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रोलेक्स की चमक से सत्ता के शिखर तक: डीके शिवकुमार होंगे देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री

1,400 करोड़ से अधिक की संपत्ति, लग्जरी ब्रांड्स का शौक, एजेंसियों के राडार पर रहे और कांग्रेस के ‘संकटमोचक’ की पहचान वाले डीके शिवकुमार की कहानी सिर्फ दौलत नहीं, बल्कि सत्ता, संघर्ष और रणनीति की भी कहानी है।

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पवन लालचंद।
व्यक्ति विशेष। कर्नाटक की राजनीति में अगर किसी नेता को सत्ता का मंझा हुआ शिल्पकार कहा जाए तो वह डीके शिवकुमार हैं। कांग्रेस के संकटमोचक, संगठन के मजबूत स्तंभ और सत्ता के गलियारों के ‘चाणक्य’ माने जाने वाले शिवकुमार अब राज्य की सत्ता की सबसे बड़ी कुर्सी संभालने जा रहे हैं। लेकिन मुख्यमंत्री पद की इस यात्रा का एक दूसरा पहलू भी है। बेशुमार दौलत, आलीशान जीवनशैली और विवादों से भरा लंबा राजनीतिक सफर।

3 जून को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही 64 वर्षीय डीके शिवकुमार देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री बन जाएंगे। 2023 के चुनावी हलफनामे के मुताबिक उनके और परिवार के पास 1,413 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है, जो कि उनको देश के सभी मौजूदा मुख्यमंत्रियों से अमीर बनाती है

खेतों से निकलकर करोड़ों के साम्राज्य तक का सफर

कनकपुरा के एक कृषि परिवार में जन्मे डीके शिवकुमार ने छात्र राजनीति से अपना सार्वजनिक जीवन शुरू किया। महज 27 वर्ष की उम्र में 1989 में पहली बार विधायक बने और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। आठ बार विधायक चुने जा चुके शिवकुमार आज कांग्रेस के उन नेताओं में गिने जाते हैं जिनकी संगठन और सत्ता, दोनों पर समान पकड़ है।

राजनीतिक कद बढ़ने के साथ-साथ उनकी आर्थिक हैसियत भी बढ़ती गई। 2018 में घोषित संपत्ति जहां लगभग 840 करोड़ रुपये थी, वहीं 2023 तक यह बढ़कर 1,413 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई। बेंगलुरु, मैसूर, कनकपुरा और दिल्ली में उनकी अचल संपत्तियां हैं। विरासत में मिली कृषि भूमि, रियल एस्टेट निवेश और व्यावसायिक परिसंपत्तियां उनकी संपत्ति का बड़ा हिस्सा हैं। बेंगलुरु के गोपालपुरा इलाके में स्थित उनका मॉल भी अक्सर चर्चा में रहता है।

सादगी नहीं, वैभव उनकी पहचान

भारतीय राजनीति में जहां अधिकांश नेता सादगी का सार्वजनिक प्रदर्शन करते हैं, वहीं डीके शिवकुमार अलग दिखते हैं। महंगी रोलेक्स घड़ियां, लग्जरी एसयूवी, डिजाइनर वेशभूषा और अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों के प्रति उनका लगाव किसी से छिपा नहीं है।

गुच्ची, प्राडा और लुई विटन जैसे ब्रांड्स के परिधानों और एक्सेसरीज के साथ डीके की तस्वीरें अक्सर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनती रही हैं। समर्थक इसे उनकी सफलता का प्रतीक बताते हैं, जबकि आलोचक इसे राजनीतिक वैभव का प्रदर्शन मानते हैं।

कांग्रेस के ‘फायरफाइटर’

दरअसल, डीके शिवकुमार की असली ताकत केवल उनकी संपत्ति नहीं, बल्कि राजनीतिक संकटों को संभालने की क्षमता है। कांग्रेस नेतृत्व उन्हें संकट की घड़ी में सबसे भरोसेमंद नेताओं में गिनता है।

2017 में गुजरात राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस विधायकों को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी हो या 2018 में कर्नाटक में भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए गठबंधन की बिसात बिछाना— शिवकुमार हर बार पार्टी के रणनीतिकार के रूप में उभरे। यही कारण है कि गांधी परिवार के साथ उनके संबंध हमेशा मजबूत रहे हैं और उन्हें आलाकमान का खासमखास माना जाता है।

जांच एजेंसियों की नजर में भी रहे

शिवकुमार का राजनीतिक जीवन जितना चमकदार रहा है, उतना ही विवादों से भी घिरा रहा है। आयकर विभाग की छापेमारी, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच और सीबीआई के मामलों ने वर्षों तक उनका पीछा किया। 2019 में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तारी के बाद उन्हें करीब 50 दिन जेल में भी बिताने पड़े।

हालांकि शिवकुमार लगातार आरोपों से इनकार करते रहे हैं और कहते हैं कि उनकी सभी संपत्तियां कानूनी रूप से अर्जित एवं घोषित हैं। उनके समर्थकों का तर्क है कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा रही, जबकि विरोधी इसके उलट इसे भ्रष्टाचार का मामला मानते हैं।

अब असली परीक्षा

डीके शिवकुमार के सामने अब चुनौती केवल मुख्यमंत्री बनने की नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री के रूप में खुद को साबित करने की है। अब तक वे सत्ता के पर्दे के पीछे रणनीति बनाते रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें सीधे जनता की अपेक्षाओं और प्रशासनिक चुनौतियों का सामना करना होगा। सोशलिस्ट बैकग्राउंड वाले सिद्धारमैया के पूर्ववर्ती के रूप में आलाकमान के चहेते डीके शिवकुमार को धरातल पर खुद को साबित करना होगा।

देश के सबसे अमीर मुख्यमंत्री के तौर पर उनकी पहचान सुर्खियां जरूर बटोरती है, लेकिन इतिहास उन्हें उनकी संपत्ति से नहीं, बल्कि इस बात से याद रखेगा कि उन्होंने कर्नाटक को किस दिशा में आगे बढ़ाया। खासकर कांग्रेस नेतृत्व ने भी तीन साल बाद दांव इसलिए खेला है कि वे अगले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के लिए जीत दोहराने का काम करके दिखाएं।

डीके शिवकुमार एक नजर में

* जन्म : 15 मई 1962, कनकपुरा (कर्नाटक)
* पहली बार विधायक : 1989
* लगातार विधायक : 8 बार
* घोषित कुल संपत्ति : 1,413 करोड़ रुपये से अधिक
* घोषित कर्ज : लगभग 263 करोड़ रुपये
* पहचान : कांग्रेस के संकटमोचक और संगठन के मजबूत रणनीतिकार
* खास शौक : लग्जरी घड़ियां, प्रीमियम कारें और अंतरराष्ट्रीय फैशन ब्रांड
* राजनीतिक उपनाम : ‘डीकेशी’ और ‘कांग्रेस के फायरफाइटर’

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