
- नीति आयोग के सामने धामी का बड़ा एजेंडा, बोले- उत्तराखंड की फ्लोटिंग पॉपुलेशन को मिले नीति में जगह
- स्वास्थ्य, जल संरक्षण और रोजगार पर फोकस, नीति आयोग से धामी ने मांगा विशेष सहयोग
- उत्तराखंड के विकास का नया ब्लूप्रिंट, नीति आयोग के साथ धामी की अहम बैठक
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को नीति आयोग के सदस्य प्रो. (डॉ.) एम. श्रीनिवास के नेतृत्व वाली टीम के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में उत्तराखंड के लिए विशेष विकास नीति का खाका सामने रखा। उन्होंने कहा कि पर्वतीय राज्य होने के कारण उत्तराखंड की जरूरतें अन्य राज्यों से अलग हैं। इसलिए योजनाओं और संसाधनों के आवंटन में राज्य की स्थायी आबादी के साथ हर साल आने वाली सात से आठ गुना अधिक फ्लोटिंग पॉपुलेशन को भी आधार बनाया जाना चाहिए।
क्या बोले मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में हर वर्ष करोड़ों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं, जिससे स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। ऐसे में नीति आयोग को राज्य की वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप योजनाएं तैयार करने में सहयोग देना चाहिए।
उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के साथ स्वास्थ्य शिक्षा पर विशेष जोर दिया। महिला सशक्तीकरण, कुपोषण उन्मूलन और महिलाओं में एनीमिया की रोकथाम के लिए समन्वित कार्ययोजना तैयार करने की आवश्यकता भी बताई।
मुख्यमंत्री ने कृषि, बागवानी, पर्यटन, जैव विविधता, कौशल विकास और जल संसाधन जैसे क्षेत्रों में नीति आयोग के सहयोग से नियमित विशेषज्ञ सेमिनार आयोजित करने का सुझाव दिया। उन्होंने रेन वाटर हार्वेस्टिंग को भविष्य की जरूरत बताते हुए जल संरक्षण के लिए दीर्घकालिक नीति बनाने पर बल दिया। साथ ही स्थानीय रोजगार और आजीविका बढ़ाने के लिए प्रभावी नीति निर्धारण की आवश्यकता भी दोहराई।
मुख्य सचिव ने रखा राज्य का पक्ष
बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि राज्य गठन के बाद उत्तराखंड ने आर्थिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने बताया कि राज्य सतत विकास लक्ष्य (SDG) इंडेक्स 2023-24 में शीर्ष स्थान प्राप्त कर चुका है। हालांकि पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना अब भी चुनौती है, जिसके लिए नीति आयोग से तकनीकी सहयोग की जरूरत है।

नीति आयोग ने दिए सुझाव
नीति आयोग के सदस्य प्रो. (डॉ.) एम. श्रीनिवास ने कहा कि उत्तराखंड कई क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी आउटकम इंडिकेटर्स और एसडीजी लक्ष्यों पर अभी और काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में और सुधार, संस्थागत प्रसव, टीबी उपचार, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं, ट्रॉमा केयर और आयुष इकोसिस्टम को मजबूत करने पर जोर दिया।
खबर का सार
* फ्लोटिंग पॉपुलेशन के आधार पर नीति बनाने की मांग
* स्वास्थ्य और स्वास्थ्य शिक्षा पर विशेष फोकस
* महिला-बाल विकास, कुपोषण और एनीमिया पर समन्वित योजना
* जल संरक्षण और रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर दीर्घकालिक नीति
* स्थानीय रोजगार और आजीविका बढ़ाने के लिए नीति आयोग से सहयोग
* स्वास्थ्य ढांचे और आयुष इकोसिस्टम को मजबूत करने की सिफारिश



