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धामी कैबिनेट के 10 बड़े फैसले: MBBS इंटर्न का स्टाइपेंड ₹25 हजार, खिलाड़ियों के लिए 243 पद; मसूरी रोपवे और ESI अस्पताल पर भी बड़ा फैसला

कैबिनेट ने कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESI) चिकित्सालय, हरिद्वार के समीप चिन्हित 15 एकड़ भूमि को ESI के निर्माण के लिए आवंटित करने का निर्णय लिया है। इससे हरिद्वार क्षेत्र में कर्मचारी राज्य बीमा व्यवस्था के तहत स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार का रास्ता साफ होगा।

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  • धामी कैबिनेट के 10 बड़े फैसले: MBBS इंटर्न का स्टाइपेंड ₹25 हजार, खिलाड़ियों के लिए 243 पदों पर नियुक्ति का रास्ता साफ

Dhami Cabinet big decisions। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में चिकित्सा शिक्षा, खेल, शिक्षा, न्यायिक व्यवस्था, ऊर्जा, पर्यटन और औद्योगिक नियमन से जुड़े 10 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक के फैसलों में मेडिकल कॉलेजों के MBBS इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ाने से लेकर पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए सरकारी सेवायोजन, शासकीय अधिवक्ताओं की फीस के पुनर्निर्धारण और मसूरी रोपवे परियोजना से जुड़े भूमि प्रबंधन तक कई महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं।

मुख्यमंत्री के अपर सचिव और सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद फैसलों की जानकारी साझा की। 

 

सबसे अहम फैसलों में राज्य के पांच राजकीय मेडिकल कॉलेजों में MBBS इंटर्न का मासिक स्टाइपेंड ₹17 हजार से बढ़ाकर न्यूनतम ₹25 हजार करना है। वहीं खेल नीति के तहत अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के पदक विजेता खिलाड़ियों को विभिन्न विभागों में कुल 243 पदों पर आउट ऑफ टर्न सेवायोजन देने को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा विभाग में अपर सहायक अध्यापक व्यायाम के 33 पद भी सृजित किए जाएंगे।

MBBS इंटर्न का स्टाइपेंड ₹17 हजार से बढ़कर ₹25 हजार

कैबिनेट ने राज्य के पांच राजकीय मेडिकल कॉलेजों जिनमें श्रीनगर, हल्द्वानी, देहरादून, हरिद्वार और अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज शामिल हैं, में MBBS इंटर्न को दिए जाने वाले स्टाइपेंड में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है।

वर्तमान में MBBS इंटर्न को ₹17,000 प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जा रहा था, जिसे बढ़ाकर न्यूनतम ₹25,000 प्रतिमाह किए जाने को कैबिनेट ने मंजूरी दी। यह फैसला ऐसे समय आया है जब प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों के करीब 600 MBBS इंटर्न हाल ही में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन और कार्य बहिष्कार पर चले गए थे। उनकी मांग ₹30 हजार प्रतिमाह किए जाने की थी।

राज्य सरकार का कहना है कि दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए चिकित्सा मानव संसाधन को मजबूत करना उसकी प्राथमिकता है।

दरअसल, कैबिनेट का यह फैसला सिर्फ स्टाइपेंड बढ़ोतरी नहीं, बल्कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रशिक्षण ले रहे डॉक्टरों को राहत देने और चिकित्सा व्यवस्था के मानव संसाधन को मजबूत करने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए 243 पदों पर नियुक्ति का रास्ता साफ

खेल प्रतिभाओं को सरकारी सेवा में अवसर देने के लिए कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। खेल नीति, 2021 के तहत अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को उत्तराखंड में राजपत्रित और अराजपत्रित पदों पर आउट ऑफ टर्न सेवायोजन दिए जाने का प्रावधान है।

कैबिनेट ने खेल विभाग, युवा कल्याण विभाग, गृह विभाग, परिवहन विभाग, शिक्षा विभाग और वन विभाग के अंतर्गत कुल 243 पदों पर नियुक्ति प्रदान किए जाने को मंजूरी दी है। सरकार पहले भी पदक विजेता खिलाड़ियों को तय समय के भीतर सरकारी सेवाओं में समायोजित करने पर जोर देती रही है।

खेल विभाग में 33 पद और सृजित होंगे

इसी कड़ी में माध्यमिक शिक्षा विभाग में अपर सहायक अध्यापक व्यायाम, लेवल-6 के 33 पद सृजित किए जाएंगे। इसके लिए सहायक अध्यापक व्यायाम के लेवल-7 के कुल 1898 सृजित पदों में से 33 पद समर्पित किए जाएंगे। इन पदों का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय/राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को निर्धारित प्रावधानों के तहत आउट ऑफ टर्न सेवायोजन देने के लिए किया जाएगा।

सरकारी अधिवक्ताओं की फीस बढ़ेगी

धामी कैबिनेट ने उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय और अधीनस्थ न्यायालयों में आबद्ध शासकीय अधिवक्ताओं को भुगतान किए जाने वाले शुल्क की दरों के पुनर्निर्धारण को भी मंजूरी दी है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित सात सदस्यीय समीक्षा समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार सरकारी अधिवक्ताओं की फीस बढ़ाने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने स्वीकृति प्रदान की।इसका दायरा सुप्रीम कोर्ट, नई दिल्ली; हाईकोर्ट, नैनीताल और उत्तराखंड राज्य के अधीनस्थ कार्यालयों में आबद्ध शासकीय अधिवक्ताओं तक रहेगा।

विद्युत आयोग की 2024-25 की रिपोर्ट विधानसभा में रखी जाएगी

ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा विभाग के तहत विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 105 के प्रावधानों के अनुपालन में उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग की वर्ष 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट आगामी विधानसभा सत्र में सदन के पटल पर रखे जाने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।

इसी तरह विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 104(4) के तहत आयोग के वर्ष 2024-25 के वार्षिक लेखा विवरण को भी आगामी विधानसभा सत्र में विधानसभा के पटल पर रखे जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

 कारागार विभाग में अपर महानिरीक्षक का नया पद

कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग की संरचना में सुधारात्मक विंग के लिए अपर महानिरीक्षक कारागार का एक नवसृजित पद संवर्गीय ढांचे में शामिल किया जाएगा। इसके लिए उत्तराखंड कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग समूह ‘क’ एवं ‘ख’ सेवा नियमावली, 2026 में संशोधन के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी है।

सरकार के अनुसार संशोधन विभागीय एवं कर्मचारी हित में किया जा रहा है।

 Ease of Doing Business: लाइसेंसिंग प्रक्रिया होगी सरल

कैबिनेट ने उत्तराखंड विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) (संशोधन) नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को भी मंजूरी दी। केंद्र सरकार के Ease of Doing Business Compliance Reduction और Trust Based Regulatory Framework के तहत चल रहे Deregulation Phase-11 सुधार कार्यक्रम के अंतर्गत यह बदलाव किया जा रहा है।

केंद्र सरकार द्वारा संबंधित प्रावधानों में संशोधन को 1 मई 2026 से पूरे देश में लागू किया गया है। इसके तहत Legal Metrology Act, 2009 के अंतर्गत वजन और माप से संबंधित लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सरल बनाने के उद्देश्य से राज्य की 2012 की नियमावली में संशोधन किया जाएगा।

सरकार के अनुसार यह बदलाव Deregulation Priority Area (PA-8) – Ease Licensing for Weights & Measures under Legal Metrology Act, 2009 के अनुरूप है।

 मसूरी रोपवे: गढ़वाल सभा को 972 वर्गमीटर जमीन लीज पर

देहरादून के पुरुकुल गांव से मसूरी लाइब्रेरी चौक तक प्रस्तावित रोपवे परियोजना से जुड़ा एक महत्वपूर्ण भूमि प्रस्ताव भी कैबिनेट में मंजूर हुआ।

परियोजना के अपर टर्मिनल प्वाइंट और पार्किंग निर्माण के लिए पर्यटन विभाग को प्राप्त भूमि पर पहले गढ़वाल सभा मसूरी को लीज पर दी गई भूमि के बराबर 972 वर्गमीटर भूमि मसूरी स्थित गढ़वाल मंडल विकास निगम की पार्किंग के लिए क्रय की गई भूमि में से गढ़वाल सभा को लीज पर दिए जाने की अनुमति दी गई है।

यह फैसला मसूरी रोपवे परियोजना से जुड़े भूमि प्रबंधन और स्थानीय संस्थाओं की भूमि व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

हरिद्वार में ESI अस्पताल के लिए 15 एकड़ जमीन

कैबिनेट ने कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESI) चिकित्सालय, हरिद्वार के समीप चिन्हित 15 एकड़ भूमि को ESI के निर्माण के लिए आवंटित करने का निर्णय लिया है। इससे हरिद्वार क्षेत्र में कर्मचारी राज्य बीमा व्यवस्था के तहत स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार का रास्ता साफ होगा।

कैबिनेट के 10 फैसले एक नजर में

| फैसला | क्या हुआ |
| — | ———————————- |
| 1 | विद्युत नियामक आयोग की 2024-25 वार्षिक रिपोर्ट विधानसभा में रखी जाएगी |
| 2 | आयोग का 2024-25 वार्षिक लेखा विवरण विधानसभा में रखा जाएगा |
| 3 | कारागार विभाग में अपर महानिरीक्षक का एक नया पद, सेवा नियमावली में संशोधन |
| 4 | सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और अधीनस्थ न्यायालयों के सरकारी अधिवक्ताओं की फीस पुनर्निर्धारित |
| 5 | विधिक माप विज्ञान नियमावली में संशोधन, लाइसेंसिंग प्रक्रिया सरल |
| 6 | MBBS इंटर्न का स्टाइपेंड ₹17,000 से बढ़कर न्यूनतम ₹25,000 |
| 7 | माध्यमिक शिक्षा में अपर सहायक अध्यापक व्यायाम के 33 पद सृजित |
| 8 | पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए विभिन्न विभागों में 243 पदों पर आउट ऑफ टर्न सेवायोजन |
| 9 | मसूरी रोपवे के लिए 972 वर्गमीटर भूमि गढ़वाल सभा को लीज पर |
| 10 | हरिद्वार में ESI अस्पताल के लिए 15 एकड़ भूमि आवंटित |

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