News Buzzन्यूज़ 360शिक्षा

सेवा संकल्प अभियान में छात्रों ने लिया राष्ट्र निर्माण का संकल्प, प्रतियोगिताओं में दिखाई प्रतिभा

दून इंटरनेशनल स्कूल में सेवा संकल्प अभियान, छात्रों ने लिया राष्ट्र निर्माण का संकल्प

Share now

 

देहरादून। डालनवाला स्थित दून इंटरनेशनल स्कूल में शनिवार को ‘सेवा संकल्प अभियान’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्रों ने सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण के विषय पर आयोजित निबंध, चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के उत्तराखंड सह प्रभारी अरविन्द मेनन मुख्य अतिथि रहे। पूर्व विधायक खजानदास सम्मानित अतिथि तथा राज्य मंत्री श्याम अग्रवाल विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। भाजपा प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, प्रदेश मंत्री आदित्य चौहान, देहरादून नगर निगम की पार्षद सुनीता मजखौला, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम लाल भारती और प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी रायपुर राम बाबू विमल समेत भाजपा के विभिन्न मंडलों के अध्यक्ष और शिक्षा विभाग के अधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए।

विद्यालय के चेयरमैन डीएस मान, डायरेक्टर एचएस मान और प्रधानाचार्य डॉ. दिनेश बर्त्वाल ने अतिथियों का स्वागत किया।

निबंध, चित्रकला और भाषण प्रतियोगिता में छात्रों ने दिखाया उत्साह

‘सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण का संकल्प’ विषय पर आयोजित प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। निबंध, चित्रकला और भाषण के माध्यम से छात्रों ने समाज सेवा, राष्ट्र निर्माण और जिम्मेदार नागरिक बनने के विचारों को सामने रखा।

प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथि अरविन्द मेनन और खजानदास ने पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अरविन्द मेनन ने विद्यार्थियों को ‘सेवा ही सबसे बड़ा संकल्प’ का संदेश दिया। उन्होंने छात्रों से समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझने तथा सेवा भावना को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. दिनेश बर्त्वाल ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र सेवा के संकल्प को आगे बढ़ाने की अपील की।

 

Show More

The News Adda

The News अड्डा एक प्रयास है बिना किसी पूर्वाग्रह के बेबाक़ी से ख़बर को ख़बर की तरह कहने का आख़िर खबर जब किसी के लिये अचार और किसी के सामने लाचार बनती दिखे तब कोई तो अड्डा हो जहां से ख़बर का सही रास्ता भी दिखे और विमर्श का मज़बूत मंच भी मिले. आख़िर ख़बर ही जीवन है.

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!