News Buzzन्यूज़ 360

Dhami Cabinet Decisions: हाईकोर्ट से गंगा एक्सप्रेसवे तक, उत्तराखंड कैबिनेट के बड़े फैसले Click

Dhami Cabinet के बड़े फैसले: हल्द्वानी HC के लिए 30 हेक्टेयर जमीन, पशुपालकों को सब्सिडी, मजदूरों के लिए नए नियम लागू

Share now
कैबिनेट बैठक
  • उत्तराखंड कैबिनेट के बड़े फैसले: हाईकोर्ट, गंगा एक्सप्रेसवे, पशुपालकों और श्रमिकों को बड़ी सौगात

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में जनकल्याण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगार, शिक्षा, न्यायिक आधारभूत ढांचे, श्रमिक हित, पर्यटन, पेयजल और औद्योगिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। बैठक के बाद महानिदेशक सूचना एवं अपर सचिव (मुख्यमंत्री) बंशीधर तिवारी ने प्रेस ब्रीफिंग में निर्णयों की जानकारी दी।

महानिदेशक सूचना एवं अपर सचिव (मुख्यमंत्री) बंशीधर तिवारी

सबसे बड़ा फैसला हल्द्वानी में हाईकोर्ट कॉम्प्लेक्स के निर्माण को लेकर हुआ। कैबिनेट ने लामाचौड़ क्षेत्र में उपलब्ध 73 हेक्टेयर वन भूमि में से आवश्यकता के अनुसार करीब 30 हेक्टेयर भूमि उच्च न्यायालय परिसर के निर्माण के लिए हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

अब सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी मिलेगा अनुदान

कैबिनेट ने राज्य सेक्टर की गौ पालन योजना का दायरा बढ़ाते हुए सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी योजना से जोड़ने का निर्णय लिया। अब लाभार्थी गाय के साथ-साथ भैंस खरीदने का विकल्प भी चुन सकेंगे।

पशु की यूनिट कॉस्ट 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दी गई है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लाभार्थियों को 90 प्रतिशत तथा सामान्य वर्ग के पशुपालकों को 60 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी। इससे पहले वर्ष में लगभग 2128 पशुपालकों को लाभ मिलने का अनुमान है। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, स्वरोजगार बढ़ेगा और पलायन रोकने में मदद मिलेगी।

श्रमिकों के लिए नई मजदूरी संहिता लागू

कैबिनेट ने मजदूरी संहिता, 2019 के तहत उत्तराखण्ड मजदूरी संहिता नियमावली-2026 को मंजूरी दी। इसके तहत न्यूनतम मजदूरी, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान, प्रत्येक माह की सात तारीख तक वेतन, डिजिटल भुगतान तथा समान कार्य के लिए महिला और पुरुष को समान वेतन जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान लागू किए जाएंगे।

SC-ST छात्रावासों के लिए नई नियमावली

समाज कल्याण विभाग के अधीन संचालित अनुसूचित जाति एवं जनजाति छात्रावासों के लिए संचालन नियमावली-2026 लागू होगी। इससे मेधावी छात्र-छात्राओं को बेहतर आवास, भोजन और शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

ईको टूरिज्म को मिलेगा नया प्रोत्साहन

टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) की संरचना में संशोधन किया गया है। समिति में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल कर पर्यावरण संरक्षण, जड़ी-बूटी प्रबंधन, कूड़ा नियंत्रण और स्थानीय समुदायों के बेहतर समन्वय पर जोर दिया जाएगा।

GST कानून में होगा संशोधन

केंद्र सरकार के संशोधनों के अनुरूप उत्तराखण्ड माल एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 में संशोधन के लिए अध्यादेश लाने को मंजूरी दी गई, ताकि राज्य की कर व्यवस्था राष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप अद्यतन रह सके।

राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के लिए 122 पदों को मंजूरी

गौलापार (हल्द्वानी) स्थित उत्तराखण्ड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के संचालन के लिए 122 नियमित पदों के साथ आवश्यक तकनीकी एवं सहायक पदों की भी स्वीकृति दी गई। सरकार का कहना है कि इससे खिलाड़ियों को आधुनिक खेल सुविधाएं और बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध होगा।

बंगाली अनुसूचित जाति सहायता समिति में बदलाव

दिनेशपुर और शक्तिफार्म क्षेत्र के बंगाली मूल के अनुसूचित जाति समुदाय के हितों को ध्यान में रखते हुए सहायता कोष संचालन समिति में उपाध्यक्ष और सदस्य पदों पर उसी समुदाय से नामांकन का निर्णय लिया गया।

सहकारी समितियों से हटेगा भेदभावपूर्ण प्रावधान

सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में उत्तराखण्ड सहकारी समिति नियमावली, 2004 में संशोधन कर कुष्ठ रोग से जुड़े भेदभावपूर्ण प्रावधान हटाए जाएंगे। उनकी जगह न्यायालय द्वारा घोषित मानसिक अक्षमता संबंधी प्रावधान शामिल किया जाएगा।

जल जीवन मिशन के लिए नया प्रोटोकॉल

ग्रामीण पेयजल योजनाओं की कमीशनिंग तथा ग्राम पंचायतों और ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को हस्तांतरण के लिए केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल को राज्य में लागू किया जाएगा।वन विकास निगम में भर्ती होगी अधिक पारदर्शी

उत्तराखण्ड वन विकास निगम सेवा (संशोधन) विनियमावली-2026 के तहत स्केलर पदों पर भर्ती के लिए 100 अंकों की लिखित परीक्षा का प्रावधान किया गया है। इससे भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने का दावा किया गया है।

हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे विस्तार का रास्ता साफ

उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड सरकार के बीच मेरठ से हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) किए जाने को मंजूरी दी गई। सरकार के अनुसार इससे धार्मिक पर्यटन, औद्योगिक निवेश, व्यापार और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

औद्योगिक संबंध नियमावली-2026 को मंजूरी

कैबिनेट ने औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 के तहत उत्तराखण्ड औद्योगिक संबंध नियमावली-2026 को भी मंजूरी दी। इसमें औद्योगिक विवादों के समयबद्ध समाधान, ट्रेड यूनियनों की मान्यता, शिकायत निवारण समितियों का गठन, हड़ताल और तालाबंदी की स्पष्ट प्रक्रिया तथा श्रमिक री-स्किलिंग फंड जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं।

सरकार का कहना है कि इन फैसलों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती, पशुपालकों की आय में वृद्धि, श्रमिकों के अधिकारों का संरक्षण, विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं, खेल एवं न्यायिक आधारभूत ढांचे का विस्तार, ईको टूरिज्म को बढ़ावा, पेयजल प्रबंधन में सुधार तथा औद्योगिक और अवसंरचनात्मक विकास को नई दिशा मिलेगी।

 

उत्तराखंड कैबिनेट ने गौ पालन सब्सिडी, मजदूरी संहिता-2026, गंगा एक्सप्रेसवे विस्तार, क्रीड़ा विश्वविद्यालय में 122 पद, हाईकोर्ट कॉम्प्लेक्स और कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी।

Show More

The News Adda

The News अड्डा एक प्रयास है बिना किसी पूर्वाग्रह के बेबाक़ी से ख़बर को ख़बर की तरह कहने का आख़िर खबर जब किसी के लिये अचार और किसी के सामने लाचार बनती दिखे तब कोई तो अड्डा हो जहां से ख़बर का सही रास्ता भी दिखे और विमर्श का मज़बूत मंच भी मिले. आख़िर ख़बर ही जीवन है.

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!