

होमस्टे योजना में विशेष अनुदान
सीएम धामी ने घोषणा की कि पर्यटन विभाग की होमस्टे योजना के तहत पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को विशेष अनुदान दिया जाएगा। सीमावर्ती गांवों में स्थानीय निवासियों, पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के लिए स्वरोजगार संबंधी आधारभूत सुविधाओं के विकास हेतु भी विशेष सहायता दी जाएगी।
सरकारी नौकरियों में पहले से मिल रही हैं ये सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पहले ही सेवामुक्त अग्निवीरों को पुलिस, वन विभाग और आपदा प्रबंधन सहित राज्य की सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, अधिकतम आयु सीमा में छूट और भर्ती प्रक्रिया में प्राथमिकता देने की व्यवस्था कर चुकी है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सेना में सेवा देने वाले प्रत्येक युवा को सम्मानजनक भविष्य देना है।
शहीद परिवारों के लिए भी बढ़ाई सहायता
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने शहीद परिवारों की अनुग्रह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दी है। आश्रितों को सरकारी सेवा में समायोजन, आवेदन अवधि को दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष करने और युद्ध विधवाओं व दिव्यांग सैनिकों के लिए विशेष सहायता जैसी व्यवस्थाएं भी लागू की गई हैं।
भर्ती प्रक्रिया पर भी बोले
सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड में सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी हुई है। उन्होंने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में राज्य में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है तथा 100 से अधिक नकल माफिया जेल भेजे जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहां समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की गई है और मदरसा बोर्ड समाप्त किया गया है। राज्य सरकार युवाओं के लिए रोजगार, शिक्षा और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार कर रही है।
कार्यक्रम में विधायक बृजभूषण गैरोला, यूथ फाउंडेशन के संस्थापक कर्नल (सेवानिवृत्त) अजय कौठियाल, मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) गुलाब सिंह रावत, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, एसएसपी प्रमेन्द्र डोभाल सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
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