
सम्मेलन में अब तक संयुक्त राज्य अमेरिका, रोमानिया, आयरलैंड, इंडोनेशिया, उज्बेकिस्तान, हंगरी और नेपाल की चुनाव प्रबंधन संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने पंजीकरण कराया है। आयोजकों का कहना है कि यह मंच विभिन्न देशों के चुनावी अनुभवों को साझा करने और वैश्विक स्तर पर चुनाव प्रेक्षकों के लिए बेहतर मानक विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।
क्या है ‘Model Standards for Electoral Observer’ का उद्देश्य?
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे के अनुसार सम्मेलन का उद्देश्य चुनाव प्रेक्षक (Electoral Observer) प्रणाली की मौजूदा कार्यप्रणाली की समीक्षा करना और उसे अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा व्यावहारिक बनाने के लिए अकादमिक एवं नीतिगत विमर्श तैयार करना है।
इस दौरान विशेषज्ञ चुनाव प्रेक्षकों की भूमिका, उनकी जवाबदेही, प्रशिक्षण, तकनीक के उपयोग, कानूनी पहलुओं और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं (Best Practices) पर अपने विचार साझा करेंगे।
ये प्रमुख हस्तियां रहेंगी मौजूद
सम्मेलन में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम मुख्य अतिथि होंगे। इसके अलावा भारत निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार भारती, स्टेट पुलिस ट्रेनिंग के नोडल आईजी अनंत शंकर ताकवले, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, देहरादून एवं हरिद्वार के जिलाधिकारी तथा आईआईएम काशीपुर, ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, उत्तरांचल यूनिवर्सिटी और दून यूनिवर्सिटी के शिक्षाविद विभिन्न तकनीकी सत्रों में अपने शोध एवं विचार प्रस्तुत करेंगे।
क्यों महत्वपूर्ण है यह सम्मेलन?
भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और चुनाव प्रेक्षक स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे समय में जब चुनावी पारदर्शिता, तकनीक और वैश्विक लोकतांत्रिक मानकों पर लगातार चर्चा हो रही है, देहरादून में आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन भविष्य की चुनावी व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण सुझाव और मॉडल मानक तैयार करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।



