Growth स्टोरीNews Buzzन्यूज़ 360

उत्तराखंड के किसानों की कमाई बढ़ाने का प्लान तैयार; CS आनंद बर्द्धन ने NABARD के Apple Festival 3.0 में दिए 5 बड़े निर्देश

Cold Storage से Organic Certification तक, उत्तराखंड के किसानों के लिए मुख्य सचिव का बड़ा फोकस

Share now
  • Cold Storage से Organic Certification तक, उत्तराखंड के किसानों के लिए मुख्य सचिव का बड़ा फोकस
  • सेब से लेकर कीवी तक, किसानों की कमाई बढ़ाने पर जोर; मुख्य सचिव ने FPO के लिए बनाया नया रोडमैप

देहरादून: उत्तराखंड में कृषि और बागवानी उत्पादों को बेहतर बाजार दिलाने और किसानों की आय बढ़ाने को लेकर सरकार ने फोकस बढ़ा दिया है। गुरुवार को देहरादून में NABARD की ओर से आयोजित Apple Festival 3.0 में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने किसान उत्पादक संगठनों यानी FPO को मजबूत, आत्मनिर्भर और टिकाऊ बनाने पर जोर दिया।

मुख्य सचिव ने NABARD के शाखा कार्यालय, देहरादून में नाबार्ड से वित्तपोषित किसान उत्पादक संगठनों द्वारा आयोजित Apple Festival 3.0 का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न FPO की ओर से तैयार किए गए सेब की अलग-अलग प्रजातियों, कीवी, सब्जियों और अन्य कृषि उत्पादों की प्रदर्शनी भी देखी।

उन्होंने किसानों और FPO प्रतिनिधियों से उनके उत्पादों की जानकारी ली और उत्पादन, बाजार, भंडारण तथा अन्य समस्याओं पर बातचीत की।

सिर्फ किसानों को जोड़ना नहीं, FPO को कारोबार के लिहाज से मजबूत करना जरूरी

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि FPO का उद्देश्य केवल किसानों को एक मंच पर लाना नहीं होना चाहिए। इन्हें मजबूत, आत्मनिर्भर और सस्टेनेबल संस्थाओं के रूप में विकसित करने की जरूरत है।

इसके लिए FPO को लगातार प्रशिक्षण, मार्गदर्शन, क्षमता विकास और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर उन्होंने जोर दिया।

खरीद से ब्रांडिंग तक, बाजार पर फोकस

मुख्य सचिव ने कृषि और बागवानी उत्पादों के लिए बेहतर बाजार तैयार करने को लेकर खरीद, मार्केटिंग और ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता को बढ़ावा देते हुए उन्हें बेहतर बाजार और उचित मूल्य से जोड़ने के लिए ठोस रणनीति के साथ काम किया जाना चाहिए।

यानी अब फोकस केवल उत्पादन बढ़ाने पर नहीं, बल्कि उत्पाद की बिक्री, ब्रांडिंग और किसान को बेहतर कीमत दिलाने पर भी रहेगा।

Cold Storage और Organic Certification पर जोर

किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक उत्पादों के सुरक्षित भंडारण और सही समय पर बाजार उपलब्ध होने की है। इसे देखते हुए मुख्य सचिव ने शीत भंडारण यानी Cold Storage की सुविधाओं को बढ़ाने पर जोर दिया।

उन्होंने कृषि एवं बागवानी उत्पादों की Traceability व्यवस्था विकसित करने के साथ ही जैविक उत्पादों के लिए Organic Certification की प्रक्रिया को बढ़ावा देने की बात कही। इससे उत्पाद की गुणवत्ता और उसकी विश्वसनीयता को बाजार में मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

NABARD और सरकार की योजनाओं में बेहतर तालमेल

मुख्य सचिव ने FPO को मजबूत बनाने के लिए NABARD और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि FPO को सस्टेनेबल बनाने के लिए एक ऐसा इकोसिस्टम विकसित करने की जरूरत है, जिसमें सरकार, NABARD, संबंधित विभाग, किसान उत्पादक संगठन, किसान और अन्य स्टेकहोल्डर्स मिलकर काम करें।

उनका जोर इस बात पर रहा कि अलग-अलग योजनाओं और उपलब्ध संसाधनों को एक-दूसरे से जोड़ा जाए, ताकि उनका अधिकतम लाभ किसानों और FPO तक पहुंच सके।

उत्तराखंड के Apple से Kiwi तक, बाजार बढ़ाने की चुनौती

उत्तराखंड में सेब, कीवी, सब्जियों समेत कई कृषि और बागवानी उत्पादों की अच्छी संभावनाएं हैं। लेकिन उत्पादन के साथ स्टोरेज, ब्रांडिंग, मार्केटिंग, प्रमाणन और सही बाजार तक पहुंच किसानों की आय बढ़ाने के लिए अहम कड़ी है।

Apple Festival 3.0 के मंच से मुख्य सचिव का संदेश भी इसी दिशा में रहा कि किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें उत्पादन से बाजार और बाजार से बेहतर मूल्य तक जोड़ने की पूरी व्यवस्था तैयार की जाए।

सरकार और NABARD के बीच बेहतर तालमेल के साथ FPO को मजबूत किया जाता है तो उत्तराखंड के स्थानीय कृषि एवं बागवानी उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने और किसानों की आय बढ़ाने की संभावनाएं और मजबूत हो सकती हैं।

कार्यक्रम में ये अधिकारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में सचिव डॉ. एस.एन. पाण्डेय, NABARD के मुख्य महाप्रबंधक पंकज यादव, महाप्रबंधक शशि कुमार सहित NABARD के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Show More

The News Adda

The News अड्डा एक प्रयास है बिना किसी पूर्वाग्रह के बेबाक़ी से ख़बर को ख़बर की तरह कहने का आख़िर खबर जब किसी के लिये अचार और किसी के सामने लाचार बनती दिखे तब कोई तो अड्डा हो जहां से ख़बर का सही रास्ता भी दिखे और विमर्श का मज़बूत मंच भी मिले. आख़िर ख़बर ही जीवन है.

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!