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आपदा प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन, वैज्ञानिक नवाचार और तकनीकी विकास पर देश-विदेश के विशेषज्ञों का महामंच तैयार 

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देहरादून में यूकॉस्ट द्वारा 28–30 नवंबर को आयोजित किया जायेगा विश्व आपदा प्रबंधन शिखर सम्मेलन और 20वां राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन- प्रो दुर्गेश पंत 

देहरादून: उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) द्वारा आयोजित विश्व आपदा प्रबंधन शिखर सम्मेलन (WSDM 2025) और 20वां उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन (USSTC) आगामी 28 से 30 नवंबर 2025 तक ग्राफिक एरा डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी, देहरादून में आयोजित किए जाएंगे। यह तीन दिवसीय आयोजन आपदा प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन, वैज्ञानिक नवाचार और तकनीकी विकास पर देश-विदेश के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाएगा। यूकॉस्ट द्वारा आयोजित विश्व आपदा प्रबंधन शिखर सम्मेलन एक ऐसा वैश्विक मंच है जिसका उद्देश्य आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में समुदायों की सहभागिता, ज्ञान-साझा, नवीन तकनीकों और नीति-निर्माण के लिए व्यवहारिक समाधान तलाशना है।

सम्मेलन से पहले कई प्रमुख शहरों में प्री-समिट जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं। मुख्य आयोजन के दौरान अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, नीति निर्माता, जनप्रतिनिधि और उद्योग जगत के प्रतिनिधि आपदा प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन, जोखिम न्यूनीकरण और नवीन अनुप्रयोगों पर अपने अनुभव तथा सुझाव साझा करेंगे। सम्मेलन के अंतर्गत छह उच्चस्तरीय पूर्ण सत्रों में लचीली अवसंरचना, जल संकट, सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात प्रबंधन, हिमालयी समुदायों की भूमिका, आपदा चुनौतिया तथा पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों पर गहन चर्चा होगी। 

इसके साथ ही बारह विशेष प्रौद्योगिकी सत्र आयोजित होंगे, जिनमें अंतरराष्ट्रीय सहयोग, सतत वित्तपोषण, आपदा जोखिम वित्त, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, कार्बन इकोसिस्टम, मीडिया की भूमिका, सिक्किम मॉडल और हिमालयी कॉरिडोर विकास जैसे विषय शामिल होंगे। 

इस शिखर सम्मेलन में विशेषज्ञों द्वारा सरकार, उद्योग और गैर सरकारी संगठनों के सहयोग से कार्यशालाएँ भी आयोजित की जाएंगी, जो प्रतिभागियों को व्यवहारिक और अनुभवात्मक ज्ञान प्रदान करेंगी। आधुनिक आपदा प्रबंधन प्रौद्योगिकियों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित समाधानों, स्पेस-बेस्ड मॉनिटरिंग और प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों की प्रदर्शनियां भी सम्मेलन का विशेष आकर्षण होंगी। 

सम्मेलन के दौरान प्रदान किया जाने वाला भागीरथ पुरस्कार उन व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित करेगा जिन्होंने आपदा प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन अनुकूलन और जोखिम न्यूनीकरण में उल्लेखनीय योगदान दिया है। युवा नेतृत्व मंच, विमेन इन साइंस और समुदायों की आवाज़ जैसे कार्यक्रम सम्मेलन को और अधिक समावेशी बनाएंगे। NDRF, SDRF, ITBP, BRO, NIM, NCC, NSS और SSB जैसी राष्ट्रीय एजेंसियाँ आपदा प्रबंधन से संबंधित व्यावहारिक प्रदर्शन भी करेंगी।
इसी अवधि में आयोजित होने वाला 20वां उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन राज्य में वैज्ञानिक प्रगति को गति देने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। इस सम्मेलन का लक्ष्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के माध्यम से सभी समुदायों को सशक्त बनाना है। इसमें आपदा जोखिम न्यूनीकरण, सामाजिक विकास, कृषि, स्वास्थ्य सेवाएँ, जैव प्रौद्योगिकी, पर्यावरण तथा अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विशेष तकनीकी व वैज्ञानिक सत्र होंगे। नवप्रवर्तकों, शोधकर्ताओं, विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं को यह सम्मेलन राज्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करने का अवसर देगा। 

यूकॉस्ट ने कहा कि इन दोनों आयोजनों का उद्देश्य वैज्ञानिक सहयोग को प्रोत्साहित करना, साक्ष्य-आधारित आपदा प्रबंधन को मजबूत करना, नीति निर्माण सहयोग और समुदायों को सुरक्षित एवं सुखद भविष्य की दिशा में सशक्त बनाना है। तीन दिवसीय यह आयोजन उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे हिमालयी क्षेत्र के लिए सतत विकास और आपदा-प्रबंधन के नए मार्ग प्रशस्त करेगा

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