
- MDDA Mascot Design Competition 2026: स्नेहा भण्डारी प्रथम, अनुराग रमोला द्वितीय और अंकिता बिष्ट तृतीय

देहरादून, 30 सितंबर 2026। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की नई पहचान को अब रचनात्मक उड़ान मिली है। मैस्कॉट डिज़ाइन एवं स्लोगन प्रतियोगिता-2026 के विजेताओं को बुधवार को एमडीडीए कार्यालय में आयोजित समारोह में सम्मानित किया गया। मैस्कॉट प्रतियोगिता में स्नेहा भण्डारी ने प्रथम, अनुराग रमोला ने द्वितीय और अंकिता बिष्ट ने तृतीय स्थान हासिल किया। वहीं स्लोगन प्रतियोगिता में अंकित सिंह रावत प्रथम रहे।
कार्यक्रम में एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। संयुक्त सचिव गौरव चटवाल, वित्त नियंत्रक संजीव कुमार सहित प्राधिकरण के अधिकारी-कर्मचारी और प्रतियोगिता के प्रतिभागी मौजूद रहे। विजेताओं को पुरस्कार राशि और प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर उनकी प्रतिभा को सम्मान दिया गया।
स्नेहा भण्डारी को 50 हजार, अनुराग रमोला को 30 हजार और अंकिता बिष्ट को 15 हजार
मैस्कॉट प्रतियोगिता में स्नेहा भण्डारी ने प्रथम स्थान हासिल किया। उन्हें 50 हजार रुपये और प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया।
अनुराग रमोला को द्वितीय पुरस्कार के रूप में 30 हजार रुपये, जबकि अंकिता बिष्ट को तृतीय पुरस्कार के रूप में 15 हजार रुपये प्रदान किए गए।
स्लोगन प्रतियोगिता में अंकित सिंह रावत को प्रथम पुरस्कार मिला। उन्हें 10 हजार रुपये और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
पहली बार जनता की रचनात्मकता से जुड़ी MDDA की पहचान
किसी संस्था की पहचान सिर्फ उसके भवन, योजनाओं और कामकाज से नहीं बनती, उसके पीछे लोगों की सोच और जुड़ाव भी मायने रखता है। इसी सोच को जमीन पर उतारते हुए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने पहली बार अपनी पहचान को जनता की रचनात्मकता से जोड़ने की पहल की।
एमडीडीए की ओर से 3 अगस्त से 16 अगस्त तक आयोजित प्रतियोगिता का उद्देश्य महज एक प्रतीक या स्लोगन चुनना नहीं था, बल्कि प्राधिकरण की सोच और भविष्य की दिशा को रचनात्मक अभिव्यक्ति देना था।
पहली बार आम लोगों, युवाओं और रचनात्मक प्रतिभाओं को यह अवसर मिला कि वे अपनी कल्पना के जरिए एमडीडीए की पहचान का हिस्सा बनें।
प्रतियोगिता में मिली प्रविष्टियों ने दिखाया कि किसी संस्था से जुड़ाव केवल उसके काम को देखने तक सीमित नहीं रहता। जब लोगों को अपनी सोच रखने का अवसर मिलता है तो वही जुड़ाव एक नई पहचान का रूप ले सकता है। इसी भावना के साथ चयनित श्रेष्ठ प्रविष्टियों के रचनाकारों को सम्मानित किया गया।
मैस्कॉट और स्लोगन से सामने आएगी संस्था की सोच
इस पहल के जरिए एमडीडीए ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि किसी संस्था की पहचान उसके काम के साथ-साथ उसकी सोच और समाज से उसके रिश्ते से भी बनती है।
मैस्कॉट और स्लोगन जैसे छोटे लेकिन प्रभावशाली प्रतीक किसी संस्था के विजन, मूल्यों और जनसरोकारों को सरल भाषा और दृश्य रूप में लोगों तक पहुंचाने का माध्यम बन सकते हैं।
बंशीधर तिवारी बोले- विकास के साथ जनभागीदारी और नवाचार भी जरूरी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि प्रतियोगिता में सामने आई रचनात्मकता इस बात का प्रमाण है कि लोगों में एमडीडीए को लेकर अपनी कल्पना और विचार हैं।
उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की कोशिश रहेगी कि विकास के साथ-साथ जनभागीदारी और नवाचार को भी आगे बढ़ाया जाए।कार्यक्रम में प्रतियोगिता में शामिल सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की गई।
विजेताओं के सम्मान के साथ समारोह ने यह संदेश भी दिया कि जब किसी संस्था की पहचान बनाने की प्रक्रिया में समाज की कल्पना शामिल होती है, तो वह पहचान सिर्फ एक प्रतीक नहीं रहती, बल्कि लोगों से जुड़ी कहानी बन जाती है।
- MDDA Mascot Competition 2026: स्नेहा भण्डारी के मैस्कॉट ने जीता पहला पुरस्कार, अनुराग रमोला और अंकिता बिष्ट भी सम्मानित
- MDDA Mascot Competition 2026: पूरी पुरस्कार सूची
प्रतियोगिता । स्थान । विजेता । पुरस्कार
मैस्कॉट डिजाइन । प्रथम । स्नेहा भण्डारी। ₹50,000
मैस्कॉट डिजाइन । द्वितीय । अनुराग रमोला। ₹30,000
मैस्कॉट डिजाइन । तृतीय । अंकिता बिष्ट। ₹15,000
स्लोगन । प्रथम । अंकित सिंह रावत। ₹10,000



