
Badrinath Dham News | Chamoli News | Badrinath Donation Scam | बदरीनाथ धाम के चढ़ावा हेराफेरी मामले में जांच ने सोमवार को नया मोड़ ले लिया। मामले के मुख्य आरोपित और बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल को चमोली पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। मुख्य आरोपी नौटियाल को देहरादून से गिरफ्तार किया गया जिसके बाद उसे बदरीनाथ थाने लाया गया, जहां विशेष जांच दल (एसआईटी) उससे लगातार पूछताछ कर रहा है।
दरअसल, बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) की शिकायत पर चढ़ावे में हेराफेरी और चोरी के आरोप में प्रमोद नौटियाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर जांच तेज की और देहरादून से उसे गिरफ्तार कर लिया।
जांच एजेंसियां अब आरोपी से पूछताछ के जरिए यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि चढ़ावे की कथित हेराफेरी कितने समय से चल रही थी, इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं तथा चोरी की गई रकम का उपयोग कहां किया गया। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आवश्यक पूछताछ और कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा। इस गिरफ्तारी को बदरीनाथ धाम चढ़ावा हेराफेरी प्रकरण की जांच में अब तक की सबसे महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस का दावा है कि मामले से जुड़े हर पहलू की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है तथा यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
तीन स्तरों पर चल रही है जांच
बदरीनाथ चढ़ावा हेराफेरी मामले की फिलहाल तीन समानांतर जांच चल रही हैं। विभागीय स्तर पर बीकेटीसी जांच कर रही है, आपराधिक पहलुओं की जांच एसआईटी के जिम्मे है, जबकि व्यवस्थागत खामियों की समीक्षा गढ़वाल मंडलायुक्त की अध्यक्षता में गठित जांच कर रही है।
एसआईटी अब तक चढ़ावा गणना ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों के बयान दर्ज कर चुकी है। हालांकि मंदिर समिति से मांगे गए कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज अभी जांच एजेंसी को उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
32 दिन की CCTV फुटेज कहां गई?
पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल मंदिर परिसर की 32 दिन की सीसीटीवी फुटेज को लेकर खड़ा हो गया है। बीकेटीसी ने शुरुआत में दावा किया था कि उसके पास 45 दिन की रिकॉर्डिंग सुरक्षित है, लेकिन विभागीय जांच के दौरान टीम को केवल 13 दिन की फुटेज ही उपलब्ध कराई गई। ऐसे में बाकी 32 दिन की रिकॉर्डिंग गायब होने से जांच और तेज हो गई है।
फुटेज में कई बार कैद हुआ आरोपी
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज में प्रमोद नौटियाल पांच दिनों के दौरान आठ बार गणना कक्ष से 500-500 रुपये के नोटों के बंडल तथा सोने-चांदी के चढ़ावे बाहर ले जाता दिखाई दे रहा है। इसी आधार पर जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह कार्रवाई अकेले की गई थी या इसमें अन्य लोगों की भी भूमिका थी।
क्या मिटाए गए डिजिटल सबूत?
जांच एजेंसियां अब इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं सीसीटीवी रिकॉर्ड से छेड़छाड़ कर महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य तो नष्ट नहीं किए गए। यदि तकनीकी जांच में रिकॉर्डिंग जानबूझकर हटाने की पुष्टि होती है, तो मामले में नए आरोप और नए नाम सामने आ सकते हैं।
सूत्रों के मुताबिक बीकेटीसी ने अब डीवीआर से डिलीट फुटेज रिकवर कराने के लिए स्वतंत्र तकनीकी विशेषज्ञों से भी संपर्क किया है।
एक दर्जन से ज्यादा लोग जांच के घेरे में
एसआईटी ने गणना प्रक्रिया से जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा करीब एक दर्जन अन्य लोगों को भी जांच के दायरे में लिया है। इनमें कुछ श्रद्धालु और साधु-संत भी शामिल बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसी सभी की भूमिका और घटनास्थल पर उनकी मौजूदगी का सत्यापन कर रही है।
अब आगे क्या?
जांच की दिशा अब दो अहम बिंदुओं पर केंद्रित है— प्रमोद नौटियाल से होने वाली विस्तृत पूछताछ और गायब हुई 32 दिन की सीसीटीवी फुटेज की रिकवरी। यदि डिलीट रिकॉर्डिंग बरामद होती है, तो बदरीनाथ धाम चढ़ावा हेराफेरी मामले में कई नए खुलासे होने की संभावना है।



