
- विज्ञान वाणी 88.8 MHz की मुहिम को मिली बड़ी सराहना, PSA अजय सूद बोले- उत्तराखंड की वैज्ञानिक ताकत को ‘Whole of State’ मॉडल से जोड़ें
- उत्तराखंड में विज्ञान, रिसर्च और AI का नया कनेक्शन! अजय सूद से लेकर IIT रुड़की निदेशक तक ने यूकॉस्ट की पहल को सराहा

देहरादून: उत्तराखंड में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, अनुसंधान, नवाचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को आमजन से जोड़ने की दिशा में नए सिरे से जोर दिया जा रहा है। भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद, अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. शिवकुमार कल्याणरमन, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत और हैस्को के संस्थापक पद्मभूषण प्रो. अनिल प्रकाश जोशी ने उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) का भ्रमण किया।
इस दौरान अतिथियों ने यूकॉस्ट की विज्ञान संचार की अभिनव पहल ‘विज्ञान वाणी 88.8 MHz’ की सराहना की। उन्होंने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़ी जानकारी को सरल माध्यमों से आमजन तक पहुंचाने के प्रयासों के लिए यूकॉस्ट को बधाई दी।
‘Whole of State’ अप्रोच से विज्ञान को आमजन से जोड़ने पर जोर
प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद ने विज्ञान वाणी 88.8 MHz की पहल की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड अनेक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक एवं अनुसंधान संस्थानों की मौजूदगी के कारण वैज्ञानिक दृष्टि से समृद्ध राज्य है।
उन्होंने कहा कि राज्य में मौजूद विभिन्न वैज्ञानिक एवं अनुसंधान संस्थानों की विशेषज्ञता और उपलब्धियों को एक साथ जोड़कर ‘Whole of State’ दृष्टिकोण के साथ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के लाभों को आमजन तक पहुंचाया जा सकता है।
प्रो. सूद ने ‘Whole of Nation’ दृष्टिकोण के माध्यम से देशभर में हो रहे वैज्ञानिक कार्यों और तकनीकी हस्तक्षेपों को भी समाज से जोड़ने पर जोर दिया।
ANRF की भूमिका और ‘सरल AI’ पहल की जानकारी
अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. शिवकुमार कल्याणरमन ने देश में अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने में ANRF की भूमिका और विभिन्न पहलों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि ANRF के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से देशभर में हो रहे शोध एवं वैज्ञानिक गतिविधियों से संबंधित जानकारी साझा की जा रही है।
डॉ. कल्याणरमन ने ‘सरल AI’ पहल का भी उल्लेख किया। इसके माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर अनुसंधान को अधिक सरल और सुगम बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
‘Vocal for Local’ से ग्लोबल इनोवेशन तक
IIT रुड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत ने ‘Vocal for Local’ की भावना को आगे बढ़ाते हुए स्थानीय स्तर पर विकसित ज्ञान, तकनीक और नवाचारों को वैश्विक स्तर तक ले जाने पर जोर दिया। उन्होंने यूकॉस्ट और IIT रुड़की के बीच किए जा रहे विभिन्न सहयोगात्मक कार्यों का उल्लेख करते हुए युवाओं को स्टार्टअप और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
प्रो. पंत ने कहा कि IIT रुड़की नवाचार एवं स्टार्टअप के क्षेत्र में युवाओं को तकनीकी मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान कर सकता है। उन्होंने यूकॉस्ट की विज्ञान वाणी पहल की भी सराहना की।
यूकॉस्ट ने गिनाईं उपलब्धियां और भविष्य की योजनाएं
यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने सभी अतिथियों को यूकॉस्ट की उपलब्धियों एवं योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विज्ञान संचार, अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक उपलब्धियों को सरल एवं प्रभावी माध्यमों से समाज तक पहुंचाने के महत्व को रेखांकित किया।
हिमालयन गैलरी का भी किया अवलोकन
भ्रमण के दौरान सभी अतिथियों ने विज्ञान केंद्र का भी अवलोकन किया। उन्होंने विज्ञान केंद्र में स्थापित हिमालयन गैलरी का विशेष भ्रमण किया और यूकॉस्ट के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की।
इस दौरान विज्ञान संचार, अनुसंधान, नवाचार, AI, स्टार्टअप और स्थानीय तकनीकी क्षमताओं को समाज और युवाओं से जोड़ने की जरूरत पर विशेष जोर रहा।




