उत्तराखंड के लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी (एलयूसीसी) चिटफंड घोटाले से संबंधित मामले में देहरादून स्थित बीयूडीएस अधिनियम के माननीय विशेष न्यायालय में 18 आरोपियों/संस्था के विरुद्ध आरोप-पत्र दायर किया है। यह आरोप-पत्र समीर अग्रवाल, शादाब हुसैन, उत्तम कुमार सिंह राजपूत, सानिया अग्रवाल (समीर अग्रवाल की पत्नी), माया सिंह राजपूत (उत्तम कुमार सिंह राजपूत की पत्नी), जितेंद्र सिंह निरंजन, दिनेश सिंह, गिरीश चंद सिंह बिष्ट, उर्मिला बिष्ट (श्री जगमोहन बिष्ट की पत्नी), जगमोहन बिष्ट, ममता भंडारी, तरुण कुमार मौर्य, गौरव उर्फ गौरव रोहिल्ला, सुशील गोखरू, किशनलाल उदयलाल जैन, पंकज कुशल सिंह जैन, राजेंद्र सिंह बिष्ट और लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता, भारतीय न्याय संहिता, उत्तराखंड जमाकर्ता हित संरक्षण अधिनियम और अनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दायर किया गया है।
यह स्मरण रहे कि माननीय उत्तराखंड उच्च न्यायालय, नैनीताल पीठ ने वर्ष 2025 में एलयूसीसी चिटफंड घोटाले से संबंधित सभी प्राथमिकियों को सीबीआई को स्थानांतरित करने के आदेश पारित किए थे। उक्त आदेशों के अनुपालन में, सीबीआई ने दिनांक 26.11.2025 को एलयूसीसी के विभिन्न पदाधिकारियों और अन्य के विरुद्ध आईपीसी, बीएनएस, उत्तराखंड जमाकर्ता हित संरक्षण अधिनियम और बड्स अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। यह मामला दर्ज करके, सीबीआई ने उत्तराखंड के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में दर्ज सभी 18 स्थानीय पुलिस प्राथमिकियों का अन्वेषण और आगे का अन्वेषण अपने हाथ में ले लिया था।
अन्वेषण से पता चला कि एलयूसीसी को वर्ष 2012 में वाजिद खान द्वारा केंद्रीय सहकारी समिति रजिस्ट्रार के यहाँ एक मल्टी-स्टेट को-ऑपरेटिव सोसाइटी के रूप में पंजीकृत किया गया था। मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल ने वर्ष 2016 में एलयूसीसी का प्रबंधन अपने हाथ में ले लिया और एक नया निदेशक मंडल गठित किया। समीर अग्रवाल द्वारा एलयूसीसी का कार्यभार संभालने के बाद, उत्तराखंड में स्थित इसकी 50 से अधिक शाखाओं के माध्यम से विभिन्न अनियमित जमा योजनाएं चलाई गईं। हालांकि उत्तराखंड में एलयूसीसी के कामकाज के लिए एनओसी उत्तराखंड के रजिस्ट्रार ऑफ सोसाइटीज द्वारा वर्ष 2017 में जारी की गई थी, लेकिन समीर अग्रवाल ने वर्ष 2016 में ही अवैध रूप से इसका संचालन शुरू कर दिया था। चूंकि एलयूसीसी का कोई वास्तविक व्यवसाय और कोई वास्तविक आय/लाभ नहीं था, इसलिए जमाकर्ताओं की जमा राशि का परिपक्वता भुगतान नए जमाकर्ताओं से प्राप्त नई जमा राशि से किया जा रहा था। इस प्रकार, पाया गया कि एलयूसीसी उत्तराखंड की आम जनता को धोखा देने के लिए पोंजी स्कीम चला रही थी।
अन्वेषण से पता चला कि उत्तराखंड राज्य में जनता को अभूतपूर्व पैमाने पर शिकार बनाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में निवेशकों (लगभग 1 लाख से अधिक) को एलयूसीसी की विभिन्न अनियमित जमा योजनाओं में निवेश करने का लालच दिया गया। इन जमाकर्ताओं द्वारा किया गया कुल निवेश/जमा लगभग ₹800 करोड़ का है। एलयूसीसी द्वारा कुछ जमाकर्ताओं को आंशिक भुगतान किया गया था, लेकिन धोखाधड़ी की कुल राशि ₹400 करोड़ से अधिक है।
अन्वेषण में यह सामने आया कि मुंबई, महाराष्ट्र निवासी मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल एलयूसीसी के संचालन के पीछे का मास्टरमाइंड है और उसी ने इसके प्रबंधन और निर्णय लेने की प्रक्रिया को नियंत्रित किया। उसने एलयूसीसी के माध्यम से अनियमित जमा योजनाएं संचालित कीं, जिसने उत्तराखंड के जमाकर्ताओं से लगभग ₹800 करोड़ एकत्र किए। उसने एलयूसीसी द्वारा एकत्र किए गए उत्तराखंड के जमाकर्ताओं के धन के गबन और हेराफेरी के लिए किशनलाल उदयलाल जैन और पंकज कुशल सिंह जैन के साथ साजिश रचकर 10 शेल (फर्जी) फर्मों के बैंक खाते खोले। अन्वेषण से यह भी पता चला है कि वह और उसकी पत्नी श्रीमती सानिया अग्रवाल विदेश फरार हो गए हैं। सीबीआई ने उनके खिलाफ नोटिस और सर्कुलर जारी किए हैं ताकि उन्हें कानूनी प्रक्रिया का सामना करने के लिए वापस लाया जा सके।
अन्वेषण से पता चला कि शादाब हुसैन, उत्तम कुमार सिंह राजपूत और दिनेश सिंह एलयूसीसी के महत्वपूर्ण पदाधिकारी थे और उनके खिलाफ भी सीबीआई द्वारा आरोप-पत्र दायर किया गया है। इसी तरह, एलयूसीसी के चेस्ट मैनेजर नामतः तरुण कुमार मौर्य, गौरव उर्फ गौरव रोहिल्ला और ममता भंडारी, जिन्होंने विभिन्न शाखाओं द्वारा एकत्र किए गए जमाकर्ताओं के पैसे को नकदी के रूप में विभिन्न स्थानों पर भेजा और इस प्रकार बैंकिंग लेनदेन से बचे, उन्हें भी आरोप-पत्रित किया गया है। वर्तमान आरोप-पत्र में एलयूसीसी के पदाधिकारी होने और साजिश में शामिल होने वाले कई अन्य आरोपियों को भी आरोप-पत्रित किया गया है।
अन्वेषण में पाया गया कि सुशील कुमार गोखरू ने किशनलाल उदयलाल जैन और पंकज कुशल सिंह जैन के साथ मिलकर मुंबई, महाराष्ट्र में 10 शेल फर्मों के बैंक खाते खुलवाए और उत्तराखंड के जमाकर्ताओं से एकत्र की गई धनराशि इन शेल फर्मों के बैंक खातों में स्थानांतरित कर दी गई। बाद में, इन निधियों को लेयर्ड लेनदेन के माध्यम से सैकड़ों बैंक खातों में डायवर्ट किया गया।
सीबीआई ने एक विशेष टीम का गठन किया ताकि इस मामले का अन्वेषण दैनिक आधार पर किया जा सके, आरोपियों की संपत्तियों की पहचान की जा सके और उन्हें गिरफ्तार किया जा सके। अन्वेषण के दौरान, आरोपियों की संपत्तियों की पहचान की गई और उन्हें उत्तराखंड के सक्षम प्राधिकारी, जो कि वित्त सचिव, उत्तराखंड सरकार, देहरादून हैं, के माध्यम से कुर्क कराने की कार्रवाई की गई। आरोपियों से संबंधित उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में 39 संपत्तियों की पहचान की गई थी और बीयूडीएस अधिनियम, 2019 के तहत कुर्की की कार्यवाही शुरू करने के लिए सीबीआई द्वारा सक्षम प्राधिकारी को संदर्भित किया गया था। इन 39 संपत्तियों में से अब तक सक्षम प्राधिकारी द्वारा उचित प्रक्रिया का पालन करने के बाद 29 संपत्तियों के संबंध में अनंतिम कुर्की आदेश जारी किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, सक्षम प्राधिकारी द्वारा इन 29 अनंतिम रूप से कुर्क की गई संपत्तियों की पुष्टि के लिए नामित न्यायालयों के समक्ष आवेदन भी दायर किए जा रहे हैं। शेष 10 संपत्तियों के संबंध में, सक्षम प्राधिकारी अनंतिम कुर्की की कार्यवाही शुरू करने की प्रक्रिया में हैं।
अन्वेषण के दौरान, सीबीआई द्वारा 07 आरोपियों, नामतः तरुण कुमार मौर्य, ममता भंडारी, गौरव उर्फ गौरव रोहिला, राजेंद्र सिंह बिष्ट, सुशील कुमार गोखरू, किशनलाल उदयलाल जैन और पंकज कुशल सिंह जैन को गिरफ्तार किया गया। उपरोक्त सभी आरोपी वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं।
अन्य आरोपियों के विरुद्ध आगे का अन्वेषण जारी है।
दिनभर की अन्य अहम खबरें
* अग्निवीर भर्ती रैलियों को लेकर सेना और राज्य सरकार की समन्वय बैठक।

* हरेला सप्ताह में पिथौरागढ़ में 10 हजार पौधों का रोपण।

* एफआरआई में सेना अधिकारियों को वन पारिस्थितिकी तंत्र पर विशेष प्रशिक्षण।

* डीएम ने देहरादून की ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।

* ई-ऑफिस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर समीक्षा।
* देहरादून महायोजना-2041 पर जनसुनवाई जारी।

* अनुसूचित जाति आयोग ने एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम मामलों की समीक्षा की।

* विभिन्न जिलों में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ शिविरों का आयोजन हुआ।



