
उन्होंने निर्देश दिए कि अगस्त तक नई ट्रैकिंग पॉलिसी कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत की जाए। नई पर्वत चोटियों को ट्रैकिंग के लिए खोलने, आवश्यक अनुमतियां शीघ्र पूरी करने तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से पर्यावरणीय ऑडिट जल्द पूरा कराने के निर्देश भी दिए।
साथ ही सभी ट्रैकिंग रूट, माउंटेनियरिंग साइट, वन विश्राम गृह और पर्यटन स्थलों की बुकिंग पूरी तरह ऑनलाइन करने को कहा, ताकि क्षमता से अधिक बुकिंग रोकी जा सके।
मुख्य सचिव ने जबरखेत मॉडल पर विकसित हो रही नौ इको-टूरिज्म साइटों का अक्टूबर तक लोकार्पण सुनिश्चित करने तथा प्रदेश में नेचर गाइड ट्रेनिंग सेंटर स्थापित कर प्रमाणित प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने के निर्देश भी दिए।

साइबर अपराध पर सख्ती, S4C और 1930 हेल्पलाइन होगी मजबूत
गृह विभाग और पुलिस अधिकारियों के साथ हुई बैठक में मुख्य सचिव ने प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों की समीक्षा की।
उन्होंने स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (S4C) की स्थापना की प्रक्रिया तत्काल पूरी करने और जल्द अधिसूचना जारी करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा—
* 1930 साइबर हेल्पलाइन का रिस्पॉन्स टाइम कम करने के लिए स्टाफ बढ़ाने,
* सभी साइबर पुलिस स्टेशनों को मजबूत बनाने,
* ई-जीरो एफआईआर सिस्टम को प्रभावी बनाकर सीसीटीएनएस से जोड़ने,
* साइबर कमांडो और पुलिस कर्मियों की विशेष ट्रेनिंग बढ़ाने,
* साइबर फ्रॉड पीड़ितों को धन वापसी (Money Restoration) और शिकायत निवारण प्रक्रिया की व्यापक जानकारी देने के लिए मीडिया व सोशल मीडिया के जरिए जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि समय पर शिकायत दर्ज होने से साइबर ठगी के मामलों में लोगों की रकम वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
गंगा संरक्षण पर सख्ती, सभी एसटीपी की होगी 24×7 निगरानी
राज्य गंगा समिति की 19वीं बैठक में मुख्य सचिव ने गंगा संरक्षण परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि राज्य और जिला स्तर की गंगा समितियों की बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएं।
उन्होंने पूरे प्रदेश के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की 24 घंटे निगरानी के लिए एक माह के भीतर रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने को कहा।
निर्देश दिए गए कि—
* प्रत्येक एसटीपी के इनलेट और आउटलेट पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।
* जिला एवं राज्य स्तर पर ऑनलाइन निगरानी व्यवस्था विकसित की जाए।
* प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नियमित औचक निरीक्षण करे।
* हरिद्वार, ऋषिकेश, रुड़की और देहरादून में सीवरेज नेटवर्क का विस्तार तेज किया जाए।
* उपचारित जल का सिंचाई एवं औद्योगिक उपयोग बढ़ाया जाए।
एक दिन, तीन सेक्टर… समयबद्ध लक्ष्य
सोमवार की बैठकों में मुख्य सचिव ने साफ संकेत दिया कि अब केवल योजनाएं बनाने के बजाय उनके क्रियान्वयन की समयसीमा तय होगी। चाहे इको-टूरिज्म हो, साइबर सुरक्षा हो या गंगा संरक्षण—हर विभाग को निर्धारित समय के भीतर परिणाम देने होंगे।



