
Helpline Number
1070
0135-2710334
82188 67005
SEOC Uttarakhand Dehradun

देहरादून/चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले के मायापुर-पीपलकोटी में टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में अचानक मलबा और पानी भरने से हुए हादसे के बाद देर रात तक युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी घटना की सूचना मिलते ही देर रात राज्य आपदा परिचालन केंद्र, देहरादून पहुंचे और वहीं से राहत एवं बचाव अभियान की निगरानी करते हुए अधिकारियों को हर संभव संसाधन जुटाकर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के निर्देश दिए।
ताजा उपलब्ध अपडेट के मुताबिक 18 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि टनल के भीतर फंसे अन्य लोगों को निकालने के लिए अभियान जारी रहा। हालांकि, हादसे के शुरुआती घंटों में टनल के भीतर मौजूद मजदूरों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। लिहाजा रेस्क्यू पूरा होने तक अंतिम संख्या स्पष्ट होना बाकी है।
आपदा परिचालन केंद्र से CM धामी ने संभाली कमान
मुख्यमंत्री धामी ने राज्य आपदा परिचालन केंद्र से चमोली जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना और अन्य संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए रखा। उन्होंने अधिकारियों से पल-पल की जानकारी लेते हुए निर्देश दिया कि टनल में मौजूद प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने रेस्क्यू किए गए मजदूरों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधे बातचीत कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने मजदूरों का मनोबल बढ़ाते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। घायलों के उपचार और जरूरत पड़ने पर उन्हें उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
मलबा और पानी भरने से बिगड़ी स्थिति
हादसा गुरुवार शाम मायापुर-पीपलकोटी क्षेत्र में स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में हुआ। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक अचानक पानी और मलबा टनल में आने से अंदर काम कर रहे मजदूर फंस गए। स्थानीय विधायक लखपत बुटोला ने भी शुरुआती जानकारी में बताया था कि टनल के भीतर दलदल आने के बाद मजदूर फंस गए थे।
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना और अन्य एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं। चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान की निगरानी की।
घायलों के इलाज के लिए अस्पताल अलर्ट
हादसे के बाद चमोली जिला अस्पताल समेत आसपास की चिकित्सा व्यवस्थाओं को अलर्ट किया गया। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार कई घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई गई। घटनास्थल पर एंबुलेंस और मेडिकल टीमों को भी तैनात किया गया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घायलों के इलाज में किसी भी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए। गंभीर स्थिति होने पर हेलीकॉप्टर के माध्यम से एम्स ऋषिकेश या अन्य उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर करने की व्यवस्था भी तैयार रखी जाए।
444 मेगावाट की विष्णुगाड-पीपलकोटी परियोजना का हिस्सा है टनल
यह हादसा विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में हुआ है। परियोजना की क्षमता करीब 444 मेगावाट है। हिमालयी क्षेत्र की जटिल भूगर्भीय परिस्थितियों में बन रही इस परियोजना के टनल निर्माण में पहले भी दुर्घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
दिसंबर 2025 में भी इसी परियोजना की टनल में दो लोको ट्रेनों की टक्कर का हादसा हुआ था, जिसमें बड़ी संख्या में कर्मचारी घायल हुए थे।
रेस्क्यू पूरा होने तक ऑपरेशन जारी
मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जब तक टनल में मौजूद सभी लोगों को सुरक्षित बाहर नहीं निकाल लिया जाता, तब तक राहत एवं बचाव अभियान पूरी ताकत और समन्वय के साथ जारी रखा जाए।
राज्य सरकार का पूरा फोकस फिलहाल “हर व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने” पर है। रेस्क्यू अभियान में लगी विभिन्न एजेंसियां लगातार मलबा हटाने और टनल के भीतर पहुंच बनाने में जुटी हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने झारखंड एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से की दूरभाष पर वार्ता, टनल हादसे से प्रभावित श्रमिकों को हरसंभव सहायता का दिया भरोसा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जनपद के मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा एवं पानी भरने की घटना के संबंध में झारखंड के मुख्यमंत्री एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से दूरभाष पर वार्ता की।
मुख्यमंत्री धामी ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को टनल में फंसे उनके राज्यों के श्रमिकों की स्थिति से अवगत कराया और बताया कि उत्तराखंड सरकार द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान संचालित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप 18 श्रमिकों का सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है तथा शेष प्रभावित श्रमिकों के लिए भी सभी आवश्यक प्रयास निरंतर जारी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रेस्क्यू किए गए श्रमिकों के उपचार में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं रखी जा रही है। उन्हें तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है तथा आवश्यकता के अनुरूप विशेषज्ञ उपचार, दवाइयों, आवास, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी श्रमिक को उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर करने की आवश्यकता होगी तो उसके लिए भी समुचित व्यवस्था की जाएगी।
मुख्यमंत्री धामी ने झारखंड एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों को आश्वस्त किया कि उत्तराखंड सरकार उनके राज्यों के प्रत्येक प्रभावित श्रमिक और उनके परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है तथा हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्य सरकारों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखते हुए सभी आवश्यक सूचनाएं साझा की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि है और राज्य सरकार का पूरा तंत्र प्रभावित श्रमिकों की सुरक्षा, उपचार और सहायता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तत्परता के साथ कार्य कर रहा है।
जिलाधिकारी एवं आपदा सचिव से वार्ता कर राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने तथा युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के निर्देश दिए हैं। NDRF एवं SDRF की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। साथ ही प्रभावित मार्ग पर आवागमन जल्द सुचारु करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
इस कठिन समय में हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षा और सकुशल वापसी है। प्रशासन एवं सभी संबंधित एजेंसियां पूरी तत्परता के साथ राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। माँ गंगा से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूँ।”
चमोली:
टीएचडीसी टनल हादसा: जिलाधिकारी गौरव कुमार मौके पर—प्रशासन की टीमें रेस्क्यू अभियान में जुटीं

मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा एवं पानी भरने की सूचना के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी गौरव कुमार स्वयं मौके पर पहुंच गए हैं और राहत एवं बचाव अभियान की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
टनल में फंसे लोगों में से अब तक 16 व्यक्तियों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है, जबकि शेष लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है।
जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना एवं अन्य संबंधित टीमें मौके पर मौजूद हैं। टनल में फंसे लोगों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों एवं रेस्क्यू टीमों से स्थिति की जानकारी लेते हुए बचाव कार्यों को पूरी तत्परता एवं समन्वय के साथ संचालित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन द्वारा घटनास्थल पर आवश्यक संसाधन एवं व्यवस्थाएं जुटाई जा रही हैं तथा पूरे घटनाक्रम पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।




