

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम हेल्पलाइन 1905 पर आने वाली जन शिकायतों के निस्तारण को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि शिकायतों को केवल पोर्टल पर औपचारिक रूप से बंद करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक, समयबद्ध और संतोषजनक समाधान होना चाहिए। उन्होंने 30 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों पर विशेष ध्यान देने के साथ 180 दिनों से अधिक पुराने मामलों की विभागवार समीक्षा और जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
सोमवार को सचिवालय में सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हेल्पलाइन शासन और आमजन के बीच प्रभावी संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता को केवल आंकड़ों के आधार पर नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि के आधार पर परखा जाना चाहिए।

‘स्पेशल क्लोज’ और ‘फोर्स क्लोज’ पर धामी सख्त
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन शिकायतों को अनावश्यक रूप से ‘स्पेशल क्लोज’ या ‘फोर्स क्लोज’ न किया जाए। किसी शिकायत को बंद करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित स्तर पर समस्या के समाधान के लिए अपेक्षित कार्रवाई वास्तव में की गई है।
उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता से प्राप्त फीडबैक के आधार पर निस्तारण की गुणवत्ता का आकलन किया जाए। सीएम हेल्पलाइन में जनसामान्य से फीडबैक लेने के साथ विभिन्न विभागों और नोडल अधिकारियों द्वारा की जा रही कार्रवाई की मॉनिटरिंग की व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाए।
जिस जिले में जिस तरह की शिकायतें ज्यादा, वहां डीएम करेंगे समीक्षा
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन जनपदों में जिस प्रकृति की शिकायतें अधिक संख्या में प्राप्त हो रही हैं, वहां संबंधित जिलाधिकारी विभागवार समीक्षा करें और उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित कराएं।
उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि एक ही प्रकृति की शिकायतें बार-बार क्यों आ रही हैं, इसका विश्लेषण किया जाए। केवल शिकायत का निस्तारण करने के बजाय ऐसी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए।
तहसीलों में अचानक पहुंचेंगे जिलाधिकारी, दाखिल-खारिज की होगी जांच
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को तहसीलों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान यह विशेष रूप से देखा जाएगा कि दाखिल-खारिज से जुड़े मामलों का निस्तारण निर्धारित समयसीमा में हो रहा है या नहीं।
भूमि धोखाधड़ी से जुड़ी जन शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व संबंधी मामलों में आमजन को अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और निर्धारित सेवाएं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हों।
पेयजल को शीर्ष प्राथमिकता, 15 दिन में पाइपलाइन-सीवर का ऑडिट
मुख्यमंत्री ने स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता को शीर्ष प्राथमिकता में रखने के निर्देश दिए। पेयजल से जुड़ी शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पाइपलाइन और सीवर लाइनों का 15 दिन के भीतर ऑडिट कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। पेयजल आपूर्ति में व्यवधान, लीकेज और अन्य समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया।

30 दिन से ज्यादा लंबित शिकायतों पर विशेष निगरानी
मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों के निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाए। सचिव, विभागाध्यक्ष और जिलाधिकारी अपने-अपने स्तर पर लंबित शिकायतों की नियमित समीक्षा करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समयावधि में शिकायतों का निस्तारण नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
समीक्षा बैठक में 180 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों की विभागवार स्थिति भी प्रस्तुत की गई। मुख्यमंत्री ने ऐसे पुराने मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करने और उनके लंबित रहने के कारणों की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए।
अच्छा काम करने वालों को प्रोत्साहन, लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही
मुख्यमंत्री ने कहा कि जन शिकायतों के प्रभावी निस्तारण में अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों और कार्मिकों को प्रोत्साहित किया जाए। वहीं, शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी या लापरवाही बरतने वालों की जवाबदेही निर्धारित की जाए।
उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन का उद्देश्य सिर्फ शिकायतों की संख्या कम करना नहीं, बल्कि शासन और आमजन के बीच प्रभावी संवाद स्थापित करते हुए नागरिकों की समस्याओं का वास्तविक, समयबद्ध और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना है।
सीएम ने शिकायतकर्ताओं को खुद फोन कर जाना हाल
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कुछ शिकायतकर्ताओं से स्वयं दूरभाष पर बातचीत कर शिकायतों के निस्तारण की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली।
संजय कुमार रावत की एक शिकायत को अनुचित रूप से बंद किए जाने के मामले में मुख्यमंत्री ने उनसे फोन पर बात की। रावत ने बताया कि उनके दिवंगत पिता के उपचार से संबंधित चिकित्सा प्रतिपूर्ति के बिलों का भुगतान नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति प्रकरण में तत्काल आवश्यक कार्रवाई कर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में लोगों को अनावश्यक परेशान न किया जाए। भविष्य में इस प्रकार की शिकायत सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
पौड़ी की परित्यक्ता पेंशन से लेकर हरिद्वार की पानी की टंकी तक, CM ने लिया फीडबैक

मुख्यमंत्री ने पौड़ी गढ़वाल निवासी बेबी कोटनाला से भी फोन पर बातचीत की। उन्होंने बताया कि परित्यक्ता पेंशन से संबंधित शिकायत लंबे समय से दर्ज होने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल को तत्काल उचित कार्रवाई कर समस्या का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
हरिद्वार निवासी श्रीमती गीता ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके घर के समीप करीब तीन माह पहले पानी की टंकी बन चुकी है, लेकिन उससे अभी तक पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हुई है। मुख्यमंत्री ने मुख्य विकास अधिकारी हरिद्वार को मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण करने और तत्काल पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्ट्रीट लाइट की शिकायत सुलझी, छात्रवृत्ति में देरी पर जांच के निर्देश
देहरादून निवासी शिल्पी सक्सेना ने मुख्यमंत्री को बताया कि सीएम हेल्पलाइन पर स्ट्रीट लाइट से संबंधित शिकायत दर्ज कराने के बाद समयबद्ध तरीके से क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट लगा दी गई। उन्होंने समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
वहीं, अल्मोड़ा निवासी आयुष बिष्ट ने बताया कि छात्रवृत्ति से संबंधित उनकी शिकायत का विभाग ने समाधान कर दिया है। मुख्यमंत्री ने छात्रवृत्ति मिलने में हुई देरी के कारणों की जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ निर्धारित समय पर मिलना सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एल. फैनई, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख वन संरक्षक हॉफ कपिल लाल, सचिव, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष तथा वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त जन शिकायतों का समयबद्ध एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए : मुख्यमंत्री
जिन जनपदों में जिस प्रकृति की शिकायतें अधिक, जिलाधिकारी संबंधित विभागों के साथ समीक्षा कर कराएं शीघ्र समाधान
जिलाधिकारी तहसीलों का करें औचक निरीक्षण, दाखिल-खारिज के प्रकरणों की समयबद्धता और भूमि धोखाधड़ी से जुड़ी शिकायतों की करें समीक्षा
स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता को दें शीर्ष प्राथमिकता, पाइपलाइन एवं सीवर लाइनों का 15 दिन में ऑडिट कर प्रस्तुत करें रिपोर्ट
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जन शिकायतों का त्वरित, समयबद्ध एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन आमजन की समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम है। शिकायतों का निस्तारण केवल पोर्टल पर औपचारिक रूप से बंद करने तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन जनपदों में जिस प्रकृति की शिकायतें सबसे अधिक प्राप्त हो रही हैं, संबंधित जिलाधिकारी उन शिकायतों की विभागवार समीक्षा कर उनका यथाशीघ्र समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि एक ही प्रकृति की शिकायतें बार-बार आने के कारणों का भी विश्लेषण किया जाए और ऐसी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कार्यवाही की जाए।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को तहसीलों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान यह विशेष रूप से देखा जाए कि दाखिल-खारिज से संबंधित प्रकरणों का निस्तारण निर्धारित समयसीमा के भीतर हो रहा है या नहीं। भूमि धोखाधड़ी से संबंधित जन समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व संबंधी मामलों में आमजन को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और निर्धारित सेवाएं उन्हें समयबद्ध रूप से उपलब्ध हों।
मुख्यमंत्री ने स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता को शीर्ष प्राथमिकता में रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल से संबंधित शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को पाइपलाइन एवं सीवर लाइनों का 15 दिन के भीतर ऑडिट कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। पेयजल आपूर्ति में व्यवधान, लीकेज और अन्य समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों के निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जाए। सचिव, विभागाध्यक्ष और जिलाधिकारी अपने स्तर पर नियमित रूप से लंबित शिकायतों की समीक्षा करें। जिन शिकायतों का निर्धारित समयावधि के भीतर निस्तारण नहीं किया जा रहा है, उनमें संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
मुख्यमंत्री ने लंबे समय से लंबित शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। बैठक में 180 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों की विभागवार स्थिति भी प्रस्तुत की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के पुराने प्रकरणों की विभागीय स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग की जाए और उनके लंबित रहने के कारणों की भी समीक्षा की जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों को अनावश्यक रूप से ‘स्पेशल क्लोज’ अथवा ‘फोर्स क्लोज’ न किया जाए। शिकायतों के निस्तारण में शिकायतकर्ता की संतुष्टि को विशेष महत्व दिया जाए। उन्होंने कहा कि किसी शिकायत को बंद करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित स्तर पर समस्या के समाधान के लिए अपेक्षित कार्रवाई की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों पर फीडबैक की व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाए। शिकायतकर्ता से प्राप्त फीडबैक के आधार पर निस्तारण की गुणवत्ता का आकलन किया जाए। पोर्टल पर जनसामान्य से फीडबैक तथा विभिन्न विभागों और नोडल अधिकारियों द्वारा की जा रही कार्रवाई की मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जन शिकायतों के प्रभावी निस्तारण में अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों और कार्मिकों को प्रोत्साहित किया जाए। वहीं शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही निर्धारित की जाए। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन का मूल उद्देश्य शासन और आमजन के बीच प्रभावी संवाद स्थापित करते हुए नागरिकों की समस्याओं का वास्तविक, समयबद्ध और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान शिकायतकर्ताओं से दूरभाष पर वार्ता कर उनकी समस्याओं और शिकायतों के निस्तारण की वास्तविक स्थिति की भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अनुचित रूप से बंद की गई एक शिकायत के संबंध में संजय कुमार रावत से दूरभाष पर वार्ता की। श्री रावत ने बताया कि उनके दिवंगत पिता के उपचार से संबंधित चिकित्सा प्रतिपूर्ति के बिलों का भुगतान नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लंबित प्रकरण में तत्काल आवश्यक कार्रवाई कर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में लोगों को अनावश्यक परेशान न किया जाए। भविष्य में इस प्रकार की शिकायत सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने पौड़ी गढ़वाल निवासी बेबी कोटनाला से दूरभाष पर वार्ता कर परित्यक्ता पेंशन से संबंधित समस्या की जानकारी ली। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि लंबे समय से शिकायत दर्ज होने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल को प्रकरण में तत्काल उचित कार्रवाई करते हुए समस्या का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने हरिद्वार निवासी श्रीमती गीता से भी दूरभाष पर वार्ता की। उन्होंने बताया कि उनके घर के समीप लगभग तीन माह पूर्व पानी की टंकी बन चुकी है, लेकिन उससे पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हुई है। मुख्यमंत्री ने मुख्य विकास अधिकारी हरिद्वार को मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण करने और तत्काल पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने देहरादून निवासी शिल्पी सक्सेना से दूरभाष पर वार्ता की। उन्होंने बताया कि सीएम हेल्पलाइन पर स्ट्रीट लाइट से संबंधित शिकायत दर्ज कराने के बाद समयबद्ध रूप से क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट लगा दी गई। उन्होंने समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। वहीं, अल्मोड़ा निवासी आयुष बिष्ट ने मुख्यमंत्री को बताया कि छात्रवृत्ति से संबंधित उनकी शिकायत का विभाग द्वारा समाधान कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने छात्रवृत्ति मिलने में हुई देरी के कारणों की जांच करने के निर्देश देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ निर्धारित समय पर मिलना सुनिश्चित किया जाए।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, एल. फैनई, डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव शैलेश बगोली, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख वन संरक्षक हॉफ कपिल लाल, सचिवगण, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी उपस्थित थे।



