
- Kumbh 2027: हरिद्वार में मुख्य सचिव का ग्राउंड चेक, करोड़ों की परियोजनाओं पर सख्ती

हरिद्वार। कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को लेकर सरकार ने अब निर्माण कार्यों की रफ्तार और गुणवत्ता पर निगरानी तेज कर दी है। गुरुवार को मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन ने हरिद्वार में एक के बाद एक कई निर्माण स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर परियोजनाओं की प्रगति, तकनीकी गुणवत्ता और निर्धारित समयसीमा का जायजा लिया। खास बात यह रही कि मुख्य सचिव अधिकारियों के साथ अरबेनिया वाहन में सवार होकर रोड़ी-बेलवाला से रोशनाबाद, कनखल, दक्षद्वीप, बैरागी कैंप और सीसीआर टावर तक निर्माण स्थलों पर पहुंचे और मौके पर ही व्यवस्थाओं को परखा।

मुख्य सचिव ने साफ किया कि कुंभ से जुड़े निर्माण कार्यों में न समयसीमा से समझौता होगा और न गुणवत्ता से। उन्होंने धीमी गति से चल रही परियोजनाओं की पहचान कर उनकी बाधाओं को तत्काल दूर करने और विभागों व कार्यदायी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय के साथ काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।

करोड़ों की परियोजनाओं का लिया जायजा
रोड़ी-बेलवाला में मुख्य सचिव ने उत्तराखंड निवेश एवं अवस्थापना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) की प्रशासनिक मार्ग परियोजना और रोड़ी-बेलवाला व हरकी पैड़ी क्षेत्र की पुनर्विकास परियोजनाओं का निरीक्षण किया। इन कार्यों के लिए शासन ने बड़ी धनराशि स्वीकृत की है। प्रशासनिक मार्ग परियोजना के लिए ₹4325.14 लाख और हरकी पैड़ी रिवाइटलाइजेशन के लिए ₹6677.21 लाख स्वीकृत हैं।
मुख्य सचिव ने इन परियोजनाओं को श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के अनुरूप उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने एक अहम बिंदु पर अभी से तैयारी करने को कहा—परियोजनाओं से तैयार परिसंपत्तियों के पांच वर्ष की अनुबंध अवधि पूरी होने के बाद स्थायी रखरखाव की जिम्मेदारी किस विभाग या निकाय की होगी, इसकी व्यवस्था पहले से तय की जाए।
उन्होंने मेलाधिकारी को संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों के साथ इस व्यवस्था का औपचारिक प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए।
घाटों से लेकर फुटपाथ तक ‘सेफ्टी फोकस’
हाथीपुल से अलकनंदा के बीच घाटों के पुनर्निर्माण और सुधार कार्यों का भी मुख्य सचिव ने जायजा लिया। उन्होंने घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मजबूत रेलिंग और चेन की व्यवस्था तथा पैदल आवागमन को सुगम बनाने पर जोर दिया।
ऋषिकुल क्षेत्र में ओल्ड दिल्ली-नीतिपास मार्ग के नवीनीकरण कार्य का निरीक्षण करते हुए उन्होंने यातायात और स्थानीय आवागमन को ध्यान में रखकर निर्माण के दौरान आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सड़क किनारे फुटपाथ और अन्य उपयुक्त स्थानों पर पौधरोपण कर हरियाली विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
दूधाधारी चौक से ज्वालापुर सहित लोक निर्माण विभाग के अधीन शहर की आंतरिक सड़कों के नवीनीकरण के लिए ₹2164.49 लाख स्वीकृत हैं।
इसके बाद शिवमूर्ति चौक, शंकर आश्रम चौक और भगत सिंह चौक से विल्केश्वर तक चौराहों के सुधार तथा पैडेस्ट्रीयन फुटपाथ कार्यों का निरीक्षण किया गया। ₹683.60 लाख की लागत वाले इस कार्य में पैदल यात्रियों की सुरक्षा और यातायात संचालन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
रोशनाबाद में ड्रग वेयरहाउस, बैरागी कैंप में पुल
रोशनाबाद में मुख्य सचिव ने ₹251.98 लाख की लागत से निर्माणाधीन ड्रग वेयरहाउस का निरीक्षण किया और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी इस परियोजना को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
इसके बाद दक्षद्वीप स्थित बैरागी क्षेत्र में निर्माणाधीन 60 मीटर स्पान पुल का निरीक्षण किया गया। इस परियोजना के लिए ₹1246.09 लाख स्वीकृत हैं। मुख्य सचिव ने पुल की प्रगति और तकनीकी पहलुओं की जानकारी लेते हुए गुणवत्ता के साथ समयसीमा में काम पूरा करने को कहा।
सीसीआर-2 पर भी बढ़ी निगरानी
मुख्य सचिव ने सीसीआर-2 भवन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कुंभ शुरू होने से पहले भवन को तैयार करने के लिए काम में तेजी लाने और जरूरत पड़ने पर दिन-रात काम कराने के निर्देश दिए। भवन निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने को भी कहा गया।

थर्ड पार्टी क्वालिटी टेस्ट पर मुख्य सचिव की नजर
डाम कोठी में हुई बैठक में निर्माण कार्यों के साथ कुंभ की दूसरी तैयारियों की विभागवार समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कार्यदायी संस्थाओं को पर्याप्त मानव संसाधन और मशीनरी उपलब्ध कराकर काम की गति बढ़ाने को कहा।
निर्माण कार्यों की थर्ड पार्टी गुणवत्ता जांच के लिए नियुक्त टीयूवी एसयूडी साउथ एशिया प्रा. लि., क्वालिटी ऑस्ट्रिया सेंट्रल एशिया प्रा. लि. और ब्यूरो वेरिटास (इंडिया) प्रा. लि. के टीम लीडर्स से भी गुणवत्ता जांच की प्रगति की जानकारी ली गई।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि गुणवत्ता जांच लगातार और सख्ती से हो। किसी भी स्तर पर कमी सामने आने पर उसे तत्काल दूर कराया जाए।
पार्किंग, डायवर्जन और भीड़ प्रबंधन भी एजेंडे में
कुंभ की तैयारियों में सिर्फ निर्माण ही नहीं, बल्कि भीड़ और यातायात प्रबंधन को भी अहम माना जा रहा है। मुख्य सचिव ने एनएच परियोजनाओं के चलते प्रभावित होने वाले पार्किंग स्थलों और डायवर्जन मार्गों तक पहुंच के लिए वैकल्पिक मार्ग एवं पुलों की योजनाओं की जानकारी ली।
उन्होंने संभावित भीड़ की अलग-अलग परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रभावी और ठोस क्राउड मैनेजमेंट प्लान तैयार करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना है। इसलिए सड़क, पुल, पैदल मार्ग, पेयजल, स्वास्थ्य, पार्किंग और प्रशासनिक सुविधाओं से जुड़े सभी काम समय पर पूरे होने चाहिए। निर्माण के दौरान स्थानीय लोगों की सुविधा, यातायात और सुरक्षा मानकों का भी पूरा ध्यान रखा जाए।

मेलाधिकारी बोलीं- सभी काम टाइमलाइन के अनुसार
मेलाधिकारी सोनिका ने मुख्य सचिव को निर्माण कार्यों और अन्य तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि सभी कार्य निर्धारित टाइमलाइन के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं और उनकी प्रगति व गुणवत्ता की बहुस्तरीय निगरानी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि कुंभ क्षेत्र के पुलों का सुरक्षा ऑडिट संबंधित विभागों द्वारा कराया जा चुका है। साथ ही आईआईटी रुड़की से भी पुलों की जांच कराने का आग्रह किया गया है।
सीसीआर-2 भवन की गुणवत्ता जांच के लिए नियुक्त एजेंसी के अतिरिक्त केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान से भी गुणवत्ता जांच कराने का निर्णय लिया गया है।
डीपीएस रानीपुर में साहित्य और तकनीक पर मुख्य सचिव का संदेश

हरिद्वार दौरे के दौरान मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन डीपीएस रानीपुर के 50 वर्ष पूरे होने पर आयोजित ‘स्वर्ण अक्षर-2026’ कार्यक्रम में भी शामिल हुए।
उन्होंने तकनीकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में साहित्य की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए छात्रों से पाठ्यक्रम से आगे पढ़ने और लगातार सीखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आधुनिकता को अपनाने के साथ अपनी संस्कृति, परंपराओं और जड़ों से जुड़े रहना भी जरूरी है।
उन्होंने छात्रों से खुद से तीन सवाल पूछने की सीख दी— मैंने क्या सीखा, मैंने क्या योगदान दिया और मैंने किसकी मदद की।
कार्यक्रम में विद्यालय की 50 वर्षों की यात्रा पर आधारित शॉर्ट फिल्म दिखाई गई और छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक एवं शास्त्रीय प्रस्तुतियां दीं।




