

Uttarakhand News: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को अपने काम के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। देहरादून में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में मुख्यमंत्री ने शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता और जवाबदेही बरतने पर जोर दिया।
जनसमस्याओं के समाधान में देरी न हो, अधिकारियों की होगी जिम्मेदारी
देहरादून के तपोवन रोड स्थित क्षत्रिय चेतना मंच में आयोजित शिविर में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और अधिकारियों से जनसमस्याओं के निस्तारण की व्यवस्था पर जोर दिया।
सीएम धामी ने निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर तय समय में समाधान किया जाए। जिन मामलों के निस्तारण में समय लगना जरूरी है, उनमें शिकायतकर्ता को स्पष्ट रूप से बताया जाए कि समस्या के समाधान में कितना समय लग सकता है और प्रक्रिया क्या होगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं का समाधान महज औपचारिकता नहीं, बल्कि जनसेवा का महत्वपूर्ण दायित्व है। प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उसके निस्तारण के लिए संवेदनशीलता के साथ काम किया जाना चाहिए।
‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान में 6.5 लाख से ज्यादा लोगों की भागीदारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार के ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के दो चरणों में 6.5 लाख से अधिक लोगों ने भागीदारी की। इस दौरान लोगों की समस्याओं के समाधान के साथ पात्र नागरिकों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया।
उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि लोगों को अपनी समस्याएं लेकर सरकारी दफ्तरों तक जाने के बजाय शासन-प्रशासन खुद जनता के बीच पहुंचे। बहुउद्देशीय शिविर इसी उद्देश्य से आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को एक ही स्थान पर संबंधित विभागों के अधिकारियों से संपर्क करने और सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिले।
कृषि यंत्र, मशरूम मिनीकिट और महालक्ष्मी किट बांटीं
शिविर में मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को कृषि यंत्र, मशरूम मिनीकिट तथा बाल विकास विभाग की महालक्ष्मी और किशोरी किट वितरित कीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुउद्देशीय शिविरों का उद्देश्य केवल विभागीय स्टॉल लगाना नहीं, बल्कि सरकारी योजनाओं और सेवाओं को सीधे जनता तक पहुंचाना है। कोई भी पात्र व्यक्ति जानकारी के अभाव या प्रक्रियागत जटिलताओं के कारण सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।

प्रमाणपत्र, पेंशन और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए न हों परेशान
सीएम धामी ने कहा कि सरकार जनसेवाओं को सरल, सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर रही है। प्रमाणपत्र, पेंशन, राशन कार्ड और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े कामों के लिए लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े, इस पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
उन्होंने बुजुर्गों, महिलाओं और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय स्तर पर सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने की जरूरत भी बताई।
सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वास्थ्य जांच और चिकित्सा परामर्श जैसी सुविधाओं पर भी जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत और अटल आयुष्मान उत्तराखंड जैसी योजनाओं के माध्यम से पात्र लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
17 सितंबर से चल रहा सेवा संकल्प अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से प्रदेश में सेवा संकल्प अभियान संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य जनसेवा, जनभागीदारी और सुशासन को बढ़ावा देते हुए लोगों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना है।
उन्होंने क्षेत्रवासियों से बहुउद्देशीय शिविरों का लाभ उठाने और संबंधित विभागों से सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने की अपील की। साथ ही जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों से जनसेवा की भावना के साथ काम करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विधायक उमेश शर्मा काऊ, जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान, एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडे, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोभाल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह सहित जनप्रतिनिधि और जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।



